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ग्रीन कार्ड बनाने में देरी पर गुजरात के यात्रियों ने झेली परेशानी
Updated Fri, 18 May 2018 12:08 AM IST
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रुड़की। गुजरात से पांच मिनी बसें लेकर चारधाम यात्रा पर आए यात्रियों ने एआरटीओ कार्यालय रुड़की में ग्रीन कार्ड बनाने में की गई देरी पर हंगामा किया। यात्रियों का कहना था कि ग्रीन कार्ड बनाकर देने में की जा रही देरी के चलते उनका चारधाम यात्रा का पूरा शेड्यूल गड़बड़ा गया है। यात्रियों का कहना था कि उन्हें हरिद्वार गंगा आरती दर्शन के लिए शाम छह बजे तक हरिद्वार पहुंचना था, लेकिन ग्रीन कार्ड में देरी के चलते उन्हें आरती के दर्शन नहीं हो पाएंगे। यात्रियों का कहना था कि बाहरी प्रदेश के यात्रियों को सुविधा देने के लिए उत्तराखंड सरकार का मैनेजमेंट सिस्टम दुरुस्त नहीं है। हालांकि एआरटीओ विभाग ने उनके सभी आरोपों को नकारा है। अधिकारियों का कहना था कि कागज पूरे नहीं होने के चलते उन्हें ग्रीन कार्ड देने में देरी हुई है। गुजरात के सूरत से पांच मिनी बस में सवार सौ से अधिक यात्री उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के तहत बुधवार को रुड़की पहुंचे। यहां उन्हें दिल्ली हरिद्वार हाईवे स्थित एआरटीओ कार्यालय पर ग्रीन कार्ड बनवाना था। यात्री हितेश नायक, किशोर, सरित देशाई, मीना नायक, आरती और रीना सेन आदि का कहना था कि वह दिन में करीब तीन बजे दफ्तर पहुंच गए थे और यहां संबंधित बाबू को ग्रीन कार्ड बनाने के लिए परमिट, आरसी, पोल्यूशन और इंश्यारेंस आदि कागज आदि दिए थे, लेकिन शाम छह बजे तक भी उन्हें ग्रीन कार्ड नहीं मिल पाया। यात्रियों का कहना था कि उन्हें हरिद्वार गंगा आरती दर्शन के लिए शाम छह बजे तक हरिद्वार पहुंचना था, लेकिन ग्रीन कार्ड में देरी के चलते उन्हें आरती के दर्शन नहीं हो पाएंगे। साथ ही उन्होंने हरिद्वार सहित अन्य चारधाम यात्रा के लिए जगह-जगह बुक कराए गए होटलों का शेड्यूल भी गड़बड़ा गया है। यात्रियों ने कहा कि उनके साथ महिला और बच्चे भी कई घंटे से परेशान हो गए हैं। हालांकि एआरटीओ विभाग के अधिकारियों ने उनके आरोपों को नकारा है। जब इस बाबत एआरटीओ प्रशासन शैलेश तिवारी ने बताया कि यात्रियों की बसें काफी लेट आई थी। बावजूद इसके तीन बसों को ग्रीन कार्ड जारी कर दिए गए थे। दो बस संचालकों के पास मूल प्रमाणपत्र नहीं थे, जिसके चलते उनके ग्रीन कार्ड नहीं बन सके थे। उन्होंने बताया कि बाहरी यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर सेवाएं दी जा रही है।
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एक महीने में 500 वाहनों के बनाए गए हैं ग्रीन कार्ड
- एआरटीओ प्रशासन शैलेश तिवारी ने बताया कि चारधाम यात्रा के मद्देनजर एक माह पूर्व शुरू की गई ग्रीन कार्ड की व्यवस्था के तहत अब तक 500 वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए जा चुके हैं। शुरुआत में रोजना औसतन 15 से 20 बाहरी यात्री ग्रीन कार्ड बनाने के लिए पहुंच रहे थे। अब दिन में करीब 40 यात्रियों के वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कागज चेक कर ग्रीन कार्ड बनाने में एक से लेकर तीन घंटे तक का समय लग जाता है।
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एक महीने में 500 वाहनों के बनाए गए हैं ग्रीन कार्ड
- एआरटीओ प्रशासन शैलेश तिवारी ने बताया कि चारधाम यात्रा के मद्देनजर एक माह पूर्व शुरू की गई ग्रीन कार्ड की व्यवस्था के तहत अब तक 500 वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए जा चुके हैं। शुरुआत में रोजना औसतन 15 से 20 बाहरी यात्री ग्रीन कार्ड बनाने के लिए पहुंच रहे थे। अब दिन में करीब 40 यात्रियों के वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कागज चेक कर ग्रीन कार्ड बनाने में एक से लेकर तीन घंटे तक का समय लग जाता है।
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