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संत स्वयं को भगवान समझ ले तो दिक्कत : राणा केपी सिंह
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की।
निजी कार्यक्रम में पहुंचे पंजाब विधानसभाअध्यक्ष राणा केपी सिंह ने कहा कि संत अगर स्वयं को भगवान समझने लगे तो समस्या निश्चित है। उन्होंने कहा कि संत का कार्य समाज का मार्ग दर्शन करना है, ना कि लोगों की भावनाओं से खेलना।
शुक्रवार को निजी कार्यक्रम में जादूगर रोड निवासी उद्योगपति वाईपी के आवास पर पहुंचे पंजाब विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमारी संस्कृति में संतों को विशेष दर्जा हासिल है। समाज के मायामोह से अलग रहकर संतों का कार्य लोगों का मार्गदर्शन करना और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक करना है। इसके विपरीत आज संत समाज स्वयं को भगवान समझ लेते हैं । जिससे समस्याएं आनी निश्चित है। उन्होंने बिना किसी संत का नाम लिए हुए कहा कि लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने का हक किसी को नहीं है। लगभग दो घंटे तक रुड़की में रहने के बाद पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष राणा केपी सिंह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर शासकीय अधिवक्ता संजीव कौशल, अक्षय प्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।
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रुड़की।
निजी कार्यक्रम में पहुंचे पंजाब विधानसभाअध्यक्ष राणा केपी सिंह ने कहा कि संत अगर स्वयं को भगवान समझने लगे तो समस्या निश्चित है। उन्होंने कहा कि संत का कार्य समाज का मार्ग दर्शन करना है, ना कि लोगों की भावनाओं से खेलना।
शुक्रवार को निजी कार्यक्रम में जादूगर रोड निवासी उद्योगपति वाईपी के आवास पर पहुंचे पंजाब विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमारी संस्कृति में संतों को विशेष दर्जा हासिल है। समाज के मायामोह से अलग रहकर संतों का कार्य लोगों का मार्गदर्शन करना और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक करना है। इसके विपरीत आज संत समाज स्वयं को भगवान समझ लेते हैं । जिससे समस्याएं आनी निश्चित है। उन्होंने बिना किसी संत का नाम लिए हुए कहा कि लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने का हक किसी को नहीं है। लगभग दो घंटे तक रुड़की में रहने के बाद पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष राणा केपी सिंह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर शासकीय अधिवक्ता संजीव कौशल, अक्षय प्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।
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