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खनन पट्टे में साझेदारी के नाम पर 68 लाख की ठगी
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लक्सर। एक स्टोन क्रशर स्वामी ने देहरादून के व्यक्ति को खनन पट्टे में साझीदार बनाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की ओर से पुलिस को तहरीर देकर रकम वापसी की गुहार लगाई गई है। पुलिस तहरीर के आधार पर जांच कर रही है।
मूल रूप से इलाहाबाद और हाल देहरादून बलवीर रोड निवासी आशीष अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों उनके परिचित ने लक्सर में तीन लोगों से मुलाकात कराई थी। उनमें से एक लक्सर के भिक्कमपुर क्षेत्र में स्टोन क्रशर का मालिक है। 2018 में तीनों ने आशीष अग्रवाल से खनन के पट्टे में साझेदारी करने की बात कही थी। इसके बाद तीनों ने खनन पट्टे के कागज भी दिखाए। कागजात के सही होने पर वह साझीदारी करने के तैयार हो गए। इसके बाद उन्होंने साझीदारी के लिए तीनों को 68 लाख रुपये दिए थे। रुपये लेने के बाद तीनों ने साझेदारी के कागज तैयार करने की बात कही थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई कागज तैयारी नहीं कराए।
इस पर उन्होंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि उक्त पट्टे में से खनन पहले ही किया जा चुका है। इसके बाद आशीष ने अपनी रकम वापसी करने की बात कही। इस पर तीनों ने पांच लाख रुपये वापस कर दिए, जबकि बाकी की रकम वापस करने से इनकार कर दिया। मंगलवार को आशीष ने अपने अधिवक्ता संजय वर्मा के माध्यम से तीनों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि मामला जांच के लिए भिक्कमपुर चौकी में भेज दिया है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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मूल रूप से इलाहाबाद और हाल देहरादून बलवीर रोड निवासी आशीष अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों उनके परिचित ने लक्सर में तीन लोगों से मुलाकात कराई थी। उनमें से एक लक्सर के भिक्कमपुर क्षेत्र में स्टोन क्रशर का मालिक है। 2018 में तीनों ने आशीष अग्रवाल से खनन के पट्टे में साझेदारी करने की बात कही थी। इसके बाद तीनों ने खनन पट्टे के कागज भी दिखाए। कागजात के सही होने पर वह साझीदारी करने के तैयार हो गए। इसके बाद उन्होंने साझीदारी के लिए तीनों को 68 लाख रुपये दिए थे। रुपये लेने के बाद तीनों ने साझेदारी के कागज तैयार करने की बात कही थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई कागज तैयारी नहीं कराए।
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इस पर उन्होंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि उक्त पट्टे में से खनन पहले ही किया जा चुका है। इसके बाद आशीष ने अपनी रकम वापसी करने की बात कही। इस पर तीनों ने पांच लाख रुपये वापस कर दिए, जबकि बाकी की रकम वापस करने से इनकार कर दिया। मंगलवार को आशीष ने अपने अधिवक्ता संजय वर्मा के माध्यम से तीनों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि मामला जांच के लिए भिक्कमपुर चौकी में भेज दिया है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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