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कैंटोनमेंट स्कूल रुड़की ने गाड़े झंडे
विनोद कुमार सिंह रुड़की
Updated Fri, 07 Apr 2017 10:34 PM IST
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देश के कैंटोनमेंट बोर्डों में रुड़की स्थित कैंटोनमेंट बोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने झंडे गाड़ दिए हैं। नीति आयोग की ओर से संचालित अटल इनोवेशन मिशन के तहत एटीएल (अटल टिंकरिंग लेबोरेटीज) में इसका चयन किया गया है। इसके तहत नीति आयोग की ओर से चयनित स्कूलों को 20 लाख रुपये की स्पेशल ग्रांट दी जाएगी। मालूम हो कि देशभर में 62 कैंटोनमेंट बोर्ड के स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिसमें एकमात्र रुड़की का चयन किया गया है।
नीति आयोग की ओर से संचालित एटीएल के तहत स्कूलों में नए इनोवेशन को प्रोत्साहित किया जाना है। पहली बार देशभर के सीबीएसई स्कूलों से इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। हजारों स्कूलों को इसमें शामिल किया गया था। मार्च के अंत में जारी की गई सूची में देशभर से 457 स्कूलों को इसके लिए चयनित किया गया है। इसमें उत्तराखंड से कैंटोनमेंट बोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल रुड़की भी शामिल है। रुड़की कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ अनंत आकाश के अनुसार देश के 62 कैंटोनमेंट बोर्ड में एकमात्र रुड़की को एटीएल में शामिल किया गया है। योजना का उद्देश्य युवाओं में सृजनात्मकता, रचनात्मकता और कौशल दक्षता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ रुड़की कैंटोनमेंट स्कूल के छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन मिलेगी बल्कि बोर्ड के लिए भी यह गौरव की बात है।
हाल ही में शुरू की गई है स्मार्ट क्लास
कैंटोनमेंट बोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल रुड़की ने हाल ही में सीनियर विंग के छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लासेज की शुरुआत की है। इसमें एलसीडी प्रोजेक्टर, डेस्कटाप, कंप्यूटर, स्पीकर और अन्य आधुनिक संसाधनों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को किसी भी विषय पर जानकारी दी जा सकती है।
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रुड़की कैंटोनमेंट स्कूल में यह खास...
स्कूल में वर्ष-2012 से वोकेशनल ट्रेनिंग कोर्स के अंतर्गत पांच कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इसमें मोबाइल रिपेयरिंग, सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण, होम डेकोरेशन और इलेक्ट्रिकल ट्रेनिंग छात्र-छात्राओं को दी जा रही है।
योजना के तहत दिल्ली में स्कूलों के छात्र-छात्राओं की ओर से प्रजेनटेंशन दिया गया था। इसमें रुड़की कैंट बोर्ड के छात्र-छात्राओं ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विचार रखे थे।
स्कूल के इंटर में अब तक आर्टस की कक्षाएं चल रही हैं, लेकिन इस वर्ष से कामर्स भी शुरू किया गया है, स्कूल में साइंस की कक्षाएं नहीं चल रही हैं।
>> योजना के तहत स्कूलों में 1500 स्क्वायर फीट जगह अनिवार्य है, इसे अधिकतर स्कूल पूरा करते हैं। रुड़की कैंटोनमेंट भी इस पर खरा उतरता है।
नीति आयोग की ओर से संचालित एटीएल के तहत स्कूलों में नए इनोवेशन को प्रोत्साहित किया जाना है। पहली बार देशभर के सीबीएसई स्कूलों से इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। हजारों स्कूलों को इसमें शामिल किया गया था। मार्च के अंत में जारी की गई सूची में देशभर से 457 स्कूलों को इसके लिए चयनित किया गया है। इसमें उत्तराखंड से कैंटोनमेंट बोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल रुड़की भी शामिल है। रुड़की कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ अनंत आकाश के अनुसार देश के 62 कैंटोनमेंट बोर्ड में एकमात्र रुड़की को एटीएल में शामिल किया गया है। योजना का उद्देश्य युवाओं में सृजनात्मकता, रचनात्मकता और कौशल दक्षता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ रुड़की कैंटोनमेंट स्कूल के छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन मिलेगी बल्कि बोर्ड के लिए भी यह गौरव की बात है।
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हाल ही में शुरू की गई है स्मार्ट क्लास
कैंटोनमेंट बोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल रुड़की ने हाल ही में सीनियर विंग के छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लासेज की शुरुआत की है। इसमें एलसीडी प्रोजेक्टर, डेस्कटाप, कंप्यूटर, स्पीकर और अन्य आधुनिक संसाधनों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को किसी भी विषय पर जानकारी दी जा सकती है।
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रुड़की कैंटोनमेंट स्कूल में यह खास...
स्कूल में वर्ष-2012 से वोकेशनल ट्रेनिंग कोर्स के अंतर्गत पांच कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इसमें मोबाइल रिपेयरिंग, सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण, होम डेकोरेशन और इलेक्ट्रिकल ट्रेनिंग छात्र-छात्राओं को दी जा रही है।
योजना के तहत दिल्ली में स्कूलों के छात्र-छात्राओं की ओर से प्रजेनटेंशन दिया गया था। इसमें रुड़की कैंट बोर्ड के छात्र-छात्राओं ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विचार रखे थे।
स्कूल के इंटर में अब तक आर्टस की कक्षाएं चल रही हैं, लेकिन इस वर्ष से कामर्स भी शुरू किया गया है, स्कूल में साइंस की कक्षाएं नहीं चल रही हैं।
>> योजना के तहत स्कूलों में 1500 स्क्वायर फीट जगह अनिवार्य है, इसे अधिकतर स्कूल पूरा करते हैं। रुड़की कैंटोनमेंट भी इस पर खरा उतरता है।