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परिवहन निगम के अधिकारियों के ठेंगे पर जीएम के आदेश
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:24 AM IST
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रुड़की। जीएम के आदेश का परिवहन निगम के अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। बीते दिनों निगम मुख्यालय ने विशेष श्रेणी के टिकटों में घोटाले को लेकर प्रदेश के सभी डिपो को पत्र जारी कर विशेष श्रेणी की यात्राओं का ब्योरा तलब किया था, लेकिन किसी डिपो के अधिकारी ने इन यात्राओं का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया है। जीएम ने दोबारा आदेश जारी करते हुए प्रदेश के सभी डिपो के एजीएम से तीन दिनों के भीतर इन यात्राओं का ब्योरा देने के निर्देश दिए हैं। उक्त समय सीमा में जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर गलती के लिए अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उच्च अधिकारियों से संस्तुति की जाएगी।
एक जनवरी 2018 से 31 मार्च 2018 तक की विशेष श्रेणी की यात्राओं में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ। मामला सामने आने पर परिवहन निगम के महाप्रबंधक दीपक जैन ने 31 मार्च को सभी डिपो को पत्र जारी करते हुए यात्राओं का ब्योरा तलब किया था। पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा था कि विशेष श्रेणी की यात्राओं में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है। 11 दिन बीतने के बावजूद किसी डिपो के अधिकारियों नेे इन यात्राओं का ब्योरा निगम मुख्यालय को नहीं भेज है। अधिकारियों के रवैये से खफा जीएम ने दोबारा पत्र का हवाला देते हुए प्रदेश के सभी डिपो के अधिकारियों को विशेष श्रेणी यात्राओं संबंधी जानकारी तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा गया है जो अधिकारी उक्त अवधि में जानकारी नहीं देंगे तो गलती के लिए उन अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उच्च अधिकारियों को मामले की संस्तुति की जाएगी।
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एक जनवरी 2018 से 31 मार्च 2018 तक की विशेष श्रेणी की यात्राओं में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ। मामला सामने आने पर परिवहन निगम के महाप्रबंधक दीपक जैन ने 31 मार्च को सभी डिपो को पत्र जारी करते हुए यात्राओं का ब्योरा तलब किया था। पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा था कि विशेष श्रेणी की यात्राओं में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है। 11 दिन बीतने के बावजूद किसी डिपो के अधिकारियों नेे इन यात्राओं का ब्योरा निगम मुख्यालय को नहीं भेज है। अधिकारियों के रवैये से खफा जीएम ने दोबारा पत्र का हवाला देते हुए प्रदेश के सभी डिपो के अधिकारियों को विशेष श्रेणी यात्राओं संबंधी जानकारी तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा गया है जो अधिकारी उक्त अवधि में जानकारी नहीं देंगे तो गलती के लिए उन अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उच्च अधिकारियों को मामले की संस्तुति की जाएगी।
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