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महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से पेरशनी
अमर उजाला ब्यूरो मंगलौर
Updated Fri, 06 Jan 2017 10:07 PM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वर्षों से महिला रोग चिकित्सक नहीं है। जबकि केंद्र पर साल भर में औसतन दो हजार प्रसव होते हैं। महिला रोग विशेषज्ञ के अभाव में कई महिलाओं की जान भी जा चुकी है।
यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के सूजित दस पद के सापेक्ष केवल दो ही डाक्टर तैनात हैं। जबकि एक भी महिला रोग विशेषज्ञ नहीं है। नगर एवं आसपास के देहात के कई गांवों की महिलाएं उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का रुख करती है। यहां हर साल दो हजार गर्भवती महिलाएं उपचार एवं प्रसव के लिए आती है, लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर प्रसव पूर्व, प्रसव एवं प्रसव के बाद की पूरी देखभाल और उपचार स्टाफ नर्स ही करती हैं। कई बार जटिलता होने पर गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। एक माह पहले प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने काफी हंगामा किया था।
स्थिति बिगड़ने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं पुलिस को मौके पर आना पड़ा था। रेहाना, उलफत, शबाना आदि महिलाओं का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक की तैनाती की जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र की महिलाओं को उपचार के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। सूत्रों के मुताबिक हाल में एक महिला चिकित्सक को यहां तैनाती दी गई थी, लेकिन उसने अपनी तैनाती नारसन करा ली है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. पीके सिंह का कहना है कि महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है।
यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के सूजित दस पद के सापेक्ष केवल दो ही डाक्टर तैनात हैं। जबकि एक भी महिला रोग विशेषज्ञ नहीं है। नगर एवं आसपास के देहात के कई गांवों की महिलाएं उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का रुख करती है। यहां हर साल दो हजार गर्भवती महिलाएं उपचार एवं प्रसव के लिए आती है, लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर प्रसव पूर्व, प्रसव एवं प्रसव के बाद की पूरी देखभाल और उपचार स्टाफ नर्स ही करती हैं। कई बार जटिलता होने पर गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। एक माह पहले प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने काफी हंगामा किया था।
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स्थिति बिगड़ने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं पुलिस को मौके पर आना पड़ा था। रेहाना, उलफत, शबाना आदि महिलाओं का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक की तैनाती की जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र की महिलाओं को उपचार के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। सूत्रों के मुताबिक हाल में एक महिला चिकित्सक को यहां तैनाती दी गई थी, लेकिन उसने अपनी तैनाती नारसन करा ली है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. पीके सिंह का कहना है कि महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है।
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