फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   सरसों के लिए खतरा है यह मौसम, बरतें सावधानी

सरसों के लिए खतरा है यह मौसम, बरतें सावधानी

Wed, 20 Dec 2017 12:21 AM IST
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:21 AM IST
विज्ञापन
सरसों के लिए खतरा है यह मौसम, बरतें सावधानी
लक्सर। इस मौसम में घना कोहरा पड़ना शुरू हो जाता है। कृषि विभाग इस मौसम को सरसों के लिए खतरा मान रहा है। उनका कहना है कि दिन भर धूप नहीं निकली तो सरसों में चेंपा रोग लगा सकता है। जिससे जनपद के सरसों उत्पादक किसानों को नुकसान होने की आशंका है।
विज्ञापन

काफी किसानों ने इस बार आलू की जगह सरसों की खेती करने का निर्णय लिया था। इससे सरसों के बुवाई क्षेत्रफल में भी करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई थी, लेकिन अब आसमान में छाए बादलों ने सरसों के किसानों को चिंतित कर दिया है। दिसंबर माह में घना कोहरा पड़ने लगा है जो सरसों के लिए खतरा बना हुआ है। किसानों का कहना है कि आमतौर से दिसंबर के अंतिम सप्ताह अथवा जनवरी के पहले सप्ताह में ही लगभग 10 से 15 दिनों के लिए कोहरा पड़ता है। इस बार अभी से कोहरा पड़ने लगा है। इससे सरसों में चेंपा रोग लगने का खतरा बढ़ गया है। इससे सरसों पर फली नहीं बनेगी। इससे सरसों में काफी नुकसान हो जाएगा।
विज्ञापन

चेंपा रोग का कीड़ा हल्के हरे और पीले रंग का होता है। यह प्रौढ़ एवं शिशु पत्तियों की निचली सतह और फूलों की टहनियों पर समूह में पाए जाते हैं। यह कीड़े प्रौढ़ व शिशु पौधों के विभिन्न भागों से रस चूसकर नुकसान पहुंचाते हैं। लगातार नुकसान करने पर पौधों के विभिन्न भाग चिपचिपे हो जाते हैं जिन पर काला कवक लग जाता है। परिणामस्वरूप पौधों की भोजन बनाने की ताकत कम हो जाती है। जिससे पैदावार में कमी हो जाती है। कीट ग्रस्त पौधे की वृद्धि रुक जाती है कभी-कभी तो फलियां भी नहीं लगती और यदि लगती हैं तो उनमें दाने छोटे रह जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed