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...और अपनी ही जेल में बंद हुए बंदीरक्षक

Fri, 05 Jun 2020 10:33 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2020 10:33 PM IST
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... and the prison guards kept in their own prison
रुड़की उपकारागार में यह पहला मौका होगा, जब दो बंदीरक्षक पहले जहां बंदियों की रखवाली करते थे। अब जेल में बंदी बनकर रहेंगे। रंगदारी के मामले में गिरफ्तार कर अस्थाई जेल में भेजे गए दोनों बंदीरक्षकों का 14 दिन का क्वारंटीन का समय पूरा होने के बाद अब उन्हें रुड़की जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। अब वह जेल में उनके साथ भी अन्य बंदियों की तरह ही बर्ताव होगा।
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वैसे तो रुड़की उपकारागार पहले से ही चर्चाओं में रही है। जेलर की हत्या से लेकर गैंगवार समेत कई ऐसे चर्चित मामले जेल में हो चुके हैं, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन यह पहली बार हुआ जब जेल के दो बंदीरक्षकों ने जेल में बंद बदमाश साबिर निवासी ज्वालापुर के कहने पर लालकुर्ती निवासी एक कारोबारी से रंगदारी मांगी हो। इतना ही नहीं दोनों बंदीरक्षक बदमाश के कहने पर कारोबारी के पास पहुंचे और रंगदारी न देने पर हत्या की धमकी भी दी थी। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को 20 मई को हरिद्वार में बनाई गई अस्थाई जेल में भेज दिया था। अब इन दोनों बंदीरक्षकों का 14 दिन का क्वारंटीन का समय पूरा होने पर बृहस्पतिवार को रुड़की जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। रुड़की उपकारागार में यह पहला मौका है, जब जिस कर्मचारी की इसी जेल में तैनाती थी, अब इसी जेल में उसे बंदी बनकर रहना होगा। बंदियों की तरह ही खाने पीने का सामान मिलेगा तो परिजनों से मिलाई के लिए भी पूरी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा। वहीं, जेलर जेपी द्विवेदी ने दोनों के रुड़की जेल में शिफ्ट होने की पुष्टि की है।
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अपनों के साथ बंदियों ने भी किया किनारा
रुड़की जेल में बृहस्पतिवार को शिफ्ट हुए बंदीरक्षक नितिन नागर निवासी रायसी (लक्सर) और सतेंद्र निवासी सोहलपुर से जेल में साथी रहे कर्मचारियों के साथ बंदियों ने भी किनारा कर लिया। जेल सूत्रों की मानें तो दोनों ही करतूत के चलते सभी ने उनसे नजरें चुरा ली। दोनों जेल में शिफ्ट होने के बाद बैरक में तन्हा रहे। बृहस्पतिवार की रात दोनों बैरक में बैचन रहे और देर रात तक जागते रहे। दोनों को रात में बंदियों के साथ खाना दिया गया और शुक्रवार की सुबह भी नाश्ता बंदियों के साथ ही मिला।
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