फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   एनसीईआरटी की किताबें लागू कराने के आदेश

एनसीईआरटी की किताबें लागू कराने के आदेश

Wed, 13 Mar 2019 11:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2019 11:36 PM IST
विज्ञापन
एनसीईआरटी की किताबें लागू कराने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
विज्ञापन

एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने के लिए शिक्षा विभाग अभी से सख्त हो गया है। मुख्य शिक्षाधिकारी आरडी शर्मा ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों और उप शिक्षाधिकारियों को आदेश दिए हैं कि सख्ती के साथ एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराई जाएं। वहीं, निजी स्कूल एनसीईआरटी की पुस्तकों के मूल्य के समकक्ष अन्य प्रकाशन की पुस्तकें भी लागू कर सकते हैं।
पिछले वर्ष प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने का मामला काफी गरमाया था। प्राइवेट स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग के इस निर्णय को कोर्ट में भी चुनौती दी गई थी, लेकिन शिक्षा विभाग काफी हद तक एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराने में सफल रहा था। वहीं, अभिभावकों को मंहगे प्रकाशन की पुस्तकों से राहत मिली थी। इसी कड़ी में इस वर्ष भी शिक्षा विभाग अभिभावकों को राहत देने की तैयारी कर रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आरडी शर्मा की ओर से 11 मार्च को सभी खंड और उप शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजकर आदेश जारी किए गए हैं कि आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों को छोड़कर सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराई जाएं।
विज्ञापन

वहीं, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा की ओर से मुख्य शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए आदेशों में कहा गया है कि स्कूल अन्य प्रकाशन की ऐसी पुस्तकें भी एनसीईआरटी की पुस्तकों के साथ लगा सकते है, जिनका मूल्य एनसीईआरटी की पुस्तकों के बराबर हो। आदेश आने के बाद एक बार फिर एनसीईआरटी की पुस्तकों का मुद्दा चर्चाओं में आ गया है। बताया जा रहा है कि कुछ निजी स्कूल संचालक, अपने यहां निजी पब्लिकेशंस की पुस्तकें चलाने के लिए उनसे मोटी रकम एडवांस में ले चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed