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बैंकों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन
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रुड़की में बैंकों के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन करते अधिकारी व कर्मचारी।
- फोटो : ROORKEE
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बैंकों के निजीकरण के खिलाफ यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के बैनर तले कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रैली निकालकर प्रदर्शन किया। साथ ही सभी कर्मचारियों से लड़ाई में एकजुट होकर साथ देने का आह्वान किया।
बृहस्पतिवार को पुरानी रेलवे रोड स्थित केनरा बैंक की शाखा पर यूनियन के बैनर तले बैंक कर्मियों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान मन्नू माकिन, अनिल अग्निहोत्री, विशाल गुप्ता ने कहा कि सरकार लगातार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण कर उन्हें ऐसे लोगों को सौंपना चाहती है, जो बैंकों का अरबों-खरबों रुपये दबाए बैठे हैं। बैंक कर्मचारी आंदोलन कर इसका विरोध कर रहे हैं। कहा कि निजीकरण के परिणाम स्वरूप बैंकों की शाखाएं कम हो जाएंगी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देश की जीवन रेखा हैं।
उनके निजीकरण के हर कदम का कर्मचारी कड़ा विरोध करते हैं। कार्यकुशलता और जिम्मेदारी से बचने की गलत नीति की आड़ लेकर सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की शुरुआत की है। निजी कंपनियों और अरबपतियों को सौंपने की किसी भी कार्रवाई का कड़ा विरोध किया जाएगा। इस दौरान विनोद गुप्ता विपिन थपलियाल, अर्जुन गांधी, विजय गुप्ता, मनोज खुराना, राकेश सैनी, विपिन मलिक, तरुण त्यागी, अर्जुन गुप्ता, पीयूष, कुलवंत सिंह, पवन, कुलदीप सिंह, प्रमोद, अनिल बजाज, प्रेम सिंह, अजय पाराशर, दीपक कुमार, निधि अग्रवाल, नीना अग्रवाल, शोभना दुआ, मेघा, ममता मेहरा, मंजू धीमान, मीनाक्षी, मोहम्मद आसिफ, ज्योति, शांति, इंद्रा त्यागी मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को पुरानी रेलवे रोड स्थित केनरा बैंक की शाखा पर यूनियन के बैनर तले बैंक कर्मियों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान मन्नू माकिन, अनिल अग्निहोत्री, विशाल गुप्ता ने कहा कि सरकार लगातार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण कर उन्हें ऐसे लोगों को सौंपना चाहती है, जो बैंकों का अरबों-खरबों रुपये दबाए बैठे हैं। बैंक कर्मचारी आंदोलन कर इसका विरोध कर रहे हैं। कहा कि निजीकरण के परिणाम स्वरूप बैंकों की शाखाएं कम हो जाएंगी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देश की जीवन रेखा हैं।
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उनके निजीकरण के हर कदम का कर्मचारी कड़ा विरोध करते हैं। कार्यकुशलता और जिम्मेदारी से बचने की गलत नीति की आड़ लेकर सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की शुरुआत की है। निजी कंपनियों और अरबपतियों को सौंपने की किसी भी कार्रवाई का कड़ा विरोध किया जाएगा। इस दौरान विनोद गुप्ता विपिन थपलियाल, अर्जुन गांधी, विजय गुप्ता, मनोज खुराना, राकेश सैनी, विपिन मलिक, तरुण त्यागी, अर्जुन गुप्ता, पीयूष, कुलवंत सिंह, पवन, कुलदीप सिंह, प्रमोद, अनिल बजाज, प्रेम सिंह, अजय पाराशर, दीपक कुमार, निधि अग्रवाल, नीना अग्रवाल, शोभना दुआ, मेघा, ममता मेहरा, मंजू धीमान, मीनाक्षी, मोहम्मद आसिफ, ज्योति, शांति, इंद्रा त्यागी मौजूद रहे।
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