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बैंक की क्लोन आईडी बनाकर उड़ाए 20 हजार
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की
Updated Tue, 26 Apr 2016 12:35 AM IST
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रुड़की। एटीएम ठगी की लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक फैक्ट्री कर्मचारी के खाते से 20 हजार रुपये उड़ा लिए गए। शातिरों ने इसके लिए बैंक की क्लोन आईडी का इस्तेमाल किया। गंगनहर कोतवाली पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।
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देवबंद सहारनपुर के वीरपुर गांव निवासी मनोज झबरेड़ा की एक ऑटो रिक्शा बनाने वाली कंपनी में काम करता था। दो महीने पहले उसने दूसरी फैक्ट्री में नौकरी ज्वाइन कर ली। मनोज का गंगनहर कोतवाली क्षेत्र की एक प्राइवेट बैंक की शाखा में खाता है। बीते 22 अप्रैल को उसके खाते में पीएफ के 20 हजार रुपये पहुंचे थे। मनोज ने बताया कि उसके मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई और एटीएम सत्यापन के लिए कहा गया।
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इसके लिए उन्होंने मोबाइल पर मैसेज भेजा और उसके मैसेज को पढ़कर बताने के लिए कहा। मनोज ने ऐसा ही किया। इसके बाद कई और मैसेज उसे मिले। ये मैसेज बैंक के नाम से बनी आईडी से मनोज के मोबाइल पर पहुंचे।
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विश्वास में मनोज भी मैसेज पढ़कर फोन पर बताता रहा। इसी बीच उसके खाते से 20 हजार की रकम गायब हो गई, इसके बाद वह मोबाइल नंबर नहीं मिला। इस पर पीड़ित अपने परिजनों सहित बैंक शाखा पहुंचा। मगर बैंक अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद गंगनहर कोतवाली में तहरीर दी गई। कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
बैंक कर्मचारी की मिलीभगत का शक
मनोज व उसके परिवार को ठगी में बैंक के किसी कर्मचारी की मिलीभगत का शक है। उनका कहना है कि नगदी आने के बाद ही मनोज के मोबाइल पर फोन क्यों आया। वहीं इंटरनेट पर बनाई गई आईडी से जो मैसेज भेजे गए, उनमें एटीएम कार्ड का सीरियल नंबर भी भेजा गया। ये नंबर कैसे ठग को पता चला। ऐसे में बैंक स्टाफ की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।