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उतराखंड में 2021 तक मिलेगा सबको घर : सीएम
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:13 AM IST
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रुड़की। लंढौरा में आयोजित विकास रैली को संबोधित करते मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में वर्ष-2021 तक सभी को घर और वर्ष 2019 तक सभी को बिजली देने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। मार्च-2018 तक 40 हजार घर बनाकर दे दिए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने लक्सर-रुड़की मार्ग के चौड़ीकरण समेत कई योजनाओं का शिलान्यास किया। साथ ही प्रदेश में लोकायुक्त बनाने की जरूरत को सिरे से नकार दिया।
बृहस्पतिवार को खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की ओर से लंढौरा रंगमहल में आयोजित रैली में मुख्यमंत्री को मुकुट पहनाकर और तलवार भेंटकर स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधायक चैंपियन के प्रस्ताव पर खानपुर विधानसभा क्षेत्र में लघु एवं सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने और चार सिंचाई नलकूप लगाने की घोषणा की। साथ ही सैदाबाद, खानपुर व कलसिया गांव में पेयजल पाइप लाइनें बिछाने, बालावाली नाले पर मिनी पुल का निर्माण और बालावाली चौराहे का नामकरण गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के नाम से करने की बात भी कही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तेजी से विकास हो रहा है। हर माह के आखिरी शुक्रवार से रविवार तक सरकार जनता के द्वार पहुंच रही है। इसके तहत मंत्री गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनकर उनका निराकरण करवा रहे हैं। 670 न्याय पंचायतों में महिलाओं के रोजगार के लिए केंद्र बनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मंच से ही राज्य में लोकायुक्त की जरूरत को सिरे से नकार दिया। तर्क दिया कि जब चोर ही नहीं होगा तो चोरी कैसे होगी। नौ माह में राज्य में भ्रष्टाचार कम हुआ है। उन्होंने एनएच घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में 14 अधिकारियों को जेल हो चुकी है। इनमें एक बाबू भी शामिल है। इसके खाते में एक दिन में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर हुआ है। एनएच घोटाले पर सख्ती के लिए उन्होंने एसआईटी की पीठ भी थपथपाई। कहा एसआईटी ने ऐसी जांच की और तथ्य जुटाएं हैं कि आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिल पा रही है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के व्यक्तिगत कार्यों के बारे में वह कुछ कहे नहीं सकते लेकिन, सार्वजनिक विकास का कोई काम नहीं रोका जाएगा। इससे पूर्व विधायक चैंपियन, जिला पंचायत सदस्य रानी देवयानी, विधायक संजय गुप्ता, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक देशराज कर्णवाल समेत जिला प्रभारी विनय रोहिला, पूर्व दर्जाधारी श्यामवीर सैनी, सुबोध राकेश, पूर्व मंडल अध्यक्ष कल्पना सैनी ने भी विचार रखे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष डा. जयपाल चौहान, जिला महामंत्री अमन त्यागी आदि मौजूद रहे।
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लंढौरा में थाने की घोषणा को टालने पर छाई मायूसी
रुड़की। लंढौरा में चौकी को उच्चीकृत कर थाना बनाए जाने की घोषणा को लेकर सभी की निगाहें मुख्यमंत्री पर टिकी थी। विधायक चैंपियन की ओर से भी दावा किया जा रहा था कि सीएम इसकी घोषणा करेंगे। इस बाबत चैंपियन ने मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भी दिया लेकिन, जब सीएम की घोषणा करने की बारी आई तो उन्होंने थाना बनाए जाने की घोषणा टाल दी। सीएम ने कहा कि क्षेत्र में लॉ एंड ऑर्डर बड़ी समस्या है लेकिन, थाना बनाने से पहले इसका परीक्षण कराएंगे। उसके बाद घोषणा करेंगे। इससे रैली में पहुंच स्थानीय लोग मायूसी हुए।
पहाड़ी मुख्यमंत्री हूं, धीरे-धीरे चलता हूं
