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आश्वासन पर माने किसान, टाला आत्मदाह का निर्णय
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने आज प्रस्तावित आत्मदाह के निर्णय को टाल दिया है। अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में उच्च अधिकारियों के साथ उनकी बैठक कराई जाएगी, जिसमें मांगों को लेकर अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। इसके बाद किसानों ने गणतंत्र दिवस के दिन प्रस्तावित आत्मदाह के निर्णय को फिलहाल टाल दिया है।
रुड़की-देवबंद रेल लाइन के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि के मुआवजे के लिए किसान आंदोलन कर रहे हैं। भिस्तीपुर आदि के किसानों की मांग है कि समझौते के तहत परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए या मुआवजा बढ़ाकर दिया जाए। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांग पर संज्ञान नहीं लिया जाता है तो वह आत्मदाह करेंगे। इसे देखते हुए शुक्रवार को एएसडीएम रविंद्र बिष्ट और एसपी देहात नवीन सिंह ने किसानों के साथ तहसीलदार सभागार में बैठक की। किसान, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों के नेतृत्व में बैठक में पहुंचे। इस दौरान किसानों का कहना था कि उनकी जमीन चली गई और उचित मुआवजा भी नहीं मिला। ऐसे में किसानों के सामने आत्मदाह के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा है। एएसडीएम रविंद्र बिष्ट ने कहा कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में किसानों की रेलवे और प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कराकर मामले का निपटारा कराया जाएगा। इस पर किसान राजी हो गए और आत्मदाह का निर्णय फिलाल टाल दिया। यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने बताया कि आश्वासन के बाद फिलहाल आत्मदाह का निर्णय टाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि किसानों को उनका हक नहीं मिलता है तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस दौरान संजय चौधरी, राकेश लोहान, ओमप्रकाश, मोहम्मद अरशद, किरणपाल, धर्मेंद्र, रवि कुमार, बालेंद्र, राममूर्ति आदि मौजूद रहे।
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पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने आज प्रस्तावित आत्मदाह के निर्णय को टाल दिया है। अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में उच्च अधिकारियों के साथ उनकी बैठक कराई जाएगी, जिसमें मांगों को लेकर अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। इसके बाद किसानों ने गणतंत्र दिवस के दिन प्रस्तावित आत्मदाह के निर्णय को फिलहाल टाल दिया है।
रुड़की-देवबंद रेल लाइन के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि के मुआवजे के लिए किसान आंदोलन कर रहे हैं। भिस्तीपुर आदि के किसानों की मांग है कि समझौते के तहत परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए या मुआवजा बढ़ाकर दिया जाए। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांग पर संज्ञान नहीं लिया जाता है तो वह आत्मदाह करेंगे। इसे देखते हुए शुक्रवार को एएसडीएम रविंद्र बिष्ट और एसपी देहात नवीन सिंह ने किसानों के साथ तहसीलदार सभागार में बैठक की। किसान, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों के नेतृत्व में बैठक में पहुंचे। इस दौरान किसानों का कहना था कि उनकी जमीन चली गई और उचित मुआवजा भी नहीं मिला। ऐसे में किसानों के सामने आत्मदाह के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा है। एएसडीएम रविंद्र बिष्ट ने कहा कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में किसानों की रेलवे और प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कराकर मामले का निपटारा कराया जाएगा। इस पर किसान राजी हो गए और आत्मदाह का निर्णय फिलाल टाल दिया। यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने बताया कि आश्वासन के बाद फिलहाल आत्मदाह का निर्णय टाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि किसानों को उनका हक नहीं मिलता है तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस दौरान संजय चौधरी, राकेश लोहान, ओमप्रकाश, मोहम्मद अरशद, किरणपाल, धर्मेंद्र, रवि कुमार, बालेंद्र, राममूर्ति आदि मौजूद रहे।
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