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लिब्बरहेड़ी समिति के कार्य अधिकारियों के हवाले, बैठाई जांच
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:53 PM IST
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रुड़की। गन्ने की पर्चियों में अनियमितताएं आदि की शिकायत पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने लिब्बरहेड़ी समिति के चेयरमैन के खिलाफ जांच बैठाते हुए समिति के सभी कामकाज समिति अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सौंप दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच अपर तहसीलदार के नेतृत्व में गठित टीम को सौंप दी है। डीसीओ कार्यालय से भी तीन कर्मचारियों को समिति में तैनात कर दिया है।
पिछले कुछ दिनों से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (जेएम) नितिका खंडेलवाल को शिकायत मिल रही थी कि लिब्बरहेड़ी समिति के चेयरमैन कुलदीप चौधरी जनता दरबार लगाकर अपने चहेतों को गन्ने की पर्चियां जारी कर रहे हैं। इस पर रविवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की मध्यस्थता में किसान यूनियन के पदाधिकारियों एवं समिति के चेयरमैन आदि के साथ बैठक की गई। जेएम ने दोनों पक्षों को सुनते हुए कहा कि गन्ना इंडेंट लिब्बरहेड़ी समिति से ही जारी होगी, लेकिन इस इंडेंट में समिति के चेयरमैन का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। यह कार्य सीधे अपर तहसीलदार और डीसीओ आशीष नेगी की रेखदेख में लिब्बरहेड़ी समिति अधिकारी ही देखेंगे। इसके साथ ही जेएम ने अपर तहसीलदार सुशीला कोठियाल के नेतृत्व में एक टीम भी गठित की है। यह टीम अभी तक चेयरमैन द्वारा जारी की गई पर्चियों की जांच पड़ताल करेंगे। इतना ही नहीं यह जांच कमेटी ही अब समिति के कार्यों का संचालन भी करेगी। जांच के दौरान समिति के चेयरमैन अपने कार्यालय आ सकते हैं, लेकिन उनका कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। साथ ही कार्यालय की चाबी भी समिति सचिव के पास रहेगी। जेएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जो किसान शिकायत लेकर आएगा, उनकी शिकायत का हल कराना समिति प्रतिनिधियों का कर्तव्य है। शुगर मिल के कर्मचारी और कुछ अन्य लोग अधिकारियों को भ्रमित कर झूठे आरोप लगा रहे हैं। जो पूरी तरह आधारहीन हैं। शुगरमिल स्थानीय किसानों का इंडेंट 15-15 दिन तक जारी नहीं कर रहा हैं। कुलदीप चौधरी, चेयरमैन, लिब्बरहेड़ी समिति
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पिछले कुछ दिनों से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (जेएम) नितिका खंडेलवाल को शिकायत मिल रही थी कि लिब्बरहेड़ी समिति के चेयरमैन कुलदीप चौधरी जनता दरबार लगाकर अपने चहेतों को गन्ने की पर्चियां जारी कर रहे हैं। इस पर रविवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की मध्यस्थता में किसान यूनियन के पदाधिकारियों एवं समिति के चेयरमैन आदि के साथ बैठक की गई। जेएम ने दोनों पक्षों को सुनते हुए कहा कि गन्ना इंडेंट लिब्बरहेड़ी समिति से ही जारी होगी, लेकिन इस इंडेंट में समिति के चेयरमैन का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। यह कार्य सीधे अपर तहसीलदार और डीसीओ आशीष नेगी की रेखदेख में लिब्बरहेड़ी समिति अधिकारी ही देखेंगे। इसके साथ ही जेएम ने अपर तहसीलदार सुशीला कोठियाल के नेतृत्व में एक टीम भी गठित की है। यह टीम अभी तक चेयरमैन द्वारा जारी की गई पर्चियों की जांच पड़ताल करेंगे। इतना ही नहीं यह जांच कमेटी ही अब समिति के कार्यों का संचालन भी करेगी। जांच के दौरान समिति के चेयरमैन अपने कार्यालय आ सकते हैं, लेकिन उनका कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। साथ ही कार्यालय की चाबी भी समिति सचिव के पास रहेगी। जेएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जो किसान शिकायत लेकर आएगा, उनकी शिकायत का हल कराना समिति प्रतिनिधियों का कर्तव्य है। शुगर मिल के कर्मचारी और कुछ अन्य लोग अधिकारियों को भ्रमित कर झूठे आरोप लगा रहे हैं। जो पूरी तरह आधारहीन हैं। शुगरमिल स्थानीय किसानों का इंडेंट 15-15 दिन तक जारी नहीं कर रहा हैं। कुलदीप चौधरी, चेयरमैन, लिब्बरहेड़ी समिति
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