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कहीं लापरवाही से जंक खा रही गाडी, कहीं हो रही चोरी
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। जल संस्थान के अधिकारियों की लापरवाही से गांधी वाटिका में सीवर लाइन साफ करने वाले वाली जेटिंग मशीन वाली गाड़ी खड़े खड़े जंग खाकर खराब हो गई है। वहीं दूसरी मशीन वाली गाड़ी जो वर्तमान में काम कर रही है उसकी कभी बैटरी चोरी तो कभी पंप का पाइप चोरी हो रहा है, लेकिन इन चोरियों को रोकने के लिए जल संस्थान की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। चोरी की घटनाएं बढ़ती ही जा रही है।
तत्कालीन नगर पालिका क्षेत्र में सीवर लाइनों की सफाई के लिए तत्कालीन विधायक सुरेश चंद्र जैन की ओर से 2004 में जल संस्थान को एक जेटिंग मशीन वाली गाड़ी दी गई थी। कुछ समय चलने के बाद रख रखाव के अभाव में यह वाहन जंक खाकर कबाड़ हो गया। उसके बाद तत्कालीन सांसद राजेंद्र बाडी ने सांसद निधि से वर्ष 2009-10 में जल संस्थान को एक जेटिंग मशीन वाली गाड़ी दी, लेकिन लापरवाही के चलते इस गाड़ी से कभी बैटरी चोरी हो रही है तो कभी जेटिंग मशीन का पाइप चोरी हो रहा है। ऐसे में जल संस्थान इस गाड़ी को कबाड़ बनाने पर तुला हुआ है। स्थिति यह है कि इस गाड़ी की बैटरी चोरी होने के बाद भी जल संस्थान की ओर से बैटरी बाक्स पर ताला नहीं लगाया।
खुले आसमान में खड़ी रहती है गाड़ी
- गांधी वाटिका में जल संस्थान एक गाड़ी खड़े खड़े जंक खाकर खराब हो गई। अब जिस गाड़ी से शहर की ब्लॉक हुई सीवर लाइनों को खोला जाता है, उस गाड़ी को खड़ा करने के लिए भी टिनशेड नहीं है। ऐसे में यह गाड़ी खुले में खड़ी की जा रही है। जहां पर गाड़ी खड़ी की जाती है वहां पर कोई बाउंड्रीवाल न होने से हर समय गाड़ी से सामान चोरी होने का खतरा रहता है। इस गाड़ी से जेटिंग मशीन के पाइप और गाड़ी बैटरी सहित अन्य सामान पहले चोरी हो चुके हैं।
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रात्रि ड्यूटी के नाम पर खानापूर्ति
जल संस्थान की ओर से गांधी वाटिका में वाहनों और अन्य सामान की सुरक्षा के लिए एक कर्मचारी की रात्रि ड्यूटी लगाने की बात कही जाती है, लेकिन जिस प्रकार पांच माह में तीन बार जेटिंग मशीन का सामान और गाड़ी की बैटरी चोरी हो गई, उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि रात्रि ड्यूटी के नाम खानापूर्ति की जा रही है।
जेटिंग मशीन से सामान बैटरी चोरी होने के मामले में अधिशासी अभियंता हरिद्वार और रुड़की के जलकल अभियंता से बात की जाएगी। तहरीर के बाद पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की, पता किया जाएगा।
-सुबोध कुमार, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान
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तत्कालीन नगर पालिका क्षेत्र में सीवर लाइनों की सफाई के लिए तत्कालीन विधायक सुरेश चंद्र जैन की ओर से 2004 में जल संस्थान को एक जेटिंग मशीन वाली गाड़ी दी गई थी। कुछ समय चलने के बाद रख रखाव के अभाव में यह वाहन जंक खाकर कबाड़ हो गया। उसके बाद तत्कालीन सांसद राजेंद्र बाडी ने सांसद निधि से वर्ष 2009-10 में जल संस्थान को एक जेटिंग मशीन वाली गाड़ी दी, लेकिन लापरवाही के चलते इस गाड़ी से कभी बैटरी चोरी हो रही है तो कभी जेटिंग मशीन का पाइप चोरी हो रहा है। ऐसे में जल संस्थान इस गाड़ी को कबाड़ बनाने पर तुला हुआ है। स्थिति यह है कि इस गाड़ी की बैटरी चोरी होने के बाद भी जल संस्थान की ओर से बैटरी बाक्स पर ताला नहीं लगाया।
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खुले आसमान में खड़ी रहती है गाड़ी
- गांधी वाटिका में जल संस्थान एक गाड़ी खड़े खड़े जंक खाकर खराब हो गई। अब जिस गाड़ी से शहर की ब्लॉक हुई सीवर लाइनों को खोला जाता है, उस गाड़ी को खड़ा करने के लिए भी टिनशेड नहीं है। ऐसे में यह गाड़ी खुले में खड़ी की जा रही है। जहां पर गाड़ी खड़ी की जाती है वहां पर कोई बाउंड्रीवाल न होने से हर समय गाड़ी से सामान चोरी होने का खतरा रहता है। इस गाड़ी से जेटिंग मशीन के पाइप और गाड़ी बैटरी सहित अन्य सामान पहले चोरी हो चुके हैं।
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रात्रि ड्यूटी के नाम पर खानापूर्ति
जल संस्थान की ओर से गांधी वाटिका में वाहनों और अन्य सामान की सुरक्षा के लिए एक कर्मचारी की रात्रि ड्यूटी लगाने की बात कही जाती है, लेकिन जिस प्रकार पांच माह में तीन बार जेटिंग मशीन का सामान और गाड़ी की बैटरी चोरी हो गई, उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि रात्रि ड्यूटी के नाम खानापूर्ति की जा रही है।
जेटिंग मशीन से सामान बैटरी चोरी होने के मामले में अधिशासी अभियंता हरिद्वार और रुड़की के जलकल अभियंता से बात की जाएगी। तहरीर के बाद पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की, पता किया जाएगा।
-सुबोध कुमार, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान