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Roorkee News: पीड़ित के पैन नंबर पर 4.5 लाख का कर्ज, बैंककर्मियों पर मिलीभगत का संदेह
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कोतवाली गंगनहर क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इसमें एक व्यक्ति के पैन नंबर का कथित दुरुपयोग कर वर्ष 2015 में करीब साढ़े चार लाख रुपये का वाहन ऋण स्वीकृत कर लिया गया। पीड़ित का आरोप है कि यह ऋण उसकी जानकारी के बिना बैंक की गणेशपुर, रुड़की शाखा से पास किया गया। बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है।
गाधारोणा निवासी सुनील गोस्वामी ने कोतवाली गंगनहर को दी तहरीर में बताया कि जब उन्होंने अपने कार्य के लिए लोन लेने के लिए ऑनलाइन सिबिल स्कोर चेक किया तो उन्हें इस फर्जी ऋण की जानकारी हुई। आरोप है कि यह लोन एक मारुति शिफ्ट डिजायर कार खरीदने के लिए दिया गया था जबकि न तो वाहन उनके नाम पंजीकृत है और न ही जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई, वह उनका है।
पीड़ित का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड में केवल उनका पैन नंबर दर्ज है अन्य कोई वैध पहचान दस्तावेज नहीं। बैंक से दस्तावेज मांगने पर कथित तौर पर कर्मचारियों ने सहयोग से इन्कार किया और उन्हें बैंक से बाहर निकाल दिया। वर्ष 2020-21 में नोटिस देने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। पीड़ित ने मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर बैंक व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
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गाधारोणा निवासी सुनील गोस्वामी ने कोतवाली गंगनहर को दी तहरीर में बताया कि जब उन्होंने अपने कार्य के लिए लोन लेने के लिए ऑनलाइन सिबिल स्कोर चेक किया तो उन्हें इस फर्जी ऋण की जानकारी हुई। आरोप है कि यह लोन एक मारुति शिफ्ट डिजायर कार खरीदने के लिए दिया गया था जबकि न तो वाहन उनके नाम पंजीकृत है और न ही जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई, वह उनका है।
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पीड़ित का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड में केवल उनका पैन नंबर दर्ज है अन्य कोई वैध पहचान दस्तावेज नहीं। बैंक से दस्तावेज मांगने पर कथित तौर पर कर्मचारियों ने सहयोग से इन्कार किया और उन्हें बैंक से बाहर निकाल दिया। वर्ष 2020-21 में नोटिस देने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। पीड़ित ने मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर बैंक व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
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