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Roorkee News: रुड़की और देहात में पहुंची 2680 टन यूरिया खाद
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शहर और आसपास के देहात क्षेत्रों में लंबे समय से चल रही यूरिया खाद की कमी के बीच किसानों को बड़ी राहत मिली है। इफको की ओर से रुड़की और देहात क्षेत्र की सहकारी समितियों व गन्ना समितियों के गोदामों में 2680 टन यूरिया की रैक पहुंचाई गई है। इसके बाद 60 से अधिक सहकारी बिक्री केंद्रों और तीन गन्ना समितियों के गोदामों में खाद का वितरण शुरू कर दिया गया है। लक्सर, इकबालपुर और लिब्बरहेड़ी गन्ना समिति के खाद गोदाम से भी किसान अपनी जरूरत के मुताबिक यूरिया ले सकते हैं।
बीते कई दिनों से किसान खाद की कमी के कारण परेशान चल रहे थे। भिंडी, खीरा, हरी मिर्च हरा धनिया, लौकी, तोरई, कद्दू, करेला, चावल और गन्ने की फसल के लिए समय पर यूरिया नहीं मिलने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। खाद लेने के लिए सुबह से ही समितियों के बाहर लंबी लाइनें लग रहीं थीं।
कई जगह किसानों और कर्मचारियों के बीच कहासुनी की स्थिति भी बन रही थी। भगवानपुर क्षेत्र के किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से वह खाद के लिए लगातार चक्कर काट रहे थे लेकिन हर बार गोदाम खाली मिल रहा था। अब खाद पहुंचने से फसल को समय पर पोषण मिल सकेगा।
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लक्सर क्षेत्र के किसान इकराम अली ने कहा कि यूरिया की कमी से गन्ने की फसल प्रभावित होने लगी थी। समय पर खाद मिलने से अब किसानों को काफी राहत मिलेगी। इफको क्षेत्रीय अधिकारी (हरिद्वार) विनोद कुमार जोशी ने बताया कि किसानों की जरूरत को देखते हुए रुड़की और देहात क्षेत्र में 2680 टन यूरिया भेजी गई है। सभी सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित केंद्रों से शांतिपूर्वक खाद प्राप्त करें।
सहकारी समिति के इन बिक्री केंद्रों से प्राप्त करें यूरिया
जनपद में सहकारी समितियों से 60 से अधिक यूरिया और खाद्य बिक्री केंद्र जुड़े हैं। इनमें जमालपुर कला, बहादराबाद, पीतपुर, पथरी विस्थापित, कोटा मुरादनगर, औरंगाबाद, बादशाहपुर, धनपुरा, लालढांग, सलेमपुर, एसकेवीएस ज्वालापुर, डीसीएफ हरिद्वार, जवाहर खान, निरंजनपुर, रायसी, मुंडाखेड़ा, भीकमपुर, दाबकी कला, ऐथल बुजुर्ग, मोहम्मदपुर बुजुर्ग, मोहनावाला, गोवर्धनपुर, गिद्दावाली, दौलतपुर, बेलड़ा नंबर.2, मेहवड़ खुर्द, नन्हेड़ा अनंतपुर, पनियाला, भारापुर, भगवानपुर, चुड़ियाला, चोली, खेड़ी शिकोहपुर, डाडा जलालपुर, हबीबपुर नवादा, बंजारेवाला, खेलपुर, तेजपुर, नगला इमरती, लंढोरा, मंगलौर पश्चिमी और पूर्वी, नारसन, लहबोली और झबरेड़ा समेत 60 केंद्र शामिल हैं।
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बीते कई दिनों से किसान खाद की कमी के कारण परेशान चल रहे थे। भिंडी, खीरा, हरी मिर्च हरा धनिया, लौकी, तोरई, कद्दू, करेला, चावल और गन्ने की फसल के लिए समय पर यूरिया नहीं मिलने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। खाद लेने के लिए सुबह से ही समितियों के बाहर लंबी लाइनें लग रहीं थीं।
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कई जगह किसानों और कर्मचारियों के बीच कहासुनी की स्थिति भी बन रही थी। भगवानपुर क्षेत्र के किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से वह खाद के लिए लगातार चक्कर काट रहे थे लेकिन हर बार गोदाम खाली मिल रहा था। अब खाद पहुंचने से फसल को समय पर पोषण मिल सकेगा।
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लक्सर क्षेत्र के किसान इकराम अली ने कहा कि यूरिया की कमी से गन्ने की फसल प्रभावित होने लगी थी। समय पर खाद मिलने से अब किसानों को काफी राहत मिलेगी। इफको क्षेत्रीय अधिकारी (हरिद्वार) विनोद कुमार जोशी ने बताया कि किसानों की जरूरत को देखते हुए रुड़की और देहात क्षेत्र में 2680 टन यूरिया भेजी गई है। सभी सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित केंद्रों से शांतिपूर्वक खाद प्राप्त करें।
सहकारी समिति के इन बिक्री केंद्रों से प्राप्त करें यूरिया
जनपद में सहकारी समितियों से 60 से अधिक यूरिया और खाद्य बिक्री केंद्र जुड़े हैं। इनमें जमालपुर कला, बहादराबाद, पीतपुर, पथरी विस्थापित, कोटा मुरादनगर, औरंगाबाद, बादशाहपुर, धनपुरा, लालढांग, सलेमपुर, एसकेवीएस ज्वालापुर, डीसीएफ हरिद्वार, जवाहर खान, निरंजनपुर, रायसी, मुंडाखेड़ा, भीकमपुर, दाबकी कला, ऐथल बुजुर्ग, मोहम्मदपुर बुजुर्ग, मोहनावाला, गोवर्धनपुर, गिद्दावाली, दौलतपुर, बेलड़ा नंबर.2, मेहवड़ खुर्द, नन्हेड़ा अनंतपुर, पनियाला, भारापुर, भगवानपुर, चुड़ियाला, चोली, खेड़ी शिकोहपुर, डाडा जलालपुर, हबीबपुर नवादा, बंजारेवाला, खेलपुर, तेजपुर, नगला इमरती, लंढोरा, मंगलौर पश्चिमी और पूर्वी, नारसन, लहबोली और झबरेड़ा समेत 60 केंद्र शामिल हैं।