{"_id":"58483ae84f1c1b9b194490e8","slug":"banks-did-not-cash","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों में नहीं आई नगदी, खाली हाथ लौटे उपभोक्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों में नहीं आई नगदी, खाली हाथ लौटे उपभोक्ता
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Wed, 07 Dec 2016 10:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
एसबीआई मुख्य शाखा सहित अन्य बैंकों में बुधवार को भी नगदी का टोटा बना रहा। ऐसे में नगदी निकासी को बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार अब बृहस्पतिवार को शाम तक कैश आने की उम्मीद है। ऐसे में शुक्रवार से लोगों को कुछ राहत मिल सकेगी।
बैंक अधिकारियों की ओर से बुधवार को कैश आने की संभावना जताई गई थी, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। ऐसे में शहर और देहात के अधिकांश बैंकों में नगदी का संकट बरकरार रहा। बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को एकबार फिर निराश होना पड़ा। एसबीआई के वरिष्ठ सहायक प्रबंधक डीके वर्मा का कहना देहरादून से कैश मंगाया जाना था, लेकिन फोर्स और वाहन की व्यवस्था नहीं होने से बुधवार को नगदी नहीं मंगाई जा सकी। उन्होंने बताया कि अब बृहस्पतिवार को नगदी आ सकेगी। इसके बाद शुक्रवार से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकेगी। मालूम हो कि इससे पहले एसबीआई मुख्य शाखा सहित अन्य बैंकों में पिछले एक सप्ताह से नगदी की कमी चल रही है, जिससे आए दिन उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बैंक अधिकारियों की ओर से बुधवार को कैश आने की संभावना जताई गई थी, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। ऐसे में शहर और देहात के अधिकांश बैंकों में नगदी का संकट बरकरार रहा। बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को एकबार फिर निराश होना पड़ा। एसबीआई के वरिष्ठ सहायक प्रबंधक डीके वर्मा का कहना देहरादून से कैश मंगाया जाना था, लेकिन फोर्स और वाहन की व्यवस्था नहीं होने से बुधवार को नगदी नहीं मंगाई जा सकी। उन्होंने बताया कि अब बृहस्पतिवार को नगदी आ सकेगी। इसके बाद शुक्रवार से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकेगी। मालूम हो कि इससे पहले एसबीआई मुख्य शाखा सहित अन्य बैंकों में पिछले एक सप्ताह से नगदी की कमी चल रही है, जिससे आए दिन उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन