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विकास कार्यों में तेजी के दावे लापरवाही के चलते फेल
Updated Thu, 03 May 2018 11:08 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की।
लापरवाही के चलते विकास कार्यों में तेजी के दावे धरातल पर उतरते नहीं दिख रहे हैं। देहात क्षेत्रों में सरकार और विभाग की बेरुखी से करोड़ों के विकास कार्य अधर में हैं। कई काम तो ऐसे हैं जिनके लिए निविदाएं होने के बाद भी लंबा अर्सा बीतने पर भी काम शुरू नहीं हो पा रहा है। मंगलौर, नारसन, खानपुर, बुग्गावाला, कलियर क्षेत्र में करोड़ों रुपये के सड़क निर्माण का कार्य अधर में होने से विकास का पहिया थम सा गया है। खानपुर में दस किमी दल्लावाला मार्ग को गड्ढामुकत करने के लिए लोनिवि की ओर से शासन को भेजा गया 12 करोड़ का प्रस्ताव धूल फांक रहा है। नारसन-खेड़ाजट मोटर मार्ग रोड़ी बिछाने के बाद से अधूरा है। नारसन सकौती मार्ग की भी यही स्थिति है। वहीं मंगलौर मुंडलाना मार्ग का निर्माण भी दो साल से पूरा नहीं हो पाया।
रोड़ी बिछाकर चलता बना विभाग
नारसन। नारसन से खेड़ाजट जट तक साढ़े चार किमी डबल लेन का निर्माण दो साल पहले शुरू हुआ। नेशनल हाईवे के विकल्प के रूप में बनने वाली इस सड़क का काम आधा-अधूरा बनाकर कार्यदायी संस्था रफू चक्कर हो गई। इस साढ़े चार किमी डबल लेन का निर्माण चार करोड़ से होना है।
यही हाल नारसन सकौती मोटर मार्ग की है। इस सिंगल लेन मार्ग की मरम्मत पर सात लाख रुपये खर्च होंगे। लोनिवि की ओर से तीन माह पहले खेड़ा जट्ट मार्ग का निर्माण शुरू किया गया। पत्थर मिट्टी से गड्ढों का भरान करने के बाद विभाग ने भी काम पर विराम लगा दिया। ग्रामीण सुनील कुमार, धीरेंद्र कुमार, टोनी वर्मा और कुलदीप भारद्वाज का कहना है कि दोनों सड़कों का निर्माण तेजी से कराने के लिए उन्होंने जिलाधिकारी को भी ज्ञापन दिया है। अधिशासी अभियंता सतवीर यादव का कहना है कि मंगलौर- मुंडलाना और मंगलौर- लंढौरा मार्ग का निर्माण अब नए रेट से बनाया जाएगा। मंगलौर- लंढौरा मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक हो गया है। खानपुर- दल्लावाला मार्ग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही काम शुरू किया जाएगा। कुछ स्थानों पर खनन बंद होने से निर्माण सामग्री नहीं मिल पा रही थी।
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शुरू नहीं हो पाया मुंडलाना मार्ग का काम
मंगलौर। करीब साढ़े पांच किमी लंबा मुंडलाना मार्ग एक साल से अधर में है। बताया गया है कि पहले जारी बजट को कम बताते हुए ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया था। अब इसका दोबारा आगणन बनाकर भेजने के बाद ढाई करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं, लेकिन दो माह बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया है। यहीं हाल मंगलौर- लंढौरा मार्ग का है। यहां भी डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण, चौड़ीकरण और नाली का निर्माण होना है। इसके लिए आठ करोड़ 75 लाख स्वीकृत हैं। ग्रामीण भी सड़क के पुर्निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग की ओर से काफी समय पहले सर्वे करने के बाद भी काम शुरू नहीं होने से उनमें निराशा है।
नहीं मिली सड़क निर्माण की स्वीकृति
