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भगवानपुर में बसपा की उम्मीदवारी पर संकट
विनोद कुमार ङ्क्षसह रुड़की
Updated Fri, 10 Feb 2017 10:09 PM IST
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नौकरी से इस्तीफा देकर बसपा के टिकट पर भगवानपुर विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरे रामकुमार राणा की उम्मीदवारी पर संकट मंडराने लगा है। कारण कि फिलहाल संस्थान ने रामकुमार राणा का इस्तीफा मंजूर नहीं किया है और इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारी को भेज दी है। ऐेसे में बसपा उम्मीदवार को करारा झटका लग सकता है।
भगवानपुर से बसपा उम्मीदवार रामकुमार राणा आईटीआई हरिद्वार में इंस्ट्रक्टर के पद पर तैनात हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले 12 फरवरी को उन्होंने पद से इस्तीफा की पेशकश की। इस संबंध में उन्होंने आईटीआई के प्रधानाचार्य को लिखित में इस्तीफा भी सौंप दिया, लेकिन आज तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। आईटीआई हरिद्वार के प्रधानाचार्य मनमोहन कुडिय़ाल के अनुसार त्यागपत्र नियमावली के अनुसार सरकारी पद से इस्तीफा देने से तीन माह पहले कर्मचारी को नोटिस देना होता है, लेकिन रामकुमार राणा की ओर से बिना नोटिस और पूर्व सूचना के अचानक चुनाव लडने के लिए इस्तीफा दिया गया है, जो कि नियम विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागीय निदेशक और जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचना भेज दी गई है।
मामले में उच्चाधिकारियों की ओर से ही निर्णय लिया जाना है। जानकारों के अनुसार बिना इस्तीफा मंजूर हुए कोई कर्मचारी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सकता है। ऐसे में रामकुमार राणा की उम्मीदवारी पर संकट तय माना जा रहा है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एसए मुरुगेशन का कहना है कि फिलहाल मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो इसका परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी प्रत्याशियों की उम्मीदवारी तय हो चुकी है, लेकिन इस तरह की आपत्ति आने के बाद चुनाव के पहले या फिर बाद में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। मामला तकनीकी होने के कारण इसका परीक्षण कराया जाएगा।
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भगवानपुर से बसपा उम्मीदवार रामकुमार राणा आईटीआई हरिद्वार में इंस्ट्रक्टर के पद पर तैनात हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले 12 फरवरी को उन्होंने पद से इस्तीफा की पेशकश की। इस संबंध में उन्होंने आईटीआई के प्रधानाचार्य को लिखित में इस्तीफा भी सौंप दिया, लेकिन आज तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। आईटीआई हरिद्वार के प्रधानाचार्य मनमोहन कुडिय़ाल के अनुसार त्यागपत्र नियमावली के अनुसार सरकारी पद से इस्तीफा देने से तीन माह पहले कर्मचारी को नोटिस देना होता है, लेकिन रामकुमार राणा की ओर से बिना नोटिस और पूर्व सूचना के अचानक चुनाव लडने के लिए इस्तीफा दिया गया है, जो कि नियम विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागीय निदेशक और जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचना भेज दी गई है।
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मामले में उच्चाधिकारियों की ओर से ही निर्णय लिया जाना है। जानकारों के अनुसार बिना इस्तीफा मंजूर हुए कोई कर्मचारी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सकता है। ऐसे में रामकुमार राणा की उम्मीदवारी पर संकट तय माना जा रहा है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एसए मुरुगेशन का कहना है कि फिलहाल मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो इसका परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी प्रत्याशियों की उम्मीदवारी तय हो चुकी है, लेकिन इस तरह की आपत्ति आने के बाद चुनाव के पहले या फिर बाद में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। मामला तकनीकी होने के कारण इसका परीक्षण कराया जाएगा।
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