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क्रिसमस पर सजे चर्च, सामूहिक प्रार्थना पर रोक
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रुड़की में क्रिलमस के मौके पर सजाया गया जादूगर रोड स्थित सेक्रेट हार्ट चर्च।
- फोटो : ROORKEE
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मसीह समाज के प्रमुख पर्व क्रिसमस के उल्लास में शहर और देहात के सभी चर्च सज गए हैं। झालरों की रोशनी से जगमगा रहे चर्चों में बृहस्पतिवार रात से ही प्रभु यीशु की प्रार्थना शुरू हो गई। हालांकि, इस बार कोरोना संक्रमण के चलते सामूहिक प्रार्थना नहीं होगी। कोरोना की गाइडलाइन के साथ सीमित लोग ही प्रार्थना में भाग ले सकेंगे। वहीं, बच्चों और बुजुर्गों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
कोरोना के चलते इस बार क्रिसमस पर चर्चों में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं रहेगी। न ही इस बार झांकियां सजाई जाएंगी। इस बार चर्च में आने वाले श्रद्धालुओं की सीमित संख्या होगी। इतना ही नहीं, चर्च में बुजुर्ग और बच्चों के प्रवेश पर प्रतिबंध रखा गया है। जो लोग चर्च आएंगे, उन्हें कोरोना की गाइडलाइन के साथ मास्क लगाना होगा और शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। शेर कोठी स्थित सेंट एंड्र्यूज चर्च के इंचार्ज किशन मैसी ने बताया कि कोरोना के चलते इस बार चर्च को सिर्फ सजाया गया है। इस बार प्रार्थना के अलावा कुछ नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि प्रार्थना आज सुबह 11:30 बजे होगी, जिसमें सीमित श्रद्धालु ही भाग लेंगे। मैथोडिस्ट चर्च के शशि ने बताया कि इस बार चर्च को झालरों से सजाया गया है। क्रिसमस पर कोरोना के चलते बुजुर्ग और बच्चों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। चर्च में सीमित लोग ही प्रार्थना में भाग लेंगे। उन्हें मास्क और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा। चर्च में प्रार्थना दो भाग में होगी। पहली सुबह दस से 11 और दूसरी 11 से 12 बजे होगी। वहीं, लक्सर में भी क्रिसमस की तैयारियां हो गई हैं। ईसाई समाज के लोगों ने चर्च को झालरों से सजाया है।
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कोरोना के चलते इस बार क्रिसमस पर चर्चों में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं रहेगी। न ही इस बार झांकियां सजाई जाएंगी। इस बार चर्च में आने वाले श्रद्धालुओं की सीमित संख्या होगी। इतना ही नहीं, चर्च में बुजुर्ग और बच्चों के प्रवेश पर प्रतिबंध रखा गया है। जो लोग चर्च आएंगे, उन्हें कोरोना की गाइडलाइन के साथ मास्क लगाना होगा और शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। शेर कोठी स्थित सेंट एंड्र्यूज चर्च के इंचार्ज किशन मैसी ने बताया कि कोरोना के चलते इस बार चर्च को सिर्फ सजाया गया है। इस बार प्रार्थना के अलावा कुछ नहीं होगा।
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उन्होंने बताया कि प्रार्थना आज सुबह 11:30 बजे होगी, जिसमें सीमित श्रद्धालु ही भाग लेंगे। मैथोडिस्ट चर्च के शशि ने बताया कि इस बार चर्च को झालरों से सजाया गया है। क्रिसमस पर कोरोना के चलते बुजुर्ग और बच्चों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। चर्च में सीमित लोग ही प्रार्थना में भाग लेंगे। उन्हें मास्क और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा। चर्च में प्रार्थना दो भाग में होगी। पहली सुबह दस से 11 और दूसरी 11 से 12 बजे होगी। वहीं, लक्सर में भी क्रिसमस की तैयारियां हो गई हैं। ईसाई समाज के लोगों ने चर्च को झालरों से सजाया है।
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