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वन पूजन के साथ रामकथा का समापन
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
नवरात्र के अवसर पर सुनाई जा रही रामकथा का शनिवार को हवन पूजन के साथ समापन हो गया। पूजन और आरती में श्रद्धालुओं ने अपनी भागीदारी दर्ज की। इसके बाद मंदिर में भंडारे का भी आयोजन किया गया।
रुड़की के रामनगर स्थित राम मंदिर में नवरात्र के अवसर पर रामकथा सुनाई गई। रामनवमी के दिन इसका समापन किया गया। वाराणसी से आए कथावाचक छविनाथ दुबे ने कहा कि रामजन्म और चैत्र नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं ने रामकथा का रसपान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। समापन अवसर पर हवन पूजन के बाद भंडारा भी कराया गया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की भक्ति ही जीवन के मार्ग को आसान कर सकती है। इस अवसर पर संजय अरोड़ा, कैलाश सेमवाल, जगदीश मेहंदीरत्ता, सतीश कालरा, प्रेमप्रकाश त्यागी, रत्नाकर शर्मा, वीके गुप्ता, इंद्रेश पुष्कर त्रिपाठी, प्रिया सेमवाल, रानी रावत, राज सेतिया, द्रोपदी लखानी, सरोज ध्यानी, शकुंतला, चंद्रकांता आदि मौजूद रहे।
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नवरात्र के अवसर पर सुनाई जा रही रामकथा का शनिवार को हवन पूजन के साथ समापन हो गया। पूजन और आरती में श्रद्धालुओं ने अपनी भागीदारी दर्ज की। इसके बाद मंदिर में भंडारे का भी आयोजन किया गया।
रुड़की के रामनगर स्थित राम मंदिर में नवरात्र के अवसर पर रामकथा सुनाई गई। रामनवमी के दिन इसका समापन किया गया। वाराणसी से आए कथावाचक छविनाथ दुबे ने कहा कि रामजन्म और चैत्र नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं ने रामकथा का रसपान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। समापन अवसर पर हवन पूजन के बाद भंडारा भी कराया गया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की भक्ति ही जीवन के मार्ग को आसान कर सकती है। इस अवसर पर संजय अरोड़ा, कैलाश सेमवाल, जगदीश मेहंदीरत्ता, सतीश कालरा, प्रेमप्रकाश त्यागी, रत्नाकर शर्मा, वीके गुप्ता, इंद्रेश पुष्कर त्रिपाठी, प्रिया सेमवाल, रानी रावत, राज सेतिया, द्रोपदी लखानी, सरोज ध्यानी, शकुंतला, चंद्रकांता आदि मौजूद रहे।
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