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सीएमएस पर थप्पड़ मारने का आरोप, अस्पताल में जमकर हंगामा

Sat, 29 Sep 2018 12:55 AM IST
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:55 AM IST
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सीएमएस पर थप्पड़ मारने का आरोप, अस्पताल में जमकर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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सिविल अस्पताल में भर्ती डेंगू के मरीज के तीमारदार ने सीएमएस पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही एक इंटक नेता समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और सीएमएस कार्यालय में जमकर हंगामा किया। हालांकि, सीएमएस ने तीमारदार के साथ कोई बदसलूकी करने से इनकार किया है। उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को समझाया कि महिला वार्ड में घुसने पर केवल उसे बाहर किया गया था। इसके बाद मामला किसी तरह शांत हुआ।
सिविल अस्पताल में पाड़ली गुर्जर निवासी एक महिला तीन दिन से डेंगू वार्ड में भर्ती है। महिला की देखभाल के लिए अस्पताल में मौजूद रईस का कहना है कि शुक्रवार सुबह भी वह बहू के साथ बैठे थे। इस पर सीएमएस डीके चक्रपाणि ने मरीज के पास बैठने पर नाराजगी जताई। आरोप है कि उन्होंने इसका विरोध किया तो सीएमएस ने थप्पड़ जड़कर उन्हें वार्ड बाहर कर दिया। रईस ने यह भी आरोप लगाया कि सीएमएस ने बहू को लगी ड्रिप भी खींचकर निकाल दी, जिससे बेड पर खून फैल गया। रईस के शोर मचाने पर ड्रिप को दोबारा लगाया गया। इसी दौरान किसी ने मामले की जानकारी इंटक नेता दिनेश सुंदरियाल को दी तो वे समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने रईस से मामले की जानकारी ली। थप्पड़ मारे जाने की बात कहते कांग्रेस नेता आगबबूला हो गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीज इलाज कराने आते हैं, थप्पड़ खाने के लिए नहीं।
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उन्होंने कहा कि अस्पताल के कर्मचारी या अधिकारी के साथ अगर कोई मामला होता है तो प्रदेश में हड़ताल शुरू हो जाती है। अगर किसी मरीज के तीमारदार को थप्पड़ मारा गया है तो इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी चिकित्सक को मरीज या उसके साथ आने वाले लोगों को मारने का अधिकार नहीं है। इसके बाद वह सीएमएस कार्यालय के पास पहुंचे और सीएमएस को चेंबर से बाहर आकर बात करने को कहा, लेकिन सीएमएस बाहर नहीं आए। थोड़ी देर बाद वह सीएमएस कार्यालय के भीतर चले गए और हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद सीएमएस ने शांति से बैठकर वार्ता करने को कहा। इसके बाद अधिकांश लोगों को कार्यालय से बाहर कर दिया गया। इस दौरान सीएमएस ने इंटक नेता समेत वहां मौजूद जिम्मेदार लोगों को बताया कि उन्होंने अभद्रता नहीं की है बल्कि आरोप लगा रहे व्यक्ति को महिला वार्ड की तरफ आने पर बाहर निकाल दिया था। इसके बाद मामला शांत हो गया।
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