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एनसीईआरटी की किताबें लागू कराने के आदेश
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने के लिए शिक्षा विभाग अभी से सख्त हो गया है। मुख्य शिक्षाधिकारी आरडी शर्मा ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों और उप शिक्षाधिकारियों को आदेश दिए हैं कि सख्ती के साथ एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराई जाएं। वहीं, निजी स्कूल एनसीईआरटी की पुस्तकों के मूल्य के समकक्ष अन्य प्रकाशन की पुस्तकें भी लागू कर सकते हैं।
पिछले वर्ष प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने का मामला काफी गरमाया था। प्राइवेट स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग के इस निर्णय को कोर्ट में भी चुनौती दी गई थी, लेकिन शिक्षा विभाग काफी हद तक एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराने में सफल रहा था। वहीं, अभिभावकों को मंहगे प्रकाशन की पुस्तकों से राहत मिली थी। इसी कड़ी में इस वर्ष भी शिक्षा विभाग अभिभावकों को राहत देने की तैयारी कर रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आरडी शर्मा की ओर से 11 मार्च को सभी खंड और उप शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजकर आदेश जारी किए गए हैं कि आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों को छोड़कर सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराई जाएं।
वहीं, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा की ओर से मुख्य शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए आदेशों में कहा गया है कि स्कूल अन्य प्रकाशन की ऐसी पुस्तकें भी एनसीईआरटी की पुस्तकों के साथ लगा सकते है, जिनका मूल्य एनसीईआरटी की पुस्तकों के बराबर हो। आदेश आने के बाद एक बार फिर एनसीईआरटी की पुस्तकों का मुद्दा चर्चाओं में आ गया है। बताया जा रहा है कि कुछ निजी स्कूल संचालक, अपने यहां निजी पब्लिकेशंस की पुस्तकें चलाने के लिए उनसे मोटी रकम एडवांस में ले चुके हैं।
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एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने के लिए शिक्षा विभाग अभी से सख्त हो गया है। मुख्य शिक्षाधिकारी आरडी शर्मा ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों और उप शिक्षाधिकारियों को आदेश दिए हैं कि सख्ती के साथ एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराई जाएं। वहीं, निजी स्कूल एनसीईआरटी की पुस्तकों के मूल्य के समकक्ष अन्य प्रकाशन की पुस्तकें भी लागू कर सकते हैं।
पिछले वर्ष प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने का मामला काफी गरमाया था। प्राइवेट स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग के इस निर्णय को कोर्ट में भी चुनौती दी गई थी, लेकिन शिक्षा विभाग काफी हद तक एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराने में सफल रहा था। वहीं, अभिभावकों को मंहगे प्रकाशन की पुस्तकों से राहत मिली थी। इसी कड़ी में इस वर्ष भी शिक्षा विभाग अभिभावकों को राहत देने की तैयारी कर रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आरडी शर्मा की ओर से 11 मार्च को सभी खंड और उप शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजकर आदेश जारी किए गए हैं कि आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों को छोड़कर सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराई जाएं।
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वहीं, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा की ओर से मुख्य शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए आदेशों में कहा गया है कि स्कूल अन्य प्रकाशन की ऐसी पुस्तकें भी एनसीईआरटी की पुस्तकों के साथ लगा सकते है, जिनका मूल्य एनसीईआरटी की पुस्तकों के बराबर हो। आदेश आने के बाद एक बार फिर एनसीईआरटी की पुस्तकों का मुद्दा चर्चाओं में आ गया है। बताया जा रहा है कि कुछ निजी स्कूल संचालक, अपने यहां निजी पब्लिकेशंस की पुस्तकें चलाने के लिए उनसे मोटी रकम एडवांस में ले चुके हैं।
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