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Roorkee News: उत्तम संयम दिवस पर जैन मंदिर में हुआ अभिषेक
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श्री दिगंबर जैन मंदिर में छठे दिन उत्तम संयम धर्म के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान सौधर्म इंद्र बनकर अखिल जैन सम्यक जैन ने भगवान को पांडुकशिला पर विराजमान कराया। इसके बाद विधि-विधान से भगवान का अभिषेक और शांतिधारा कर पुण्यार्जन किया गया।
भोपाल से पधारे पंडित अमन ने उत्तम संयम धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दिगंबर संत संयम की प्रतिमूर्ति होते हैं। जैन संत अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में संयम का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि संयम की साधना को समझने के लिए वर्तमान में मुनि श्री की चर्या प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में मुनि श्री की कई हड्डियां टूटने के बाद भी उनका संयम नहीं टूटा। उन्होंने इंजेक्शन या दर्द निवारक दवा का सेवन नहीं किया।
पंडित अमन ने बताया कि जैन संत 24 घंटे में एक ही बार खड़े होकर आहार ग्रहण करते हैं और उसी समय जल लेते हैं। इसके बाद पूरे दिन कुछ भी ग्रहण नहीं करते। वे सांसारिक वस्तुओं का उपयोग नहीं करते और जीवनभर पैदल विहार करते हैं। वर्तमान में वर्ष 2026 का चातुर्मास अलवर, राजस्थान में चल रहा है। इस दौरान सुगंध दशमी व्रत कथा का वाचन भी किया गया। कार्यक्रम में समाज की समिति के पदाधिकारियों सहित अरिहंत जैन, पंकज जैन, सचिन जैन, गौरव जैन, अनुज जैन, श्रेयांस जैन एडवोकेट, प्रक्षाल, उत्कर्ष, अजय, राजेश आदि मौजूद रहे।
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भोपाल से पधारे पंडित अमन ने उत्तम संयम धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दिगंबर संत संयम की प्रतिमूर्ति होते हैं। जैन संत अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में संयम का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि संयम की साधना को समझने के लिए वर्तमान में मुनि श्री की चर्या प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में मुनि श्री की कई हड्डियां टूटने के बाद भी उनका संयम नहीं टूटा। उन्होंने इंजेक्शन या दर्द निवारक दवा का सेवन नहीं किया।
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पंडित अमन ने बताया कि जैन संत 24 घंटे में एक ही बार खड़े होकर आहार ग्रहण करते हैं और उसी समय जल लेते हैं। इसके बाद पूरे दिन कुछ भी ग्रहण नहीं करते। वे सांसारिक वस्तुओं का उपयोग नहीं करते और जीवनभर पैदल विहार करते हैं। वर्तमान में वर्ष 2026 का चातुर्मास अलवर, राजस्थान में चल रहा है। इस दौरान सुगंध दशमी व्रत कथा का वाचन भी किया गया। कार्यक्रम में समाज की समिति के पदाधिकारियों सहित अरिहंत जैन, पंकज जैन, सचिन जैन, गौरव जैन, अनुज जैन, श्रेयांस जैन एडवोकेट, प्रक्षाल, उत्कर्ष, अजय, राजेश आदि मौजूद रहे।
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