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गंगा का जलस्तर बढने से एक किमी तटबंध ध्वस्त
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:11 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
खानपुर/लक्सर। पहाड़ और मैदान में लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने से बृहस्पतिवार को रामसहायवाला गांव के पास लगभग एक किलोमीटर तटबंध बह गया। इससे करीब एक हजार हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। जबकि एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
तीन दिन पहले गंगा में उफान आने से रामसहायवाला गांव के समीप लगभग 500 मीटर लंबा तटबंध कट गया था। इसकी भनक लगते ही तहसील प्रशासन और सिंचाई विभाग में हड़कंप मच गया था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तटबंध की मरम्मत शुरू करवा दी थी। इसके बाद गंगा का जलस्तर कम हो गया था। इससे प्रशासन और सिंचाई विभाग ने राहत की सांस लेते हुए तटबंध की मरम्मत का काम तेज कर दिया था, लेकिन तटबंध में कटाव जारी रहने से प्रशासन और सिंचाई विभाग की मुश्किलें कम नहीं हुई। अब बृहस्पतिवार को अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ने से एक किलोमीटर तटबंध गंगा की गोद में समा गया। इससे करीब एक हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न हो गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से यूपी के रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांव सहित उत्तराखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
इसके अलावा बृहस्पतिवार दोपहर बाद गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है, जिसकी वजह से तटबंध में कटाव तेज हो गया है। इससे गंगा का पानी तेजी के साथ तटबंध के किनारे बसे रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला की आबादी की तरफ बढ़ना शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई हैं। कई ग्रामीणों ने अपने घरों के सामान को ट्रैक्टर ट्राली, भैंसा बुग्गी व अन्य संसाधनों में रखकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। जबकि संसाधनों के अभाव के चलते गांव के सौ से अधिक परिवारों ने घरों की छतों को अस्थायी आशियाना बना लिया है।
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इन गांवों में गंगा मचा सकती है तबाही : यूपी का रामसहायवाला, खानपुर का कलसिया, डुमनपुरी, बालावाली, इदरीश, शेरपुरबेला, चंद्रपुरी कलां, चंद्रपुरी खुर्द, खानपुर, दल्लावाला, डेरियो, बादशाहपुर, पोडोवाली आदि।
सोलानी का जलस्तर बढ़ने से इन गांवों को खतरा : करणपुर, मौहम्मदपुर, मथाना, सहीपुर, अब्दिपुर, सिकंदरपुर, प्रहलादपुर, हस्तमौली, आलमपुरा, मदारपुर, शाहपुर, दाबकी खेड़ा, जोगावाला आदि।
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खानपुर/लक्सर। पहाड़ और मैदान में लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने से बृहस्पतिवार को रामसहायवाला गांव के पास लगभग एक किलोमीटर तटबंध बह गया। इससे करीब एक हजार हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। जबकि एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
तीन दिन पहले गंगा में उफान आने से रामसहायवाला गांव के समीप लगभग 500 मीटर लंबा तटबंध कट गया था। इसकी भनक लगते ही तहसील प्रशासन और सिंचाई विभाग में हड़कंप मच गया था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तटबंध की मरम्मत शुरू करवा दी थी। इसके बाद गंगा का जलस्तर कम हो गया था। इससे प्रशासन और सिंचाई विभाग ने राहत की सांस लेते हुए तटबंध की मरम्मत का काम तेज कर दिया था, लेकिन तटबंध में कटाव जारी रहने से प्रशासन और सिंचाई विभाग की मुश्किलें कम नहीं हुई। अब बृहस्पतिवार को अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ने से एक किलोमीटर तटबंध गंगा की गोद में समा गया। इससे करीब एक हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न हो गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से यूपी के रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांव सहित उत्तराखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
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इसके अलावा बृहस्पतिवार दोपहर बाद गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है, जिसकी वजह से तटबंध में कटाव तेज हो गया है। इससे गंगा का पानी तेजी के साथ तटबंध के किनारे बसे रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला की आबादी की तरफ बढ़ना शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई हैं। कई ग्रामीणों ने अपने घरों के सामान को ट्रैक्टर ट्राली, भैंसा बुग्गी व अन्य संसाधनों में रखकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। जबकि संसाधनों के अभाव के चलते गांव के सौ से अधिक परिवारों ने घरों की छतों को अस्थायी आशियाना बना लिया है।
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इन गांवों में गंगा मचा सकती है तबाही : यूपी का रामसहायवाला, खानपुर का कलसिया, डुमनपुरी, बालावाली, इदरीश, शेरपुरबेला, चंद्रपुरी कलां, चंद्रपुरी खुर्द, खानपुर, दल्लावाला, डेरियो, बादशाहपुर, पोडोवाली आदि।
सोलानी का जलस्तर बढ़ने से इन गांवों को खतरा : करणपुर, मौहम्मदपुर, मथाना, सहीपुर, अब्दिपुर, सिकंदरपुर, प्रहलादपुर, हस्तमौली, आलमपुरा, मदारपुर, शाहपुर, दाबकी खेड़ा, जोगावाला आदि।