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किसानों ने माना बाहारी गन्ने के बिना नहीं चल सकती शुगरमिल
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:29 AM IST
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किसानों ने माना कि बाहरी गन्ने के बिना इकबालपुर शुगर मिल का पेराई सत्र पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने स्थानीय किसानों को प्राथमिकता देने के साथ भुगतान आदि के मुद्दे पर घंटों मिल प्रशासन से वार्ता की है। इस दौरान कुछ मुद्दों पर सहमति बनी कुछ पर सहमति नहीं बनी
किसान क्लब के बैनर तले शनिवार को गणेशपुर स्थित गन्ना समिति के कार्यालय में समिति अधिकारियों की मध्यस्था में इकबालपुर मिल के अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान किसान क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष कटार सिंह ने कहा कि बाहरी गन्ने के बिना मिल का पेराई सत्र पूरा नहीं हो सकता लेकिन, स्थानीय किसानों का शोषण न किया जाए। इस पर मिल अधिकारियों ने सहमति जताई कि प्राथमिकता स्थानीय किसानों के गन्ने को दी जाएगी। किसान नेताओं ने भुगतान आदि को लेकर मिल अधिकारियों से मांग की। इस दौरान मिल अधिकारियों ने कहा कि विगत सत्र का पूरा भुगतान 15 जनवरी तक कर दिया जाएगा। नया भुगतान इसके बाद जारी किया जाएगा। गत सत्र के भुगतान को लेकर किसानों ने सहमति दी लेकिन, नए सत्र के भुगतान को लेकर सहमति नहीं बन पाई। अब किसानों का एक शीर्ष मंडल नए भुगतान को लेकर मिल मालिक से वार्ता करेगा। किसानों के अन्य कई मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी। मौके पर सचिव जय सिंह, कनिष्ठ गन्ना प्रबंधक शिव कुमार सिसौदिया, वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक बीएन त्रिपाठी, राजेश, सुभाष, रवि किरण सैनी, गुरविंद्र सिंह, जहीर अहमद, इसम सिंह, रोबिन, विजय पाल, पदम सिंह, जहीर अहमद, बिजेंद्र सिंह, मामचंद त्यागी, विपिन, अमित त्यागी, शिव कुमार त्यागी, सुमित एवं मोल्हड़ सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
पर्चियों में काम और खास से भेदभाव
इस दौरान कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को मन माफिक पर्चियों का वितरण जारी किया जा रहा है, जबकि कुछ को पर्चियां नहीं मिल रही हैं। इस पर इकबालपुर समिति के अधिकारियों ने कहा कि पर्चियों की कमी नहीं हैं।
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किसानों ने माना कि बाहरी गन्ने के बिना इकबालपुर शुगर मिल का पेराई सत्र पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने स्थानीय किसानों को प्राथमिकता देने के साथ भुगतान आदि के मुद्दे पर घंटों मिल प्रशासन से वार्ता की है। इस दौरान कुछ मुद्दों पर सहमति बनी कुछ पर सहमति नहीं बनी
किसान क्लब के बैनर तले शनिवार को गणेशपुर स्थित गन्ना समिति के कार्यालय में समिति अधिकारियों की मध्यस्था में इकबालपुर मिल के अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान किसान क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष कटार सिंह ने कहा कि बाहरी गन्ने के बिना मिल का पेराई सत्र पूरा नहीं हो सकता लेकिन, स्थानीय किसानों का शोषण न किया जाए। इस पर मिल अधिकारियों ने सहमति जताई कि प्राथमिकता स्थानीय किसानों के गन्ने को दी जाएगी। किसान नेताओं ने भुगतान आदि को लेकर मिल अधिकारियों से मांग की। इस दौरान मिल अधिकारियों ने कहा कि विगत सत्र का पूरा भुगतान 15 जनवरी तक कर दिया जाएगा। नया भुगतान इसके बाद जारी किया जाएगा। गत सत्र के भुगतान को लेकर किसानों ने सहमति दी लेकिन, नए सत्र के भुगतान को लेकर सहमति नहीं बन पाई। अब किसानों का एक शीर्ष मंडल नए भुगतान को लेकर मिल मालिक से वार्ता करेगा। किसानों के अन्य कई मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी। मौके पर सचिव जय सिंह, कनिष्ठ गन्ना प्रबंधक शिव कुमार सिसौदिया, वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक बीएन त्रिपाठी, राजेश, सुभाष, रवि किरण सैनी, गुरविंद्र सिंह, जहीर अहमद, इसम सिंह, रोबिन, विजय पाल, पदम सिंह, जहीर अहमद, बिजेंद्र सिंह, मामचंद त्यागी, विपिन, अमित त्यागी, शिव कुमार त्यागी, सुमित एवं मोल्हड़ सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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पर्चियों में काम और खास से भेदभाव
इस दौरान कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को मन माफिक पर्चियों का वितरण जारी किया जा रहा है, जबकि कुछ को पर्चियां नहीं मिल रही हैं। इस पर इकबालपुर समिति के अधिकारियों ने कहा कि पर्चियों की कमी नहीं हैं।
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