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सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता मां-बेटी के बयान दर्ज किए
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सिविल अस्पताल में जानकारी लेने के बाद लौटती बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना, साथ में सीएमए
- फोटो : ROORKEE
बाल संरक्षण आयोग की टीम ने सिविल अस्पताल पहुंचकर सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता मां-बेटी का हाल जाना। टीम ने मां-बेटी के बयान दर्ज किए। फिलहाल मां और बेटी स्वस्थ हैं। उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है लेकिन अभी दोनों के रहने का कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में मां-बेटी को सुरक्षित आश्रय देने के लिए टीम अधिकारी चर्चा कर रहे हैं।
24 जून की रात एक महिला और उसकी छह साल की बेटी से कार सवार चार लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। बच्ची की हालत खराब होने के कारण वो अस्पताल में भर्ती थी। सोमवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने सिविल अस्पताल पहुंचकर मां-बेटी का हाल जाना।
बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना और आयोग की अनु सचिव रोशनी सती ने मां-बेटी के बयान दर्ज किए। अध्यक्ष गीता खन्ना ने बताया कि पीड़ित बच्ची को घटना से संबंधित कुछ याद नहीं है। बच्ची के भविष्य को देखते हुए यह सही संकेत हैं कि वह धीरे-धीरे सब भूल रही है।
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फिलहाल मां-बेटी दोनों स्वस्थ हैं। उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है लेकिन अभी मां-बेटी के रहने का कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में उनके रहने की व्यवस्था को लेकर सीएमएस, सीएमओ और डीएम से बात की जाएगी। टीम में आयोग के सदस्य विनोद कपूरवाण, सीएमएस डॉ. संजय कंसल आदि शामिल थे।
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24 जून की रात एक महिला और उसकी छह साल की बेटी से कार सवार चार लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। बच्ची की हालत खराब होने के कारण वो अस्पताल में भर्ती थी। सोमवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने सिविल अस्पताल पहुंचकर मां-बेटी का हाल जाना।
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बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना और आयोग की अनु सचिव रोशनी सती ने मां-बेटी के बयान दर्ज किए। अध्यक्ष गीता खन्ना ने बताया कि पीड़ित बच्ची को घटना से संबंधित कुछ याद नहीं है। बच्ची के भविष्य को देखते हुए यह सही संकेत हैं कि वह धीरे-धीरे सब भूल रही है।
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फिलहाल मां-बेटी दोनों स्वस्थ हैं। उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है लेकिन अभी मां-बेटी के रहने का कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में उनके रहने की व्यवस्था को लेकर सीएमएस, सीएमओ और डीएम से बात की जाएगी। टीम में आयोग के सदस्य विनोद कपूरवाण, सीएमएस डॉ. संजय कंसल आदि शामिल थे।