{"_id":"5c548d85bdec22737f732c22","slug":"201549045125-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब आकशीय बिजली गिरने की चेतावनी एसएमएस पर जारी करने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब आकशीय बिजली गिरने की चेतावनी एसएमएस पर जारी करने की तैयारी
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
देश में हर साल आकाशीय बिजली गिरने से सैकड़ों लोग असमय मौत के मुंह में समा जाते हैं। इससे बचने के लिए भारतीय मौसम विभाग एसएमएस के जरिये लोगों तक वज्रपात का पूर्वानुमान जारी करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मौसम विभाग के वैज्ञानिक मॉड्यूल विकसित कर रहे हैं। इसके अलावा अर्थ सिस्टम मॉडल (आईएसएम) भी विकसित किया जा रहा है, जो आने वाले 20 या इससे अधिक वर्षों में होने वाले क्लाइमेट चेंज की जानकारी देगा।
भारतीय कृषि मौसम विभाग देश के करोड़ों किसानों को उनकी फसलों के मद्देनजर एसएमएस से बारिश की चेतावनी जारी कर रहा है। अब इसी तर्ज पर वज्रपात का पूर्वानुमान जारी करने की कवायद शुरू की गई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी और मध्य भारत में ज्यादा वज्रपात होता है। आंकड़ों के मुताबिक, वज्रपात के मामले में मध्य प्रदेश पहले नंबर पर है। इसके बाद महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा की बारी आती है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार वर्ष 2017 में वज्रपात से देशभर में 120 लोग मारे गए और 57 लोग घायल हुए।
ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2000 से 2014 तक देश में वज्रपात से 32743 लोगों की मौत हुई। कृषि मौसम विभाग नई दिल्ली के उप महानिदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि देश में वज्रपात से हर साल सैकड़ों की तादाद में जनहानि होती है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग वज्रपात का पूर्वानुमान जारी करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एक मॉड्यूल विकसित किया जा रहा है। इसके जरिये जल्द लोगों को एसएमएस से संबंधित क्षेत्रों में वज्रपात की चेतावनी जारी की जाएगी। वर्तमान में भी आईएमडी की वेबसाइट पर गरज के साथ बारिश आदि की चेतावनी जारी की जा रही है। इसके अलावा विभाग अर्थ सिस्टम मॉडल (आईएसएम) भी विकसित कर रहा है। इससे आने वाले वर्षों में होने वाले क्लाइमेट चेंज का पूर्वानुमान जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
--
वर्ष 2021 तक नौ करोड़ किसानों को मिलेंगे मौसम संबंधी एसएमएस
कृषि मौसम विभाग के उप महानिदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि देश के चार करोड़ किसानों को एसएमएस पर मौसम का अपडेट जारी किया जा रहा है। किसानों को एक सप्ताह में दो मैसेज भेजे जा रहे हैं। वर्ष 2021 तक नौ करोड़ किसानों को एसएमएस भेजे जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में 130 कृषि वैज्ञानिक केंद्र स्थापित हैं, जिन्हें बढ़ाकर 660 करने का लक्ष्य है।
विज्ञापन
देश में हर साल आकाशीय बिजली गिरने से सैकड़ों लोग असमय मौत के मुंह में समा जाते हैं। इससे बचने के लिए भारतीय मौसम विभाग एसएमएस के जरिये लोगों तक वज्रपात का पूर्वानुमान जारी करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मौसम विभाग के वैज्ञानिक मॉड्यूल विकसित कर रहे हैं। इसके अलावा अर्थ सिस्टम मॉडल (आईएसएम) भी विकसित किया जा रहा है, जो आने वाले 20 या इससे अधिक वर्षों में होने वाले क्लाइमेट चेंज की जानकारी देगा।
भारतीय कृषि मौसम विभाग देश के करोड़ों किसानों को उनकी फसलों के मद्देनजर एसएमएस से बारिश की चेतावनी जारी कर रहा है। अब इसी तर्ज पर वज्रपात का पूर्वानुमान जारी करने की कवायद शुरू की गई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी और मध्य भारत में ज्यादा वज्रपात होता है। आंकड़ों के मुताबिक, वज्रपात के मामले में मध्य प्रदेश पहले नंबर पर है। इसके बाद महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा की बारी आती है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार वर्ष 2017 में वज्रपात से देशभर में 120 लोग मारे गए और 57 लोग घायल हुए।
विज्ञापन
ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2000 से 2014 तक देश में वज्रपात से 32743 लोगों की मौत हुई। कृषि मौसम विभाग नई दिल्ली के उप महानिदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि देश में वज्रपात से हर साल सैकड़ों की तादाद में जनहानि होती है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग वज्रपात का पूर्वानुमान जारी करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एक मॉड्यूल विकसित किया जा रहा है। इसके जरिये जल्द लोगों को एसएमएस से संबंधित क्षेत्रों में वज्रपात की चेतावनी जारी की जाएगी। वर्तमान में भी आईएमडी की वेबसाइट पर गरज के साथ बारिश आदि की चेतावनी जारी की जा रही है। इसके अलावा विभाग अर्थ सिस्टम मॉडल (आईएसएम) भी विकसित कर रहा है। इससे आने वाले वर्षों में होने वाले क्लाइमेट चेंज का पूर्वानुमान जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
--
वर्ष 2021 तक नौ करोड़ किसानों को मिलेंगे मौसम संबंधी एसएमएस
कृषि मौसम विभाग के उप महानिदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि देश के चार करोड़ किसानों को एसएमएस पर मौसम का अपडेट जारी किया जा रहा है। किसानों को एक सप्ताह में दो मैसेज भेजे जा रहे हैं। वर्ष 2021 तक नौ करोड़ किसानों को एसएमएस भेजे जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में 130 कृषि वैज्ञानिक केंद्र स्थापित हैं, जिन्हें बढ़ाकर 660 करने का लक्ष्य है।