बुग्गावाला। घाड़ क्षेत्र की तेलपुरा, बंजारेवाला, कुड़कावाला क्षेत्र की सड़के गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रस्ताव भेजने के बाद भी जनप्रतिनिधि उनके क्षेत्र की सड़कों की सुध ले रहे हैं। लोनिवि क्षतिग्रस्त सड़कों का प्रस्ताव शासन को भेजने तक ही सीमित है। ऐसे में उन्हें गड्ढों वाली सड़क में हिचकोले खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कुड़कावाला गांव से मजाहिदपुर सतीवाला गांव तक करीब चार किमी लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। तेलपुरा से गोकलवाला, बंजारेवाला तक तीन किमी सड़क, गांजा मजरा गांव से खेडीशिकोहपुर गांव तक तीन किती , बंदरजूड़ से लाहम ग्रंट तक दो किमी और बुधावा शहीद मुख्य मार्ग से शहीदवाला ग्रंट तक डेढ़ किमी लंबी सड़क के प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो पाए हैं। बंजारेवाला निवासी वाजीर अली, पूर्व प्रधान रिजवान, कुड़कावाला निवासी सुरेंद्र का कहना है कि उनकी ओर से कई प्रस्ताव जनप्रतिनिधि को दिए गए। लोनिवि के अधीक्षण अभियंता को भी सड़कों की मरम्मत को पत्र लिखा गया, लेकिन मरम्मत नही हो पाई।
एक साल से लोनिवि ने नहीं ली सुध
खानपुर। खानपुर- दल्लावाला मार्ग एक वर्ष से खस्ताहाल
है। शिकायत के बाद भी लोनिवि इसी सुध नहीं ले रही है। खानपुर से दल्लावाला तक 10 किमी लंबी सड़क पर जगह- जगह गड्ढे हो रखे हैं। कई स्थानों पर तो पैराफिट नहीं है। दल्लावाला गांव में लोगों की रिश्तेदारी होने से खानपुर से(दल्ला गांव) मुजफ्फरनगर जाने के लिए लोग इसी मार्ग पर प्रयोग करते हैं। वहीं खानपुर बढ़ीवाला पुरकाजी मार्ग पर गंगनहर का पुल क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग पर आने- जाने वाले वाहनों की संख्या बढ गई है। ऐसे में इस मार्ग की हालत ओर खस्ता हो गई है। ग्रामीण प्रदीप कुमार, प्रवीण गोयल, महिपाल, अरुण पंवार आदि का कहना है कि खानपुर दल्लावाला मार्ग एक वर्ष से ज्यादा समय से खस्ताहाल है। एऐसे में रोजाना खानपुर -लक्सर पहुंचने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं,लेकिन इस ओर सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
रुड़की।
लापरवाही के चलते विकास कार्यों में तेजी के दावे धरातल पर उतरते नहीं दिख रहे हैं। देहात क्षेत्रों में सरकार और विभाग की बेरुखी से करोड़ों के विकास कार्य अधर में हैं। कई काम तो ऐसे हैं जिनके लिए निविदाएं होने के बाद भी लंबा अर्सा बीतने पर भी काम शुरू नहीं हो पा रहा है। मंगलौर, नारसन, खानपुर, बुग्गावाला, कलियर क्षेत्र में करोड़ों रुपये के सड़क निर्माण का कार्य अधर में होने से विकास का पहिया थम सा गया है। खानपुर में दस किमी दल्लावाला मार्ग को गड्ढामुकत करने के लिए लोनिवि की ओर से शासन को भेजा गया 12 करोड़ का प्रस्ताव धूल फांक रहा है। नारसन-खेड़ाजट मोटर मार्ग रोड़ी बिछाने के बाद से अधूरा है। नारसन सकौती मार्ग की भी यही स्थिति है। वहीं मंगलौर मुंडलाना मार्ग का निर्माण भी दो साल से पूरा नहीं हो पाया।
रोड़ी बिछाकर चलता बना विभाग
नारसन। नारसन से खेड़ाजट जट तक साढ़े चार किमी डबल लेन का निर्माण दो साल पहले शुरू हुआ। नेशनल हाईवे के विकल्प के रूप में बनने वाली इस सड़क का काम आधा-अधूरा बनाकर कार्यदायी संस्था रफू चक्कर हो गई। इस साढ़े चार किमी डबल लेन का निर्माण चार करोड़ से होना है।
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यही हाल नारसन सकौती मोटर मार्ग की है। इस सिंगल लेन मार्ग की मरम्मत पर सात लाख रुपये खर्च होंगे। लोनिवि की ओर से तीन माह पहले खेड़ा जट्ट मार्ग का निर्माण शुरू किया गया। पत्थर मिट्टी से गड्ढों का भरान करने के बाद विभाग ने भी काम पर विराम लगा दिया। ग्रामीण सुनील कुमार, धीरेंद्र कुमार, टोनी वर्मा और कुलदीप भारद्वाज का कहना है कि दोनों सड़कों का निर्माण तेजी से कराने के लिए उन्होंने जिलाधिकारी को भी ज्ञापन दिया है। अधिशासी अभियंता सतवीर यादव का कहना है कि मंगलौर- मुंडलाना और मंगलौर- लंढौरा मार्ग का निर्माण अब नए रेट से बनाया जाएगा। मंगलौर- लंढौरा मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक हो गया है। खानपुर- दल्लावाला मार्ग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही काम शुरू किया जाएगा। कुछ स्थानों पर खनन बंद होने से निर्माण सामग्री नहीं मिल पा रही थी।
