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40 लाख के गबन का आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा
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क्षेत्र की पुलिस ने कंपनी में 40 लाख रुपये के गबन के आरोपी लेखाकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में तिरुपति फैक्टरी के मैनेजर हुकम सिंह बिष्ट ने मई में पुलिस को तहरीर देकर लेखाकार के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
बता दें कि भगवानपुर के सिकंदरपुर स्थित तिरुपति फैक्टरी में मई में फैक्टरी मैनेजर हुकम सिंह बिष्ट ने पुलिस को करीब 40 लाख रुपये के गबन की तहरीर दी थी। तहरीर में फैक्टरी में लेखाकार पद पर काम करने वाले पंचदेव दुबे निवासी शिवपुरम, पनियाला रोड रुड़की पर गबन का आरोप लगाया गया था। आरोप था कि लेखाकार रोकड़ बही, खाता बही, खर्चों के भुगतान और भौतिक नकदी बनाए रखने आदि की जिम्मेदारी रखता है। इसके अलावा बैंक से नकदी निकासी, अप्रत्यक्ष करों से संबंधित मामले और बाउचर आदि काम भी लेखाकार के ही भरोसे पर हो रहे थे। आरोपी फैक्टरी में करीब आठ साल से काम करता आ रहा था, इसलिए उस पर फैक्टरी मालिक और मैनेजर का भरोसा बढ़ गया था। इसी बीच कंपनी के महाप्रबंधक अमित गोयल ने फैक्टरी का दौरा किया। ऑडिट के दौरान पिछले तीन साल की अवधि में फैक्टरी के रिकार्ड और खातों के लेखा-जोखा की जांच की तो हिसाब किताब में नकदी की कमी पाई गई। लेखाकार ने करीब 40 लाख रुपये की हेराफेरी की हुई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया था। प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति की सूचना पर आरोपी को पनियाला रोड से गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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बता दें कि भगवानपुर के सिकंदरपुर स्थित तिरुपति फैक्टरी में मई में फैक्टरी मैनेजर हुकम सिंह बिष्ट ने पुलिस को करीब 40 लाख रुपये के गबन की तहरीर दी थी। तहरीर में फैक्टरी में लेखाकार पद पर काम करने वाले पंचदेव दुबे निवासी शिवपुरम, पनियाला रोड रुड़की पर गबन का आरोप लगाया गया था। आरोप था कि लेखाकार रोकड़ बही, खाता बही, खर्चों के भुगतान और भौतिक नकदी बनाए रखने आदि की जिम्मेदारी रखता है। इसके अलावा बैंक से नकदी निकासी, अप्रत्यक्ष करों से संबंधित मामले और बाउचर आदि काम भी लेखाकार के ही भरोसे पर हो रहे थे। आरोपी फैक्टरी में करीब आठ साल से काम करता आ रहा था, इसलिए उस पर फैक्टरी मालिक और मैनेजर का भरोसा बढ़ गया था। इसी बीच कंपनी के महाप्रबंधक अमित गोयल ने फैक्टरी का दौरा किया। ऑडिट के दौरान पिछले तीन साल की अवधि में फैक्टरी के रिकार्ड और खातों के लेखा-जोखा की जांच की तो हिसाब किताब में नकदी की कमी पाई गई। लेखाकार ने करीब 40 लाख रुपये की हेराफेरी की हुई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया था। प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति की सूचना पर आरोपी को पनियाला रोड से गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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