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आईआइटी रुड़की में तकनीकी महोत्सव का समापन
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। आईआईटीयंस ने रविवार को आईआईटी में हो रहे तकनीकी महोत्सव ‘काग्निजेंस’ को अलविदा कहा। कार्यक्रम के अंतिम दिन समापन समारोह में प्रधानमंत्री कार्यालय के सूचना अधिकारी शरत चंद्र मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने काग्निजेंस के सफल संचालन के लिए छात्रों को बधाई दी और पूरी टीम को सम्मानित किया।
महोत्सव के अंतिम दिन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के तहत ‘पृथ्वी’ कार्यक्रम लांच किया गया। इसके अंतर्गत प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके तहत प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें 15 टीमों ने भाग लिया और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर सुझाव भी दिए। यूएनडीपी के एस बालचंद्रन ने कहा कि प्लास्टिक की समस्या को हल किया जा सकता है। इसके लिए इंडस्ट्रीज को नए आइडिया प्रदान करने होंगे। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए मंथन कर रही है। राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित आईआईटी की पूर्व छात्रा पूर्णिमा गुप्ता ने अपनी बायोग्राफी किताब ‘माय राइट टू राइट’ पर छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा की यह किताब एक महिला के संघर्ष की कहानी को दर्शाती है। जो समाज की जंजीरों में रहकर अपने सपनों को साकार करती है। उन्होंने कहा की जीवन में उतार चढ़ाव आते रहेंगे लेकिन हार नहीं माननी चाहिए। आखिरी दिन डीजे लास्ट की धुन पर आईआईटीयंस थिरकते नजर आए। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई गईं।
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महोत्सव के अंतिम दिन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के तहत ‘पृथ्वी’ कार्यक्रम लांच किया गया। इसके अंतर्गत प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके तहत प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें 15 टीमों ने भाग लिया और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर सुझाव भी दिए। यूएनडीपी के एस बालचंद्रन ने कहा कि प्लास्टिक की समस्या को हल किया जा सकता है। इसके लिए इंडस्ट्रीज को नए आइडिया प्रदान करने होंगे। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए मंथन कर रही है। राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित आईआईटी की पूर्व छात्रा पूर्णिमा गुप्ता ने अपनी बायोग्राफी किताब ‘माय राइट टू राइट’ पर छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा की यह किताब एक महिला के संघर्ष की कहानी को दर्शाती है। जो समाज की जंजीरों में रहकर अपने सपनों को साकार करती है। उन्होंने कहा की जीवन में उतार चढ़ाव आते रहेंगे लेकिन हार नहीं माननी चाहिए। आखिरी दिन डीजे लास्ट की धुन पर आईआईटीयंस थिरकते नजर आए। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई गईं।
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