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1929 किशोर-किशोरियों को लगा कोरोना टीका
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रुड़की एक कालेज में छात्र को वैक्सीन लगाती स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : ROORKEE
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टीकाकरण के महाअभियान के तहत दूसरे दिन रुड़की के 13 स्कूलों में 15 से 18 आयुवर्ग के 1929 किशोर-किशोरियों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। किशोरों में टीकाकरण को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया। कुछ स्कूलों में अपनी पारी का इंतजार करने के लिए छात्र लंबी लाइन लगाकर खड़े रहे।
मंगलवार को रुड़की शहर में चिह्नित किए गए 13 स्कूलों में किशोरों का टीकाकरण किया। सभी स्कूलों में सुबह करीब 10 बजे वैक्सीनेशन शुरू हो गया था। दूसरे दिन चयनित स्कूलों में 1929 छात्र-छात्राओं ने पहुंचकर टीकाकरण करवाया। सेशन साइट व्यवस्थापक रामकेश गुप्ता ने बताया कि 13 स्कूलों में 15 से 18 आयुवर्ग के करीब 3800 छात्र शामिल थे। किन्हीं कारणों से 1271 छात्र स्कूल नहीं पहुंच पाए। सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन स्काईवर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुआ। यहां 358 लोगों को वैक्सीन लगाई गई जबकि दूसरे नंबर पर केंद्रीय विद्यालय नंबर वन में 357 बच्चों को वैक्सीन लगाई गई। उन्होंने बताया कि तीन जनवरी को जिन बच्चों को वैक्सीन नहीं लग पाई थी, उन स्कूलों में आज दोबारा टीम भेजी जाएगी। जबकि चार जनवरी को शेष रहे बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए कल दोबारा टीम उन्हीं स्कूलों में जाएगी।
टीकाकरण पर बोले किशोर
शुरू में जब 18 प्लस वालों को वैक्सीन लगी थी तब उन्हें दुख हुआ था। जबसे सुना था कि अब 15 प्लस वालों को भी वैक्सीन लगेगी, तब से मैं काफी उत्साहित था।
- शहबान, कक्षा 12, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, भलस्वागाज
कोरोना वैक्सीन लगने के बाद अब वे खुद को कोरोना के भय से मुक्त कर चुके हैं। अब कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूल पहुंचने में उन्हें कोई डर नहीं है।
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-लक्ष्य कुमार, कक्षा 9, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज
सरकार ने किशोर-किशोरियों को वैक्सीन लगानी शुरू कर सराहनीय कार्य किया है। अब छोटे बच्चों को भी वैक्सीन डोज के लिए सरकार को अनुमति दे देनी चाहिए।
-अंशुल परमार, कक्षा 9, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज
शुरू में उन्हें वैक्सीन लगाने में काफी डर लग रहा था। अब जब अन्य साथियों ने वैक्सीन लगवाई तो उनका भी डर खत्म हो गया। अब उन्हें दूसरी डोज लगवाने का इंतजार है।
-नेहा, कक्षा 11, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज
सरकार को किशोर-किशोरियों को दूसरे या तीसरे चरण में वैक्सीन लगवानी चाहिए थी। इससे उनके स्कूल की पढ़ाई प्रभावित नहीं होती। अब उन्हें स्कूल आने में कोई डर नहीं है।
-सृष्टि सैनी, कक्षा 11, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज
उनके परिवार में अभी 18 प्लस वाले सभी लोगों ने वैक्सीन लगा ली है। वे भी लंबे समय से वैक्सीन लगवाने का इंतजार कर रहीं थी। वैक्सीन लगवाकर खुश हैं।
-सृष्टि शर्मा, कक्षा 12, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज
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मंगलवार को रुड़की शहर में चिह्नित किए गए 13 स्कूलों में किशोरों का टीकाकरण किया। सभी स्कूलों में सुबह करीब 10 बजे वैक्सीनेशन शुरू हो गया था। दूसरे दिन चयनित स्कूलों में 1929 छात्र-छात्राओं ने पहुंचकर टीकाकरण करवाया। सेशन साइट व्यवस्थापक रामकेश गुप्ता ने बताया कि 13 स्कूलों में 15 से 18 आयुवर्ग के करीब 3800 छात्र शामिल थे। किन्हीं कारणों से 1271 छात्र स्कूल नहीं पहुंच पाए। सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन स्काईवर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुआ। यहां 358 लोगों को वैक्सीन लगाई गई जबकि दूसरे नंबर पर केंद्रीय विद्यालय नंबर वन में 357 बच्चों को वैक्सीन लगाई गई। उन्होंने बताया कि तीन जनवरी को जिन बच्चों को वैक्सीन नहीं लग पाई थी, उन स्कूलों में आज दोबारा टीम भेजी जाएगी। जबकि चार जनवरी को शेष रहे बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए कल दोबारा टीम उन्हीं स्कूलों में जाएगी।
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टीकाकरण पर बोले किशोर
शुरू में जब 18 प्लस वालों को वैक्सीन लगी थी तब उन्हें दुख हुआ था। जबसे सुना था कि अब 15 प्लस वालों को भी वैक्सीन लगेगी, तब से मैं काफी उत्साहित था।
- शहबान, कक्षा 12, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, भलस्वागाज
कोरोना वैक्सीन लगने के बाद अब वे खुद को कोरोना के भय से मुक्त कर चुके हैं। अब कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूल पहुंचने में उन्हें कोई डर नहीं है।
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-लक्ष्य कुमार, कक्षा 9, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज
सरकार ने किशोर-किशोरियों को वैक्सीन लगानी शुरू कर सराहनीय कार्य किया है। अब छोटे बच्चों को भी वैक्सीन डोज के लिए सरकार को अनुमति दे देनी चाहिए।
-अंशुल परमार, कक्षा 9, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज
शुरू में उन्हें वैक्सीन लगाने में काफी डर लग रहा था। अब जब अन्य साथियों ने वैक्सीन लगवाई तो उनका भी डर खत्म हो गया। अब उन्हें दूसरी डोज लगवाने का इंतजार है।
-नेहा, कक्षा 11, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज
सरकार को किशोर-किशोरियों को दूसरे या तीसरे चरण में वैक्सीन लगवानी चाहिए थी। इससे उनके स्कूल की पढ़ाई प्रभावित नहीं होती। अब उन्हें स्कूल आने में कोई डर नहीं है।
-सृष्टि सैनी, कक्षा 11, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज
उनके परिवार में अभी 18 प्लस वाले सभी लोगों ने वैक्सीन लगा ली है। वे भी लंबे समय से वैक्सीन लगवाने का इंतजार कर रहीं थी। वैक्सीन लगवाकर खुश हैं।
-सृष्टि शर्मा, कक्षा 12, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज