रुड़की। रुड़की परिवहन निगम की बसें अब वेदर बल्ब वाली लाइटों से जगमग होंगी। इस लाइट की खास बात यह है कि कोहरा अधिक होने पर यह लाइट स्वयं ही तेज होकर रंग बदल लेती है, जबकि कम कोहरे में ये अंधेरे को चीरने वाली रोशनी देंगी। वहीं अब बसों पर सर्दियों में लगने वाली पीली लाइटें इतिहास बनकर रह जाएंगी।
सर्दियां शुरू होते ही कोहरा बढ़ने पर रोडवेज की बसें प्रभावित होने लगती हैं क्योंकि रोडवेज की बसों के रूट का समय निर्धारित होता है, जबकि कोहरे में चाहकर भी चालक बस की रफ्तार नहीं बढ़ा पाते हैं। ऐेसे में रोडवेज की बसों में अभी तक हर साल विभाग पीले बल्ब वाली लाइट लगाता है। हालांकि ये पीली लाइट इतनी कारगर नहीं थी कि दूर से आने वाला वाहन पूरी तरह से स्पष्ट दिखाई देने लगे। वहीं इस साल अब सर्दियां शुरू होते ही कोहरा आना भी शुरू होने लगा है। ऐसे में इस बार रोडवेज की बसों पर पीली लाइट के बजाय वेदर बल्ब वाली लाइटें लगाई जा रही है। विभाग एक साथ लाइटें लगाने के बजाय उन बसों को वरीयता दे रहा है, जिनकी लाइटें खराब हो चुकी हैं या फिर कम रोशनी देने लगी हैं। रोडवेज बस अड्डे के फोरमैन कय्यूम अहमद ने बताया कि इन वेदर बल्ब वाली लाइटों की खासियत यह है कि अंधेरे में इनकी रोशनी पूरे मार्ग पर दूर तक पड़ती है। जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ता है, लाइट की रोशनी भी बढ़ती चली जाती है। साथ ही गहरा कोहरा होने पर लाइट स्वयं ही गाढ़ी सफेद रोशनी देने लगती है। इससे जहां तक भी लाइट पड़ती है, वहां तक कोहरा खत्म होने जैसा लगता है। वहीं कोहरा कम होने पर रोशनी कम गाढ़ी होते हुए तेज होने लगती है। अब आगे से बसों पर यही लाइट लगाई जाएगी।