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वेतन में कटौती से कर्मचारियों में गुस्सा
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रुड़की। आउटसोर्स के स्वास्थ्य कर्मियों ने उनके वेतन से करीब आधी कटौती किए जाने पर एतराज जताया। साथ ही मानकों के अनुसार ईपीएफ फंड नहीं काटे जाने पर भी विभाग के प्रति गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर रुड़की पहुंचे राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद और खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को ज्ञापन सौंपा।
स्वास्थ्य विभाग में पिछले साल आउटसोर्स से करीब 180 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई थी। इन कर्मचारियों का आरोप है कि ज्वाइनिंग के दौरान उन्हें जो मानदेय बताया गया था, उसमें से आधा ही दिया गया है, जबकि उनसे काम पूरा लिया जा रहा है। बताया कि पूरे कोरोना काल में उन्होंने जी जान से काम किया। करीब चार महीने बाद जब वेतन आया तो वेतन में कटौती की गई। मंगलवार को आउटसोर्स कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने खानपुर विधायक के रुड़की कैंप कार्यालय पर राज्यमंत्री यतीश्वरानंद और खानपुर विधायक प्रणव सिंह चैंपियन को ज्ञापन देकर उनकी मांगों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की। बताया कि कुछ दिन पहले एनएचएम कर्मियों का समर्थन करते हुए उन्होंने हड़ताल की थी। अब विभाग ने एनएचएम कर्मियों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवा दी, जबकि उनकी मांगों पर अब भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बताया कि उनके वेतन से 18 प्रतिशत जीएसडी, 24 प्रतिशत ईपीएफ और चार प्रतिशत ईएसआई काटी जा रही है, जबकि उनके ईपीएफ में प्रतिशत के हिसाब से बहुत कम पैसा एकत्र हो रहा है। कर्मचारियों ने वेतन में ज्यादा कटौती का विरोध और एनएचएम में समायोजित की मांग की थी। उनका कहना था कि उन्हें फरवरी से अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। ऐसे में उन्हें घर चलाना भारी हो रहा है।
ज्ञापन देने वालों में ये रहे शामिल
वसीम, साहिब, अंकुर चौधरी, नवनीत सैनी, मनीषा, प्रीती, लक्ष्मी, जूली, सोनिका, प्रियंका त्यागी, रेणू, रुबी, सीमा, शमा परवीन, चारुल गुप्ता, तनुजा नौटियाल, दीक्षा, अमिता, गीता, कोमल, कोमल, पूजा, अंशु गिरि, अरुण, आरती चौहान, अंकुर चौधरी, दीपा सैनी, प्रतिभा सैनी, अंकित सैनी और मीना आदि।
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स्वास्थ्य विभाग में पिछले साल आउटसोर्स से करीब 180 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई थी। इन कर्मचारियों का आरोप है कि ज्वाइनिंग के दौरान उन्हें जो मानदेय बताया गया था, उसमें से आधा ही दिया गया है, जबकि उनसे काम पूरा लिया जा रहा है। बताया कि पूरे कोरोना काल में उन्होंने जी जान से काम किया। करीब चार महीने बाद जब वेतन आया तो वेतन में कटौती की गई। मंगलवार को आउटसोर्स कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने खानपुर विधायक के रुड़की कैंप कार्यालय पर राज्यमंत्री यतीश्वरानंद और खानपुर विधायक प्रणव सिंह चैंपियन को ज्ञापन देकर उनकी मांगों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की। बताया कि कुछ दिन पहले एनएचएम कर्मियों का समर्थन करते हुए उन्होंने हड़ताल की थी। अब विभाग ने एनएचएम कर्मियों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवा दी, जबकि उनकी मांगों पर अब भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बताया कि उनके वेतन से 18 प्रतिशत जीएसडी, 24 प्रतिशत ईपीएफ और चार प्रतिशत ईएसआई काटी जा रही है, जबकि उनके ईपीएफ में प्रतिशत के हिसाब से बहुत कम पैसा एकत्र हो रहा है। कर्मचारियों ने वेतन में ज्यादा कटौती का विरोध और एनएचएम में समायोजित की मांग की थी। उनका कहना था कि उन्हें फरवरी से अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। ऐसे में उन्हें घर चलाना भारी हो रहा है।
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ज्ञापन देने वालों में ये रहे शामिल
वसीम, साहिब, अंकुर चौधरी, नवनीत सैनी, मनीषा, प्रीती, लक्ष्मी, जूली, सोनिका, प्रियंका त्यागी, रेणू, रुबी, सीमा, शमा परवीन, चारुल गुप्ता, तनुजा नौटियाल, दीक्षा, अमिता, गीता, कोमल, कोमल, पूजा, अंशु गिरि, अरुण, आरती चौहान, अंकुर चौधरी, दीपा सैनी, प्रतिभा सैनी, अंकित सैनी और मीना आदि।
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