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भाकियू का हुक्का हाइऱ्ईवे पर गुड़गुड़ाया
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:09 AM IST
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मंगलौर। पिछले पेराई सत्र के बकाया का एकमुश्त भुगतान और इस सत्र के लिए गन्ने का भाव 315 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांगों को लेकर भाकियू का धरना-प्रदर्शन और हाईवे जाम 22 घंटे बाद समाप्त हुआ। धरनास्थल पर भाकियू की ओर से सौंपे गए मांगपत्र को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। लेकिन किसानों की मांगों के लिए भाकियू सदस्य रातभर राजमार्ग पर हुक्का गुड़गुड़ाते रहे। खाने और सोने की व्यवस्था हाईवे पर की गई थी। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही।
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किसानों की मांगों के लिए भाकियू ने सोमवार सुबह मंगलौर गुड़ मंडी के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया था। क्षेत्रीय लोगों और वाहन चालकों की परेशानियों को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने रूट डायवर्ट कर दिया था। लेकिन रातभर भी किसान हाईवे पर डटे रहे। भाकियू ने रात के खाने व चाय आदि की व्यवस्था की गई। इसके लिए हाईवे पर रसोई बनाई गई। रुकने के लिए झोपड़ी बनाई गई। इसमें रजाई, गद्दे का इंतजाम किया गया था। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्ड़ियाल जाम स्थल पर पहुंचे। भाकियू नेताओं ने उन्हें एक मांगपत्र सौंपा। इसमें एकमुश्त बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने व गन्ने का मूल्य 315 रुपये की प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग प्रदेश सरकार से की गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दोनों मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। भाकियू नेता संजय चौधरी और रवि कुमार ने 15 दिन के भीतर मांगों को पूरा नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी और धरना-प्रदर्शन व जाम समाप्त किया। उसके बाद भाकियू पदाधिकारियों ने मौजूद किसानों के लिए राजमार्ग पर ही खिचड़ी बनाई। सुबह करीब 11 बजे जाम समाप्त होने के बाद राजमार्ग के दोनों और खड़े गन्ने से लदे ट्रक और ट्रालियों की आवाजाही शुरू हो पाई। तब जाकर क्षेत्रीय लोगों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। मौके पर विजय शास्त्री, अनुज कुमार, सुक्रमपाल, ओमप्रकाश, धर्मेंद्र, रोहित, बालेंद्र, इकबाल, चमन लाल, हरपाल आदि मौजूद रहे।
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किन्नरों ने भी दिया समर्थन
मंगलवार को कुछ किन्नर जाम स्थल पर पहुंचे थे। इन्होंने किसानों की मांगों को जायज बताते हुए भविष्य में आंदोलन में शामिल होने का भरोसा दिलाया।
बसों को लगाना पड़ा 20 किमी अतिरिक्त चक्कर
किसानों की ओर से किए गए हाईवे जाम के दौरान सोमवार और मंगलवार सुबह बस यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ ही रोडवेज को भी चपत लगी। दरअसल मंगलौर में गुड़ मंडी के पास हाईवे जाम होने से बसों को झबरेड़ा, लखनौता, नारसन होकर गुजारा गया, जिससे उन्हें 20 किलोमीटर से अधिक का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ा। रुड़की रोडवेज डिपो के एआरएम जेके शर्मा का कहना है जाम से दिल्ली जाने वाली करीब 16 बसें प्रभावित हुईं। इस दौरान कई यात्रियों का किराया लौटाना पड़ा। दूसरी ओर लोकल वाहन चालकों को भी नहर पटरी होकर करीब पांच किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ा।
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