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युद्ध के संस्मरण सुनाकर भरा युवाओं में जोश
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:02 AM IST
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रुड़की। विजय दिवस के मौके पर शहर में कई जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान वक्ताओं ने युद्ध के स्मरण सुनाकर युवाओं में जोश भरते हुए देशभक्ति के लिए प्रेरित किया।
शनिवार को विजय दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम लंढौरा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र पुंडीर के आवास पर आयोजित किया गया। इस दौरान सभी कार्यकर्ताओं ने भूतपूर्व सैनिकों को मिठाई बांटकर विजय दिवस मनाया। इस दौरान वक्ताओं ने भारतीय सेना के अद्भूत साहस एवं शौर्य को याद किया। रिटायर्ड सैनिकों ने अपने युद्ध के अनुभवों से युवाओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि सन 1971 के युद्ध में भारत के जवानों ने न केवल बांग्लादेश को आजाद कराया, बल्कि 93 हजार पाक सैनिकों को हथियार डालने पर विवश किया। इस दौरान सैनिकों ने 72 घंटे मात्र जल ग्रहण कर दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया। इस दौरान जितेंद्र पुंडीर, ब्रिजेश त्यागी, सतीश नेगी, भगत सिंह नेगी, अनिल लोहानी, रवि कश्यप, संतोष नेगी, ठाकुर चंदन सिंह, दीपक, हरीश कुमार, जसबीर चौधरी, नौशाद अली, इसरत अली, विनोद पुंडीर, बीआर शर्मा, विश्वास त्यागी, शिव कुमार त्यागी एवं प्रदीप पाल आदि लोग मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर पूर्व सैनिक गबर सिंह रावत के कैंप कार्यालय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्वांजलि देते हुए दो मिनट का मौन धारण किया गया। इस दौरान गवर सिंह रावत ने युद्ध के स्मरण सुनाकर सैनिकों का पराक्रम बताया। इस दौरान इंद्रपाल सिंह, महेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, अशोक जसपाल, बहादूर सिंह, सुनील नेगी, किशन चंद्र कैप्टन, विक्रम महेता, शिव कुमार, दलित सिंह, जितेंद्र आदि कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
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बंगाल सैपर्स के 45 सैनिकों ने लिया था युद्ध में हिस्सा
रुड़की(ब्यूरो)। रुड़की बंगाल अभियंता समूह में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया गया। इस दौरान युद्ध के शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि 1971 युद्ध की विजय तथा मातृ-भूमि पर अपने प्राण न्योछावर करने जवानों की याद में इसे मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में बंगाल सैपर्स के 45 सैनिकों ने एक आपरेशन में हिस्सा लिया था। जिसमें बंगाल सैपर्स को तीन थियेटर ओनर, दो वीर चक्र, आठ सेना मेडल सेे नवाजा गया था।
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शनिवार को विजय दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम लंढौरा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र पुंडीर के आवास पर आयोजित किया गया। इस दौरान सभी कार्यकर्ताओं ने भूतपूर्व सैनिकों को मिठाई बांटकर विजय दिवस मनाया। इस दौरान वक्ताओं ने भारतीय सेना के अद्भूत साहस एवं शौर्य को याद किया। रिटायर्ड सैनिकों ने अपने युद्ध के अनुभवों से युवाओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि सन 1971 के युद्ध में भारत के जवानों ने न केवल बांग्लादेश को आजाद कराया, बल्कि 93 हजार पाक सैनिकों को हथियार डालने पर विवश किया। इस दौरान सैनिकों ने 72 घंटे मात्र जल ग्रहण कर दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया। इस दौरान जितेंद्र पुंडीर, ब्रिजेश त्यागी, सतीश नेगी, भगत सिंह नेगी, अनिल लोहानी, रवि कश्यप, संतोष नेगी, ठाकुर चंदन सिंह, दीपक, हरीश कुमार, जसबीर चौधरी, नौशाद अली, इसरत अली, विनोद पुंडीर, बीआर शर्मा, विश्वास त्यागी, शिव कुमार त्यागी एवं प्रदीप पाल आदि लोग मौजूद रहे।
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वहीं दूसरी ओर पूर्व सैनिक गबर सिंह रावत के कैंप कार्यालय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्वांजलि देते हुए दो मिनट का मौन धारण किया गया। इस दौरान गवर सिंह रावत ने युद्ध के स्मरण सुनाकर सैनिकों का पराक्रम बताया। इस दौरान इंद्रपाल सिंह, महेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, अशोक जसपाल, बहादूर सिंह, सुनील नेगी, किशन चंद्र कैप्टन, विक्रम महेता, शिव कुमार, दलित सिंह, जितेंद्र आदि कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
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बंगाल सैपर्स के 45 सैनिकों ने लिया था युद्ध में हिस्सा
रुड़की(ब्यूरो)। रुड़की बंगाल अभियंता समूह में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया गया। इस दौरान युद्ध के शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि 1971 युद्ध की विजय तथा मातृ-भूमि पर अपने प्राण न्योछावर करने जवानों की याद में इसे मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में बंगाल सैपर्स के 45 सैनिकों ने एक आपरेशन में हिस्सा लिया था। जिसमें बंगाल सैपर्स को तीन थियेटर ओनर, दो वीर चक्र, आठ सेना मेडल सेे नवाजा गया था।