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समय सीमा खत्म पर नहीं मिला किसानों का भुगतान
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की/ झबरेड़ा।
इकबालपुर शुगर मिल की ओर से अगस्त में किसानों को 12 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद भी किसानों को निराश होना पड़ा। वहीं लक्सर शुगर मिल पर भी किसानों का छह करोड़ से अधिक बकाया है। दूसरी ओर गन्ना बकाया भुगतान के लिए किसान संगठनों के आंदोलन से मिल प्रबंधन और शासन प्रशासन बेपरवाह नजर आ रहा है।
गन्ना पेराई सत्र खत्म हुए चार माह से अधिक बीत गए, लेकिन अब तक शुगर मिलों ने किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया है। यह स्थिति तब है जबकि विभिन्न किसान संगठनों की ओर से इसे लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। गन्ना भुगतान को लेकर कई बार किसान संगठन और सरकार के प्रतिनिधियों से वार्ता भी हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बकाया गन्ना भुगतान में सबसे खराब स्थिति इकबालपुर शुगर मिल की है।
कई बार बैठक और सहमति के बाद भी मिल प्रबंधन की ओर से भुगतान नहीं किया जा सका है। इससे पहले एक अगस्त को भारतीय किसान क्लब और मिल प्रबंधन के बीच बकाया गन्ना भुगतान को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें प्रबंधन ने 25 अगस्त तक 12 करोड़ रुपये भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन माह बीतने के बाद भी मिल प्रबंधन भुगतान नहीं किया। इस संबंध में भारतीय किसान क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष कटार सिंह और प्रदेश अध्यक्ष विकास त्यागी ने कहा कि गन्ना भुगतान को लेकर अब सचिवालय पर धरना देने की तैयारी की जा रही है।
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मिल प्रबंधन का कहना है कि बकाया भुगतान के लिए लोन स्वीकृत होना है, जिसकी प्रक्रिया में विलंब के कारण भुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि यथाशीघ्र किसानों के बकाया भुगतान का प्रयास किया जा रहा है। वहीं लक्सर शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक सुरेश शर्मा का कहना है कि किसानों का लगभग छह करोड़ बकाया भुगतान शेष है, जिसे जल्द ही देने का प्रयास किया जा रहा है।
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रुड़की/ झबरेड़ा।
इकबालपुर शुगर मिल की ओर से अगस्त में किसानों को 12 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद भी किसानों को निराश होना पड़ा। वहीं लक्सर शुगर मिल पर भी किसानों का छह करोड़ से अधिक बकाया है। दूसरी ओर गन्ना बकाया भुगतान के लिए किसान संगठनों के आंदोलन से मिल प्रबंधन और शासन प्रशासन बेपरवाह नजर आ रहा है।
गन्ना पेराई सत्र खत्म हुए चार माह से अधिक बीत गए, लेकिन अब तक शुगर मिलों ने किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया है। यह स्थिति तब है जबकि विभिन्न किसान संगठनों की ओर से इसे लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। गन्ना भुगतान को लेकर कई बार किसान संगठन और सरकार के प्रतिनिधियों से वार्ता भी हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बकाया गन्ना भुगतान में सबसे खराब स्थिति इकबालपुर शुगर मिल की है।
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कई बार बैठक और सहमति के बाद भी मिल प्रबंधन की ओर से भुगतान नहीं किया जा सका है। इससे पहले एक अगस्त को भारतीय किसान क्लब और मिल प्रबंधन के बीच बकाया गन्ना भुगतान को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें प्रबंधन ने 25 अगस्त तक 12 करोड़ रुपये भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन माह बीतने के बाद भी मिल प्रबंधन भुगतान नहीं किया। इस संबंध में भारतीय किसान क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष कटार सिंह और प्रदेश अध्यक्ष विकास त्यागी ने कहा कि गन्ना भुगतान को लेकर अब सचिवालय पर धरना देने की तैयारी की जा रही है।
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मिल प्रबंधन का कहना है कि बकाया भुगतान के लिए लोन स्वीकृत होना है, जिसकी प्रक्रिया में विलंब के कारण भुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि यथाशीघ्र किसानों के बकाया भुगतान का प्रयास किया जा रहा है। वहीं लक्सर शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक सुरेश शर्मा का कहना है कि किसानों का लगभग छह करोड़ बकाया भुगतान शेष है, जिसे जल्द ही देने का प्रयास किया जा रहा है।