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आम जीवन प्रभावित, किसानों के चेहरे खिले
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 07 Feb 2016 11:26 PM IST
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रुड़की। रविवार तड़के चार बजे से शुरू हुई बारिश से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ। वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे। 46 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल पर तो कृपा बरसी है। मौसम में अचानक आई ठंडक से लोग भी अपने-अपने घरों में दुबकने को मजबूर हुए। इसके अलावा पूरे दिन शहर से देहात तक जगह-जगह विद्युत लाइनों में फाल्ट के चलते बिजली रुलाती रही। तड़के से शुरू हुई रिमझिम बारिश पूरे दिन होती रही। बीच-बीच में बारिश तेज भी होती रही। बाजार सुबह 11 बजे के आसपास खुले। लेकिन बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा छाया रहा।
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बारिश से किसानों को सिंचाई के खर्च की भी बचत
रुड़की। इस बार सर्दियों में मौसम काफी खुश्क रहा। बारिश न होने से खेत आदि भी सूखे पड़े थे। लेकिन इस समय गेहूं, सरसों और गन्ने की फसल तैयार होने वाली है। अच्छी फसल के लिए सिंचाई बेहद जरूर है। जनपद में 46 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं बोई गई है। बिजली की व्यवस्था ठीक न होने की वजह से लोग जनरेटर की मदद से सिंचाई कर रहे थे। तकरीबन दस बीघा फसल में एक बार सिंचाई के लिए किसानों का खर्च करीब एक हजार रुपये आता है। ऐसे में इस बारिश ने किसानों को सिंचाई के मद में लाखों रुपये का फायदा पहुंचाया है। किसान राजकुमार, राजेंद्र कुमार, मंसूर अहमद ने बताया कि रविवार को हुई बारिश फसल के लिए बेहद अच्छी है। हालांकि बारिश कम हुई है। लेकिन इस समय सिंचाई की बेहद जरूरत थी। इस बारिश ने फसलों को न सिर्फ बचाया बल्कि अच्छे ग्रोथ भी देगी। इससे किसानों का सिंचाई पर खर्च होने वाला पैसा भी बच गया है।
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फसलों के लिए सुरक्षा कवच बनी बारिश
लक्सर। रविवार को हुई बारिश माहू रोग से भी गेहूं व सरसों की फसल को बचाएगी। इस रोग का कीड़ा बरसात में धुल कर नष्ट हो जाता है।
लक्सर कृषि विकास खंड के प्रभारी एलआर भास्कर ने बताया कि यह बारिश हर प्रकार की फसलों के लिए लाभदायक होगी। लेकिन गेहूं व सरसों के लिए दोहरी फायदेमंद है। इन दिनों क्षेत्र के कुछ खेतों में गेहूं व सरसों की फसलों में कहीं कहीं माहू नामक रोग लग गया है। इस कीट के कारण गेहूं व सरसों की पत्तियों पर चेप आ जाता है। इसका असर पैदावार पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण यह कीट साफ हो जाता है।
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शहर से देहात तक विद्युत व्यवस्था चरमराई
रुड़की। बारिश के चलते शहर से लेकर देहात तक विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। शहर में सुबह चार बजे अधिकतर कालोनियों की गुल बिजली सुबह आठ बजे आई। लेकिन इसके बाद प्रत्येक आधे घंटे में बिजली आती-जाती रही। कुल मिलाकर शहर में रविवार को करीब सात घंटे विद्युत कटौती ने लोगों को परेशान किया। ऊर्जा निगम के जेई सुरेंद्र कुंवर ने बताया बारिश के कारण कई जगहों पर लाइनों में फाल्ट आने के कारण कटौती करनी पड़ी है। इससे शहर के सिविल लाइंस, रामनगर, रुड़की ब्लाक के आसपास का क्षेत्र, गणेशपुर, आवास विकास, आदर्श नगर, सोलानीपुरम सहित तमाम क्षेत्रों में दिनभर बिजली का संकट रहा। इसके अलावा लक्सर, मंगलौर, भगवानपुर, झबरेड़ा, चुड़ियाला, सुल्तानपुर और खानपुर आदि क्षेत्रों में भी आठ से दस घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
छुट्टी का मजा हुआ किरकिरा
रुड़की। दिनभर बारिश रहने की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाए। पूरा दिन घर में रहने से बच्चों की छुट्टी का मजा किरकिरा रहा। बच्चे अपने अभिभावकों के साथ कहीं घूमने नहीं जा सके। पूरा दिन उन्होंने घर में अपनी छुट्टी बिताई।
कीचड़ से अटे संपर्क मार्ग, परेशानी
रुड़की। बारिश से ऐसे मार्गों पर ज्यादा दिक्कत हुई जो कच्चे और पहले से क्षतिग्रस्त हैं। इन मार्गों पर कीचड़ रहने से लोग दिनभर परेशान रहे। कई जगह कीचड़ इतना हो गया है कि बाइकसवार फिसल कर चोटिल हो रहे हैं।
इनका कहना है
फसलों के लिए यह बारिश काफी लाभदायक साबित होगी। हालांकि अभी यह बारिश पर्याप्त नहीं है। लेकिन इससे कई दिनों से जमीन में नमी बने रहने से फसलों का उत्पादन बढ़ेगा। अभी यह कह पाना मुश्किल है कि इससे उत्पादन में कितने प्रतिशत वृद्धि हो पाएगी।
-डा. पुरुषोत्तम कुमार, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी