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ढांग के नीचे दबकर किशोर की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 27 Mar 2016 10:16 PM IST
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dhang Girne se kishori ki mqut
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बुग्गावाला क्षेत्र में मोहंड रो नदी में तड़के खनन के दौरान ढांग के नीचे दबने से एक 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। खनन में जुटे अन्य लोगों की मदद से पिता ने उसे जैसे तैसे बाहर निकाला। लेकिन छुटमलपुर अस्पताल पहुंचने से पहले किशोर की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को बिना सूचना दिए गांव लाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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रविवार सुबह पांच बजे बंजारेवाला निवासी धर्मपाल अपने 14 वर्षीय पुत्र राहुल के साथ मोहंड रो नदी में भैंसा बोगी से खनन कर रहा था।
इसी बीच खनन की खुदाई से नदी में बनी गहराई में खनन करते समय अचानक राहुल के ऊपर ढांग गिर गई। धर्मपाल ने ढांग के नीचे बेटे के दबने का शोर मचाया तो आसपास खनन कर रहे लोग उसकी ओर दौड़ पड़े। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद जैसे-तैसे राहुल को बाहर निकाला गया। उसके बाद आनन-फानन में उसे छुटमलपुर (सहारनपुर) स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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उसके बाद परिजन और ग्रामीण राहुल को लेकर वापस गांव पहुंचे और बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया। घटना के बाद से गांव में मातम छाया हुआ है। थानाध्यक्ष भगवान मेहर का कहना है कि पुलिस को ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं मिली है। इससे पहले 16 मार्च को सुल्तानपुर क्षेत्र में गंगा में खनन के लिए पुल बनाने के काम में मजदूरी में लगे छात्र विरेंद्र पुत्र तजेंद्र निवासी फतवा की गंगा में डूबने से मौत हो गई थी।
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खाई दे रही मौत को दावत
भले ही प्रशासन इस बात के दावे करता रहा हो कि अवैध खनन पर कार्रवाई की जा रही है। लेकिन बुग्गावाला क्षेत्र की मोहंड रो नदी का मंजर देखा जाए तो वह अवैध खनन की सच्चाई को उजागर करती है। नदियों में पूरी तरह खनन बंद है। बावजूद इसके नदियों को 15 से 20 फीट गहरा खोद दिया गया है। इसकी पुष्टि हाल ही में एंटी माइनिंग टीम के औचक निरीक्षण के दौरान भी हो चुकी है।
कब तक जाती रहेगी अवैध खनन में जानें
अवैध खनन लगातार लोगों की जान ले रहा है। लेकिन अधिकारियों की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। प्रशासन न सुरक्षा के मद्देनजर कोई ठोस कदम उठा रहा है और न अवैध खनन रोक पा रहा है। विगत 16 मार्च को गंगा में खनन के लिए बनाए जा रहे पुल पर मजदूरी कर रहे कक्षा दस के छात्र विरेंद्र की गंगा में डूबने से मौत हो गई थी। 25 मार्च को सुल्तानपुर क्षेत्र में ही गंगा से खनन भरकर ला रहे शहजाद पुत्र जमील निवासी रतनपुर भारापुर भौंरी का ट्रैक्टर नदी में धंस गया था।
उसको बाहर निकालते समय शहजाद की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। इससे एक दिन पहले 24 मार्च को भोगपुर निवासी एक व्यक्ति ढांग में दब गया। जिससे उसका पैर टूट गया। इसके अलावा पिछले एक साल में इस तरह के हादसे में एक दर्जन लोग जान गवां चुके हैं। इसके अलावा खनन के खेल में रंजिश के चलते भी कई जानें जा चुकी हैं। करीब दो साल पहले लक्सर क्षेत्र के रायसी निवासी मोंटी की खनन माफिया के विरोध के चलते गोली मारकर हत्या कर दी थी। एक साल पहले बुग्गावाला क्षेत्र में क्रशर के मुंशी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। ओवरलोड खनन के वाहनों से दुर्घटना में भी कई लोगों की जानें जा चुकी हैं।