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विकास को तरस रहे विकास के प्रतिष्ठान

Sat, 16 Dec 2017 11:58 PM IST
Updated Sat, 16 Dec 2017 11:58 PM IST
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विकास को तरस रहे विकास के प्रतिष्ठान
रुड़की। सुनने में थोड़ा सा अजीब लग सकता है, लेकिन हकीकत है। प्रदेश के सबसे विकसित और शिक्षित शहरों में एक रुड़की में स्थित औद्योगिक क्षेत्र का नव सृजित हिस्सा ऐसा है जिसमें स्थापना के बाद से आज तक सड़क ही नहीं बनी। पंद्रह साल पहले अस्तित्व में आए इस औद्योगिक क्षेत्र में आज तक एक भी सड़क नहीं बनी है। कच्ची सड़कों पर ही मालवाहक ट्रक और गाड़ियां दौड़ते रहते हैं। बरसात के दिनों में तो हालत बदतर हो जाते है। फिलहाल इस समय भी स्थिति ऐसी है कि खाली पड़े भूखंड जल निकासी नहीं होने के कारण तालाब बन गए है। एक पॉलिटेक्निक का खेल मैदान तो पूरी तरह तालाब बन चुका है। अतिक्रमण भी यहां की बड़ी समस्या है। रुड़की में रामनगर और सुनहरा गांव से सटे क्षेत्र को करीब पंद्रह साल पहले औद्योगिक विकास के लिए मंजूरी देकर सरकार ने यहां औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की अनुमति प्रदान की थी। करीब सौ से ज्यादा छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयां यहां स्थित है। हर साल लाखों रुपयों टैक्स देने के बावजूद उद्योगपति सुविधाओं को तरस रहे हैं। पूरा औद्योगिक क्षेत्र अव्यवस्थाओं से घिरा हुआ है।
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अतिक्रमण बड़ी समस्या बिगाड़ रहा स्वरूप
रुड़की का औद्योगिक क्षेत्र रामनगर स्थित कोर्ट परिसर के पास से ही शुरू हो जाता है। यहीं से अतिक्रमण ने भी पैर पसारने शुरू कर दिए है। प्रवेश द्वार पर ही खोखे और अस्थाई दुकानें बड़ी संख्या में बना कर अवैध कब्जे कर लिए है। जिससे प्रवेश द्वार भी काफी संकरा हो गया है। विस्तारित क्षेत्र में तो स्थिति और भी अधिक खराब है। केएल पॉलिटेक्निक के हॉस्टल के पास तो खाली पड़ी भूमि पर अवैध बस्तियां बस गई है। साथ ही सरकारी तालाब का भी अस्तित्व समाप्त सा दिख रहा है। यहां भी कब्जा करके मकान बना लिए गए है।
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जल निकासी न होने से ठप हो जाता है उत्पादन-
रुड़की। पूरे औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी न होना गंभीर समस्या है। नालियां न होने से पूरे क्षेत्र का पानी फैक्ट्रियों के सामने गलियों में और आस-पास खाली पड़े प्लाटों में जमा हो जाता हैं। उद्यमियों की मानें तो बरसात के दिनों में फैक्ट्रियों का उत्पादन भी प्रभावित होता है। कई फैक्ट्रियों के मालिकों को तो अपने यहां बरसात के दिनों में छुट्टी करके उत्पादन भी बंद करना पड़ता है। औद्योगिक क्षेत्र से सटे केएल पॉलिटेक्निक कालेज का कई एकड़ में बना खेल का मैदान जल निकासी नहीं होने के कारण पूरेे तरह तालाब में तब्दील हो चुका है। जहां कभी बच्चे क्रिकेट और फुटबाल खेला करते थे। वहां अब चार से पांच फिट तक पानी भरा रहता है। जिससे आस-पास बीमारियां फैलने का भी खतरा बना हुआ हैं।
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डीएम के निर्देशों का दिखा असर, निरीक्षण पर पहुंचे एएसडीएम
शुक्रवार को भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एवरेस्ट कंपनी के सभागार में आयोजित उद्योग बंधु की बैठक में रुड़की के उद्योगपतियों द्वारा बताई गई अपनी समस्या के समाधान के निराकरण के लिए दिए गए निर्देशों का असर शनिवार को दिखाई दिया। एएसडीएम प्रेमलाल ने शनिवार को औद्योगिक क्षेत्र में पहुंचकर वहां की समस्याओं को जाना। इस दौरान हुई बैठक में उद्योगपतियों ने बताया कि सड़क न होने के चलते औद्योगिक क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो रखा है। इस दौरान सरकारी तालाब को कब्जा मुक्त कराकर जल निकासी कराने की मांग भी उठाई गई। रुड़की स्माल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि प्रकाश ने एएसडीएम को बताया कि अगर करीब दो सौ मीटर का पाइप डालकर तालाब के पानी को सुनहरा गांव के नाले में जोड़ दिया जाए तो पूरी समस्या का निराकरण हो सकता है। एएसडीएम प्रेमलाल ने सभी समस्याओं को भौतिक निरीक्षण के जरिये देखा और शीघ्र ही उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट बनाकर भेजने का आश्वासन दिया। उद्योगपतियों ने यह भी बताया कि अब तक दस से भी ज्यादा बार अधिकारी इस क्षेत्र का निरीक्षण कर समस्याओं को देख चुके है, लेकिन परिणाम नहीं निकला। एएसडीएम ने जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों का हवाला देते हुए सकरात्मक परिणाम आने का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान एसोसिएशन के सचिव मुकेश शर्मा, संयुक्त सचिव मुकुल गर्ग, विजय भारद्वाज, प्रेम मोहन, एसके कोहली, विजय कुमार, अजय शर्मा, एम मुस्तकीम, सौरभ मित्तल, दिनेश भारद्वाज, राजीव मित्तल, पंकज गुप्ता समेत बड़ी संख्या में उद्योगपत्ति मौजूद रहे।

बजट नहीं होने से आ रही दिक्कत
इस औधोगिक क्षेत्र का सुपरविजन करने वाले जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक अंजली रावत ने बताया कि पुराने औद्योगिक क्षेत्र के विकास और रखरखाव के लिए काफी समय से बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण यहां की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर रुड़की इंडस्ट्रियल एरिया के लिए बजट उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि शीघ्र ही इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
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