मालगाड़ी डिरेल, छह टैंकर तालाब में गिरे
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लक्सर। लक्सर से नजीबाबाद जा रही मालगाड़ी खानपुर क्षेत्र के बालावाली से पहले डिरेल हो गई। इस दौरान मालगाड़ी के 50 टैंकरों में से छह तालाब में जा गिरे। इनमें से चार टैंकरों में पेट्रोल और दो टैंकरों में डीजल भरा हुआ था। घटना में करीब 240 हजार लीटर तेल बरबाद हुआ है। इससे रेलवे को करीब छह करोड़ रुपये की चपत लगी है। करीब एक किलोमीटर लंबा ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हुआ है। हादसे के बाद डाउन लाइन का यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
सोमवार सुबह करीब छह बजे एक मालगाड़ी लक्सर से नजीबाबाद की ओर जा रही थी। इसमें दो ड्राइवर चंदसेन व रजनीश प्रताप के अलावा एक गार्ड शकीलुदीन भी तैनात था। मालगाड़ी जैसेे ही खानपुर क्षेत्र के बालावाली स्टेशन के पास पहुंची तो यह डिरेल हो गई और इसके पिछले छह टैंकर अलग होकर पानी के तालाब में जा गिरे। सूचना पर रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे रेलवे के डीआरएम प्रमोद कुमार ने अधीनस्थों के साथ मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मामले की जांच पड़ताल के साथ ट्रैक को भी ठीक करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। लेकिन प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि आधे से अधिक ट्रेन गुजर जाने के बाद पटरी का ज्वांइट खुलने के कारण हादसा हुआ है। डीआरएम प्रमोद कुमार ने बताया कि घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय कमेटी में एक सुरक्षा अधिकारी और तीन अन्य अधिकारी शामिल किए गए हैं।
एक टैंकर में 40 हजार लीटर तेल
लक्सर। प्रत्येक टैंकर में 40 हजार लीटर तेल की क्षमता होती है। जिसकी बाजार में कीमत एक करोड़ से ऊपर बताई जा रही है।
जाते-जाते बची जान
लक्सर। हादसे में पीछे लगाई जाने वाली बोगी में गार्ड शकीलुदीन की जान जाते-जाते बची। बोगी से पहले लगे छह टैंकर पटरी से उतर कर तालाब में जा गिरे। उसके बाद पीछे की बोगी क्षतिग्रस्त होकर ट्रैक पर ही रह गई। यदि बोगी भी टैंकरों के साथ तालाब में गिर जाती तो गार्ड के साथ एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
दर्जनों गाड़ियां प्रभावित
लक्सर। बालावाली के समीप घटना होने से एक दर्जन से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। इनमें डिबरूगढ़, सियालदा, लिंक, जननायक, बांदीकुई आदि शामिल हैं। जबकि गरीब रथ का रूट डायवर्ट किया गया है। डीआरएम ने कहा कि ट्रैक को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। उसके बाद ट्रेनों का संचालन हो पाएगा।