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नकली दवा मामले में पांच पर मुकदमा दर्ज
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नकली दवा बनाने और कोरियर करने के मामले में पुलिस ने फैक्टरी मालिक सहित पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। ड्रग विभाग की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। खास बात ये है कि मुख्य आरोपी एक साल पहले भी नकली दवा बनाने के आरोप में जेल जा चुका है।
ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह राणा ने 12 अगस्त को टीम के साथ मालवीय चौक स्थित कोरियर सेंटर पर छापा मारा था। टीम को वहां पांच पेटियों में नकली दवाएं मिली थीं। उनकी कीमत करीब 11 लाख रुपये बताई गई थी। दवाओं पर काशीपुर में निर्मित होने का लेवल लगा था जबकि उन्हें कोरियर के माध्यम से प्रयागराज भेजा जा रहा था। मामले में ड्रग विभाग ने पड़ताल शुरू की तो कई परतें उठीं। दरअसल, ये दवाएं काशीपुर में नहीं बल्कि रुड़की के पास माधोपुर में एक फैक्टरी में बनाकर फर्जी लेवल लगाया जा रहा था। खास बात ये है कि ड्रग विभाग माधोपुर स्थित इस फैक्टरी को पिछले साल भी नकली दवाएं पकड़े जाने पर सील कर चुका था। साथ ही मुख्य आरोपी प्रवीण त्यागी और एक अन्य को जेल भेज दिया था। प्रवीण त्यागी ने जमानत पर बाहर आकर फिर से सील फैक्टरी में ही नकली दवा बनाने का काला कारोबार शुरू कर दिया। कोरियर सेंटर मालिक की निशानदेही पर ड्रग विभाग की टीम ने फैक्टरी पर छापा मारकर करीब 60 लाख रुपये की दवाएं पकड़ीं। साथ ही फैक्टरी को दोबारा सील कर दिया था। गंगनहर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह राणा की तहरीर पर धोखाधड़ी, औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में फैक्टरी मालिक प्रवीण त्यागी, गार्ड अमित कुमार निवासी इकबालपुर, शंतरपाल निवासी चुनौटी, राहुल और अनुज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह राणा ने 12 अगस्त को टीम के साथ मालवीय चौक स्थित कोरियर सेंटर पर छापा मारा था। टीम को वहां पांच पेटियों में नकली दवाएं मिली थीं। उनकी कीमत करीब 11 लाख रुपये बताई गई थी। दवाओं पर काशीपुर में निर्मित होने का लेवल लगा था जबकि उन्हें कोरियर के माध्यम से प्रयागराज भेजा जा रहा था। मामले में ड्रग विभाग ने पड़ताल शुरू की तो कई परतें उठीं। दरअसल, ये दवाएं काशीपुर में नहीं बल्कि रुड़की के पास माधोपुर में एक फैक्टरी में बनाकर फर्जी लेवल लगाया जा रहा था। खास बात ये है कि ड्रग विभाग माधोपुर स्थित इस फैक्टरी को पिछले साल भी नकली दवाएं पकड़े जाने पर सील कर चुका था। साथ ही मुख्य आरोपी प्रवीण त्यागी और एक अन्य को जेल भेज दिया था। प्रवीण त्यागी ने जमानत पर बाहर आकर फिर से सील फैक्टरी में ही नकली दवा बनाने का काला कारोबार शुरू कर दिया। कोरियर सेंटर मालिक की निशानदेही पर ड्रग विभाग की टीम ने फैक्टरी पर छापा मारकर करीब 60 लाख रुपये की दवाएं पकड़ीं। साथ ही फैक्टरी को दोबारा सील कर दिया था। गंगनहर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह राणा की तहरीर पर धोखाधड़ी, औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में फैक्टरी मालिक प्रवीण त्यागी, गार्ड अमित कुमार निवासी इकबालपुर, शंतरपाल निवासी चुनौटी, राहुल और अनुज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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