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अब प्लांट को बोर्ड की हरी झंडी का इंतजार
Updated Tue, 13 Feb 2018 11:48 PM IST
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रुड़की। करोड़ों की लागत से बने बायो कंपोस्ट प्लांट को चलाने के लिए अब नगर निगम बोर्ड की हरी झंडी का इंतजार हैं। नगर निगम प्रशासन बायो कंपोस्ट प्लांट का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखेगा। यदि बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लगती है, तो मंडी समिति के बायो कंपोस्ट प्लांट को नगर निगम द्वारा संचालित किया जाएगा।
करीब पांच साल पहले रुड़की कृषि उत्पादन मंडी समिति में एक करोड़ से अधिक की लागत से बायो कंपोस्ट प्लांट का निर्माण कराया गया था। मंडी में बायो कंपोस्ट प्लांट की स्थापना के पीछे उद्देश्य था कि मंडी से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों का निस्तारण होगा, वहीं मंडी की आय बढ़ेगी। कुछ दिनों तक चलने के बाद आज तक यह प्लांट बंद पड़ा हैं। मंडी समिति के अधिकारियों का दावा है कि प्लांट को चलाने में करीब पचास हजार से अधिक का प्रतिमाह खर्च आता है, जिसके सापेक्ष पांच हजार का भी बायो कंपोस्ट नहीं बिक पाता है। जिसके चलते बायो कंपोस्ट प्लांट घाटे का सौदा साबित हो रहा है। पिछले दिनों अमर उजाला ने इस मामले को उजागर किया था। जिसके चलते जेएम नितिका खंडेलवाल ने मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया था। अधिकारियों के हस्तक्षेप के चलते नगर निगम बायो कंपोस्ट प्लांट को चलाने के लिए सहमत हो गया था। रुड़की मंडी समिति के अधिकारियों ने मामले को लेकर प्रस्ताव अपने मुख्यालय को भेजा था। जिस पर मुख्यालय ने अनुमति दे दी है। मंडी समिति के अधिकारियों ने प्लांट को चलाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया हैं। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि मंडी की ओर से पत्र मिला है। जिसका प्लांट को चलाने के लिए प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड बैठक में मोहर लगने पर प्लांट को संचालित किया जाएगा।
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करीब पांच साल पहले रुड़की कृषि उत्पादन मंडी समिति में एक करोड़ से अधिक की लागत से बायो कंपोस्ट प्लांट का निर्माण कराया गया था। मंडी में बायो कंपोस्ट प्लांट की स्थापना के पीछे उद्देश्य था कि मंडी से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों का निस्तारण होगा, वहीं मंडी की आय बढ़ेगी। कुछ दिनों तक चलने के बाद आज तक यह प्लांट बंद पड़ा हैं। मंडी समिति के अधिकारियों का दावा है कि प्लांट को चलाने में करीब पचास हजार से अधिक का प्रतिमाह खर्च आता है, जिसके सापेक्ष पांच हजार का भी बायो कंपोस्ट नहीं बिक पाता है। जिसके चलते बायो कंपोस्ट प्लांट घाटे का सौदा साबित हो रहा है। पिछले दिनों अमर उजाला ने इस मामले को उजागर किया था। जिसके चलते जेएम नितिका खंडेलवाल ने मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया था। अधिकारियों के हस्तक्षेप के चलते नगर निगम बायो कंपोस्ट प्लांट को चलाने के लिए सहमत हो गया था। रुड़की मंडी समिति के अधिकारियों ने मामले को लेकर प्रस्ताव अपने मुख्यालय को भेजा था। जिस पर मुख्यालय ने अनुमति दे दी है। मंडी समिति के अधिकारियों ने प्लांट को चलाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया हैं। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि मंडी की ओर से पत्र मिला है। जिसका प्लांट को चलाने के लिए प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड बैठक में मोहर लगने पर प्लांट को संचालित किया जाएगा।
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