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पांच महीने बाद फिर घरों में कैद हुए विद्यार्थी

Sun, 16 Jan 2022 08:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 08:48 PM IST
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After five months, students again imprisoned in homes
अर्नव सैनी, ऑनलाइन कक्षाओं पर परिचर्चा। - फोटो : ROORKEE
कोरोना का संक्रमण कम होने पर पांच महीने पहले खुले स्कूल दोबारा बंद होने से बच्चे फिर घरों में कैद हो गए हैं। नए आदेशों के अनुसार अब अग्रिम आदेशों तक स्कूलों को फिर बंद कर ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि अब छात्र नहीं चाहते कि ऑनलाइन कक्षाएं चलें जबकि अभिभावक सरकार के इस फैसले से बच्चों की सलामती को देखते हुए जरूर खुश हैं।
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कोरोना महामारी ने स्कूली बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं की तरफ मोड़ दिया है। शुरू में ऑनलाइन कक्षाएं चली तो छात्रों ने इसका बड़ा आनंद उठाया लेकिन करीब दो साल से लगातार स्कूल नहीं जाने से बच्चे घरों में खुद को कैद महसूस करने लगे थे। पांच महीने पहले एक अगस्त से शासन ने स्कूलों को कोरोना गाइडलाइन के तहत खोलने के आदेश जारी किए तो बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चे उत्साहपूर्वक स्कूल पहुंचे। एक जनवरी को स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां शुरू हो गई थीं। इसी बीच कोरोना ने फिर से पैर पसारने शुरू कर दिए। 17 जनवरी यानी सोमवार को दोबारा स्कूल खोले जाने थे लेकिन लगातार बढ़ते कोरोना के मरीजों को देखते हुए सरकार ने अग्रिम आदेश तक कक्षा एक से 12वीं तक के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए है। इस आदेश के जारी होते ही खुश होने के बजाय बच्चे मायूस हो गए हैं।
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सरकार के फैसले से खुश हैं अभिभाव
स्कूलों को बंद कर ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने से अभिभावकों को राहत मिली है। उनका कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बेहतर फैसला लिया गया है। सिविल लाइंस निवासी अनिता अग्रवाल और सुमन चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगने लगा था। भले ही स्कूल में बच्चों से कोरोना के नियमों का पालन कराया जा रहा है लेकिन बच्चे इस दौरान कई लोगों के संपर्क में आते हैं। वहीं शेरपुर निवासी जैन सैनी का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद करना बेहद जरूरी था।
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विद्यार्थियों का ये है कहना
ऑनलाइन कक्षाओं के बाद जब स्कूल पहुंचे तो पढ़ाई गति पकड़ने लगी थी। ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन कक्षाएं बेहतर हैं। अब दोबारा ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करके उनकी पढ़ाई प्रभावित की जा रही है।
- अर्णव सैनी, कक्षा नौ
ऑनलाइन कक्षाएं देते-देते बोर हो चुके हैं। जब से स्कूल जा रहे थे, खूब मस्ती और पढ़ाई हो रही थी। भले ही ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं लेकिन ऑनलाइन कक्षा में ऑफलाइन कक्षा जैसी पढ़ाई नहीं हो पाती है।

- नंदिनी, कक्षा पांच
दो साल से ऑनलाइन कक्षाएं चलते रहते के बाद स्कूल खुले तो पढ़ाई के साथ जमकर मस्ती की। अब दोबारा ऑनलाइन कक्षाएं करने का बिलकुल भी मन नहीं है। उन्होंने सर्दियों की छुट्टियां ही मुश्किल से काटी हैं।
-खुशी, कक्षा आठ
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