फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   तीन मई तक जांच पूरी होने की उम्मीद

तीन मई तक जांच पूरी होने की उम्मीद

Sun, 29 Apr 2018 12:13 AM IST
Updated Sun, 29 Apr 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
तीन मई तक जांच पूरी होने की उम्मीद
रुड़की। विशेष श्रेणी के टिकटों के फर्जीवाड़े के मामले में चल रही जांच तीन मई तक पूरी होने की उम्मीद है। परिवहन निगम के गढ़वाल मंडल के डिपो की जांच का काम लगभग पूरा हो गया है। जबकि कुमायूं मंडल के डिपो में जांच चल रही है। वित्त नियंत्रक अपनी जांच रिपोर्ट निगम मुख्यालय को देंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। डिपो के सॉफ्टवेयर अपडेट का काम भी साथ-साथ चल रहा है।
विज्ञापन

विशेष श्रेणी के टिकटों में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पूरे प्रकरण की जांच बैठाई गई है। इसका प्रभार वित्त नियंत्रक पंकज तिवारी को सौंपा गया। इसके बाद वित्त नियंत्रक ने जांच अधिकारी नियुक्ति किए थे। पहले चरण में गढ़वाल मंडल के देहरादून ग्रामीण, देहरादून पर्वतीय व हरिद्वार समेत अन्य डिपो में जांच शुरू हुई। अधिकारियों के मुताबिक गढ़वाल मंडल के डिपो में जांच का काम पूरा हो गया है। अब टीम कुमायूं मंडल के डिपो में जांच कर रही है। 29 अप्रैल को जेएनएनयूआरएम काठगोदाम डिपो, 30 अप्रैल को भवाली डिपो, एक मई को रानीखेत, दो मई को अल्मोड़ा डिपो व तीन मई को हल्द्वानी डिपो में जांच की जाएगी। जांच टीम में निगम मुख्यालय के सहायक लेखाधिकारी प्रदीप जैन व मंडलीय प्रबंधक कार्यालय देहरादून मंडल के सहायक लेखाधिकारी रजनीश गुप्ता हैं। निगम मुख्यालय के अनुसार इस दौरान इन डिपो में साफ्टवेयर अपडेट करने का काम भी किया जाएगा। परिवहन निगम केे महाप्रबंधक संचालन-तकनीकी दीपक जैन के अनुसार सभी डिपो की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विज्ञापन

बिना फर्स्ट एड किट के दौड़ रही रोडवेज बसें
रुड़की। परिवहन निगम के अधिकारी यात्रियों की सुविधाओं को लेकर पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। निगम की अधिकतर बसों की फर्स्ट एड किट खाली पड़ी हुई हैं। बीच रास्ते जरूरत पड़ने पर यात्रियों को दवाएं नसीब नहीं हो रही हैं। इस संबंध में कई परिचालकों को कहना है कि डिपो से उन्हें दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नियम के मुताबिक यात्रा के दौरान परिवहन निगम की बसों में फर्स्ट एड किट होनी चाहिए। इस किट में लोशन, मरहम पट्टी का सामान, पेन किलर दवा, उल्टी व दस्त की दवाएं होती हैं। यात्रा के दौरान यात्री को चोट लगने या अन्य दिक्कत होने पर परिचालक दवा उपलब्ध कराता है। सफर के दौरान कई यात्रियों को उल्टी होने की शिकायत आम बात है। डिपो के अधिकारियों को परिचालक के ड्यूटी जाते वक्त दवा उपलब्ध करानी होती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अधिकतर बसें बिना फर्स्ट एड किट के संचालित हो रही हैं। रुड़की डिपो में 37 बसों का बेड़ा है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते यात्रियों के साथ-साथ परिचालक भी परेशान हैं। कई बार सफर के दौरान यात्री को दिक्कत होने पर परिचालकों को बीच रास्ते बस रोकनी पड़ रही हैं। इस संबंध में डिपो की जूनियर केंद्र प्रभारी रामकुमारी का कहना है कि परिचालकों को फर्स्ट एड किट उपलब्ध कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed