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तीन बाढ़ राहत चौकियों पर लगे सीसीटीवी कैमरे पड़े खराब
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए स्थापित की गई चार बाढ़ राहत चौकियों में से तीन के सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए जिला स्तर पर मॉनिटरिंग की जाती है कि चौकियों पर तैनात कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात हैं या नहीं। निरीक्षण के लिए पहुंचे एसडीएम और तहसीलदार ने तत्काल कैमरे ठीक कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं फिलहाल प्रत्येक चौकी पर तीन शिफ्टों में दो-दो कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
गौरतलब है कि खानपुर क्षेत्र में बरसात के दिनों में गंगा नदी के उफान पर आने से तटबंध क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और बाढ़ का पानी खेतों से होता हुआ गांवों को नुकसान पहुंचाता है। क्षेत्र के दर्जन भर गांवों में कई बार बाढ़ ने कहर बरपाया है। स्थिति यह है कि हर साल गंगा के नजदीक के गांवों के ग्रामीण बरसात के दिनों में अपने रिश्तेदारों के यहां पलायन कर जाते हैं। अक्सर हर बरसात के बाद हजारों बीघा कृषि भूमि में जलभराव हो जाता है और फसलें सड़कर खराब हो जाती हैं। बरसात के मद्देनजर हालात की जानकारी लेने के लिए बृहस्पतिवार को एसडीएम गोपाल राम बिनवाल और तहसीलदार शालिनी मौर्य ने गंगा नदी के टूटे पड़े तटबंधों, बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांचीं। इस दौरान बालावाली के निवर्तमान ग्राम प्रधान रविपाल सैनी व ग्रामीणों ने गंगा नदी के पास चल रहे दो खनन स्टोरेज पर गंगा से अवैध खनन करने की शिकायत की। आरोप लगाया कि अवैध खनन से गंगा की धारा लगातार खानपुर लक्सर क्षेत्र की तरफ मुड़ रही है, जिससे दो दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा सकता है।
साथ ही ध्वस्त पड़े तटबंध की जल्द मरम्मत कराने की मांग की। इस पर एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जल्द ही तटबंध की मरम्मत कराई जाएगी। इसके बाद उन्होंने गोवर्धनपुर, माडाबेला, बालावाली, भिक्कमपुर बाढ़ चौकी का निरीक्षण कर लाइफ जैकेट, तंबू, दवाइयों की किट और टार्च आदि की जानकारी ली। यहां व्यवस्थाएं ठीक मिलीं, लेकिन तीन चौकियों पर कर्मचारियों की मॉनिटरिंग के लिए लगाए गए सीसीटीवी खराब पाए गए। एसडीएम ने बताया कि इन कैमरों की रिपोर्टिंग जिला स्तर पर होती है। निरीक्षण के दौरान माडाबेला, बालावाली और भिक्कमपुर बाढ़ राहत चौकियों के कैमरे खराब थे, जबकि गोवर्धनपुर चौकी पर कैमरा सही था। उन्होंने बताया कि 15 जून से सभी चौकियों पर तीन शिफ्टों में दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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गौरतलब है कि खानपुर क्षेत्र में बरसात के दिनों में गंगा नदी के उफान पर आने से तटबंध क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और बाढ़ का पानी खेतों से होता हुआ गांवों को नुकसान पहुंचाता है। क्षेत्र के दर्जन भर गांवों में कई बार बाढ़ ने कहर बरपाया है। स्थिति यह है कि हर साल गंगा के नजदीक के गांवों के ग्रामीण बरसात के दिनों में अपने रिश्तेदारों के यहां पलायन कर जाते हैं। अक्सर हर बरसात के बाद हजारों बीघा कृषि भूमि में जलभराव हो जाता है और फसलें सड़कर खराब हो जाती हैं। बरसात के मद्देनजर हालात की जानकारी लेने के लिए बृहस्पतिवार को एसडीएम गोपाल राम बिनवाल और तहसीलदार शालिनी मौर्य ने गंगा नदी के टूटे पड़े तटबंधों, बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांचीं। इस दौरान बालावाली के निवर्तमान ग्राम प्रधान रविपाल सैनी व ग्रामीणों ने गंगा नदी के पास चल रहे दो खनन स्टोरेज पर गंगा से अवैध खनन करने की शिकायत की। आरोप लगाया कि अवैध खनन से गंगा की धारा लगातार खानपुर लक्सर क्षेत्र की तरफ मुड़ रही है, जिससे दो दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा सकता है।
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साथ ही ध्वस्त पड़े तटबंध की जल्द मरम्मत कराने की मांग की। इस पर एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जल्द ही तटबंध की मरम्मत कराई जाएगी। इसके बाद उन्होंने गोवर्धनपुर, माडाबेला, बालावाली, भिक्कमपुर बाढ़ चौकी का निरीक्षण कर लाइफ जैकेट, तंबू, दवाइयों की किट और टार्च आदि की जानकारी ली। यहां व्यवस्थाएं ठीक मिलीं, लेकिन तीन चौकियों पर कर्मचारियों की मॉनिटरिंग के लिए लगाए गए सीसीटीवी खराब पाए गए। एसडीएम ने बताया कि इन कैमरों की रिपोर्टिंग जिला स्तर पर होती है। निरीक्षण के दौरान माडाबेला, बालावाली और भिक्कमपुर बाढ़ राहत चौकियों के कैमरे खराब थे, जबकि गोवर्धनपुर चौकी पर कैमरा सही था। उन्होंने बताया कि 15 जून से सभी चौकियों पर तीन शिफ्टों में दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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