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शुरू नहीं हो पाया मुंडलाना मार्ग का काम
मंगलौर। करीब साढ़े पांच किमी लंबा मुंडलाना मार्ग एक साल से अधर में है। बताया गया है कि पहले जारी बजट को कम बताते हुए ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया था। अब इसका दोबारा आगणन बनाकर भेजने के बाद ढाई करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं, लेकिन दो माह बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया है। यहीं हाल मंगलौर- लंढौरा मार्ग का है। यहां भी डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण, चौड़ीकरण और नाली का निर्माण होना है। इसके लिए आठ करोड़ 75 लाख स्वीकृत हैं। ग्रामीण भी सड़क के पुर्निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग की ओर से काफी समय पहले सर्वे करने के बाद भी काम शुरू नहीं होने से उनमें निराशा है।
नहीं मिली सड़क निर्माण की स्वीकृति
बुग्गावाला। घाड़ क्षेत्र की तेलपुरा, बंजारेवाला, कुड़कावाला क्षेत्र की सड़के गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रस्ताव भेजने के बाद भी जनप्रतिनिधि उनके क्षेत्र की सड़कों की सुध ले रहे हैं। लोनिवि क्षतिग्रस्त सड़कों का प्रस्ताव शासन को भेजने तक ही सीमित है। ऐसे में उन्हें गड्ढों वाली सड़क में हिचकोले खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कुड़कावाला गांव से मजाहिदपुर सतीवाला गांव तक करीब चार किमी लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। तेलपुरा से गोकलवाला, बंजारेवाला तक तीन किमी सड़क, गांजा मजरा गांव से खेडीशिकोहपुर गांव तक तीन किती , बंदरजूड़ से लाहम ग्रंट तक दो किमी और बुधावा शहीद मुख्य मार्ग से शहीदवाला ग्रंट तक डेढ़ किमी लंबी सड़क के प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो पाए हैं। बंजारेवाला निवासी वाजीर अली, पूर्व प्रधान रिजवान, कुड़कावाला निवासी सुरेंद्र का कहना है कि उनकी ओर से कई प्रस्ताव जनप्रतिनिधि को दिए गए। लोनिवि के अधीक्षण अभियंता को भी सड़कों की मरम्मत को पत्र लिखा गया, लेकिन मरम्मत नही हो पाई।
एक साल से लोनिवि ने नहीं ली सुध
खानपुर। खानपुर- दल्लावाला मार्ग एक वर्ष से खस्ताहाल
है। शिकायत के बाद भी लोनिवि इसी सुध नहीं ले रही है। खानपुर से दल्लावाला तक 10 किमी लंबी सड़क पर जगह- जगह गड्ढे हो रखे हैं। कई स्थानों पर तो पैराफिट नहीं है। दल्लावाला गांव में लोगों की रिश्तेदारी होने से खानपुर से(दल्ला गांव) मुजफ्फरनगर जाने के लिए लोग इसी मार्ग पर प्रयोग करते हैं। वहीं खानपुर बढ़ीवाला पुरकाजी मार्ग पर गंगनहर का पुल क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग पर आने- जाने वाले वाहनों की संख्या बढ गई है। ऐसे में इस मार्ग की हालत ओर खस्ता हो गई है। ग्रामीण प्रदीप कुमार, प्रवीण गोयल, महिपाल, अरुण पंवार आदि का कहना है कि खानपुर दल्लावाला मार्ग एक वर्ष से ज्यादा समय से खस्ताहाल है। एऐसे में रोजाना खानपुर -लक्सर पहुंचने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं,लेकिन इस ओर सरकार ध्यान नहीं दे रही है।