रुड़की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर धीमी गति से काम करने के यदा-कदा आरोप लगते रहे हैं। शायद यह बात वह खुद भी जानते हैं लेकिन, लंढौरा में आयोजित रैली में अपने ही अंदाज में इसका जवाब दे दिया। कहा कि लोग कहते हैं कि मैं धीरे-धीरे काम करता हूं, पहाड़ी मुख्यमंत्री हूं, इसलिए धीरे-धीरे चलता हूं। क्योंकि पहाड़ में धीरे-धीरे चला जाता है। तेज चले तो ऐसी जगह गिरेंगे की पता तक नहीं चल पाएगा। इस पर रैली में मौजूद लोगों ने ठहाके लगाए।
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बृहस्पतिवार को खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की ओर से लंढौरा रंगमहल में आयोजित रैली में मुख्यमंत्री को मुकुट पहनाकर और तलवार भेंटकर स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधायक चैंपियन के प्रस्ताव पर खानपुर विधानसभा क्षेत्र में लघु एवं सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने और चार सिंचाई नलकूप लगाने की घोषणा की। साथ ही सैदाबाद, खानपुर व कलसिया गांव में पेयजल पाइप लाइनें बिछाने, बालावाली नाले पर मिनी पुल का निर्माण और बालावाली चौराहे का नामकरण गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के नाम से करने की बात भी कही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तेजी से विकास हो रहा है। हर माह के आखिरी शुक्रवार से रविवार तक सरकार जनता के द्वार पहुंच रही है। इसके तहत मंत्री गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनकर उनका निराकरण करवा रहे हैं। 670 न्याय पंचायतों में महिलाओं के रोजगार के लिए केंद्र बनाए जा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने मंच से ही राज्य में लोकायुक्त की जरूरत को सिरे से नकार दिया। तर्क दिया कि जब चोर ही नहीं होगा तो चोरी कैसे होगी। नौ माह में राज्य में भ्रष्टाचार कम हुआ है। उन्होंने एनएच घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में 14 अधिकारियों को जेल हो चुकी है। इनमें एक बाबू भी शामिल है। इसके खाते में एक दिन में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर हुआ है। एनएच घोटाले पर सख्ती के लिए उन्होंने एसआईटी की पीठ भी थपथपाई। कहा एसआईटी ने ऐसी जांच की और तथ्य जुटाएं हैं कि आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिल पा रही है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के व्यक्तिगत कार्यों के बारे में वह कुछ कहे नहीं सकते लेकिन, सार्वजनिक विकास का कोई काम नहीं रोका जाएगा। इससे पूर्व विधायक चैंपियन, जिला पंचायत सदस्य रानी देवयानी, विधायक संजय गुप्ता, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक देशराज कर्णवाल समेत जिला प्रभारी विनय रोहिला, पूर्व दर्जाधारी श्यामवीर सैनी, सुबोध राकेश, पूर्व मंडल अध्यक्ष कल्पना सैनी ने भी विचार रखे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष डा. जयपाल चौहान, जिला महामंत्री अमन त्यागी आदि मौजूद रहे।
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लंढौरा में थाने की घोषणा को टालने पर छाई मायूसी
रुड़की। लंढौरा में चौकी को उच्चीकृत कर थाना बनाए जाने की घोषणा को लेकर सभी की निगाहें मुख्यमंत्री पर टिकी थी। विधायक चैंपियन की ओर से भी दावा किया जा रहा था कि सीएम इसकी घोषणा करेंगे। इस बाबत चैंपियन ने मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भी दिया लेकिन, जब सीएम की घोषणा करने की बारी आई तो उन्होंने थाना बनाए जाने की घोषणा टाल दी। सीएम ने कहा कि क्षेत्र में लॉ एंड ऑर्डर बड़ी समस्या है लेकिन, थाना बनाने से पहले इसका परीक्षण कराएंगे। उसके बाद घोषणा करेंगे। इससे रैली में पहुंच स्थानीय लोग मायूसी हुए।
पहाड़ी मुख्यमंत्री हूं, धीरे-धीरे चलता हूं
रुड़की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर धीमी गति से काम करने के यदा-कदा आरोप लगते रहे हैं। शायद यह बात वह खुद भी जानते हैं लेकिन, लंढौरा में आयोजित रैली में अपने ही अंदाज में इसका जवाब दे दिया। कहा कि लोग कहते हैं कि मैं धीरे-धीरे काम करता हूं, पहाड़ी मुख्यमंत्री हूं, इसलिए धीरे-धीरे चलता हूं। क्योंकि पहाड़ में धीरे-धीरे चला जाता है। तेज चले तो ऐसी जगह गिरेंगे की पता तक नहीं चल पाएगा। इस पर रैली में मौजूद लोगों ने ठहाके लगाए।