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बाहरी गन्ने का भुगतान 40 दिन में, अपनों का पता नहीं
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:29 AM IST
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रुड़की। जिले के किसानों का शुगर मिलों पर इस पेराई सत्र का 182 करोड़ रुपया बकाया हैं। जिसके चलते किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। किसान भुगतान को लेकर दर-दर भटक रहे हैं।
लिब्बरहेड़ी शुगर मिल ने 28 अक्टूबर को पेराई सत्र की शुरूआत की थी। इसके बाद छह नवंबर को इकबालपुर और दस नवंबर को लक्सर शुगर मिल ने पेराई सत्र की शुरूआत की थी। इसके बाद से जिले की तीनों शुगर मिलों के साथ डोईवाला की शुगर मिल भी किसानों का गन्ना खरीद रही है। किसान भी अपनी सुविधा के अनुसार शुगर मिलों को गन्ना बेच रहे हैं। शुगर मिलें धीरे-धीरे भुगतान कर रही हैं, लेकिन मिले अधिकतर भुगतान दबाए बैठी है। भुगतान की स्थिति पर नजर डाले तो लक्सर 30 नवंबर, लिब्बरहेड़ी सात दिसंबर और इकबालपुर शुगर मिल ने 10 नवंबर तक का भुगतान जारी कर दिया है। इसके बाद भी लक्सर शुगर मिल पर किसानों का 61 करोड़, लिब्बरहेड़ी पर 43 करोड़, इकबालपुर शुगर मिल पर 71 करोड़ और डोईवाला शुगर मिल पर तीन करोड़ 98 लाख का भुगतान बकाया है। जिसके चलते जिले के किसानों का चारों मिलों पर 182.98 करोड़ रुपया बकाया हैं। संदीप कुमार, जसवीर सिंह, प्रदीप तोमर, रामकुमार आदि का कहना है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम तो मिलता ही नहीं है, जो मिलता है उसका कोई निर्धारित समय नहीं है। जिसके चलते किसानों के हितों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा हैं।
बाहरियों पर मेहरबान, अपनों की उपेक्षा
रुड़की। इकबालपुर गन्ना समिति के कार्यालय में आयोजित बैठक में बाहरी गन्ने के भुगतान के मुद्दे ने तूल पकड़ा। किसानों का आरोप था कि बाहरी गन्ने का भुगतान 40 दिनों में किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय किसानों के भुगतान का कुछ पता नहीं हैं।
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इकबालपुर गन्ना समिति में किसानों और शुगर मिल के अधिकारियों के मध्य हुई वार्ता में बाहरी गन्ने के भुगतान के मुद्दे ने खासा तूल पकड़ा। इस दौरान किसानों का कहना था कि शुगर मिल के अधिकारी बाहरी गन्ने को 40 दिन में भुगतान करने के आश्वासन पर खरीद रहा है, जिसके चलते कुछ बाहरी गन्ने का भुगतान किया भी जा चुका है, लेकिन स्थानीय किसानों को विगत सत्र का भुगतान भी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि शुगर मिलें अपने इस रैवये में सुधार नहीं लाता है, तो वह दिन दूर नहीं जब किसान शुगरमिल से किनारा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि यदि शुगर मिल स्थानीय किसानों के साथ भेदभाव करती रहीं, तो किसान किसी अन्य शुगर मिल का रुख कर लेंगे। जिससे शुगर मिल और किसान दोनों को काफी नुकसान होगा। उन्होंने शुगर मिल के अधिकारियों से मांग की है कि वह चालू पेराई सत्र के भुगतान की स्थिति को स्पष्ट करें। जिस पर शुगरमिल के अधिकारियों ने कहा कि पहले स्थानीय किसानों का भुगतान किया जाएगा। जिसके बाद बाहरी किसानों के गन्ने का भुगतान किया जाएगा।
बाहरी गन्ने का रेट सार्वजनिक करें शुगर मिल
बैठक के दौरान एक किसान ने यह भी मुद्दा रखा कि शुगर मिल बाहरी गन्ने को किस रेट पर खरीद रहा है। उसे सार्वजनिक किया जाए। जिस पर शुगरमिल के अधिकारियों ने यह कहते हुए पीछा छुड़ाया कि बाहरी गन्ने का रेट, स्थानीय किसानों के गन्ने से ज्यादा नहीं दिया जा रहा हैं, लेकिन बाहरी गन्ने के रेट को शुगर मिल के अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं किया हैं।
कोहरे के कारण अनियंत्रित ट्रक पलटा, धू-धू कर जला
सुल्तानपुर(ब्यूरो)। घने कोहरे में शुक्रवार की रात गन्ने से भरा एक ट्रक सड़क किनारे खाई में पलट गया। इस दौरान बिजली के तारों की चपेट में आ जाने के कारण उसमें आग लग गई और पूरा ट्रक गन्ने समेत जल गया। बिजली की लाइन से टकरा जाने से आग लग गई। ट्रक चालक और परिचालक ने किसी तरह कूद कर अपनी जान बचाई। सुबह ट्रक को खाई से निकालने के प्रयास किए जाते रहे।
शुक्रवार की रात करीब नौ बजे गन्नों से लदा एक ट्रक सुल्तानपुर से लक्सर की ओर जा रहा था। ट्रक जैसे ही सुल्तानपुर के पास बेगम नदी पुल के पास पहुंचा तो घने कोहरे के चलते ट्रक चालक को रास्ता नहीं दिखाई दिया। जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया और बिजली की लाइन से टकराकर पलट गया। जिसके बाद ट्रक में करंट आने पर ट्रक में आग लग गई। थोड़ी देर में ही ट्रक और गन्ना जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि ट्रक को पलटता देख समय रहते चालक और परिचालक ने ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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लिब्बरहेड़ी शुगर मिल ने 28 अक्टूबर को पेराई सत्र की शुरूआत की थी। इसके बाद छह नवंबर को इकबालपुर और दस नवंबर को लक्सर शुगर मिल ने पेराई सत्र की शुरूआत की थी। इसके बाद से जिले की तीनों शुगर मिलों के साथ डोईवाला की शुगर मिल भी किसानों का गन्ना खरीद रही है। किसान भी अपनी सुविधा के अनुसार शुगर मिलों को गन्ना बेच रहे हैं। शुगर मिलें धीरे-धीरे भुगतान कर रही हैं, लेकिन मिले अधिकतर भुगतान दबाए बैठी है। भुगतान की स्थिति पर नजर डाले तो लक्सर 30 नवंबर, लिब्बरहेड़ी सात दिसंबर और इकबालपुर शुगर मिल ने 10 नवंबर तक का भुगतान जारी कर दिया है। इसके बाद भी लक्सर शुगर मिल पर किसानों का 61 करोड़, लिब्बरहेड़ी पर 43 करोड़, इकबालपुर शुगर मिल पर 71 करोड़ और डोईवाला शुगर मिल पर तीन करोड़ 98 लाख का भुगतान बकाया है। जिसके चलते जिले के किसानों का चारों मिलों पर 182.98 करोड़ रुपया बकाया हैं। संदीप कुमार, जसवीर सिंह, प्रदीप तोमर, रामकुमार आदि का कहना है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम तो मिलता ही नहीं है, जो मिलता है उसका कोई निर्धारित समय नहीं है। जिसके चलते किसानों के हितों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा हैं।
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बाहरियों पर मेहरबान, अपनों की उपेक्षा
रुड़की। इकबालपुर गन्ना समिति के कार्यालय में आयोजित बैठक में बाहरी गन्ने के भुगतान के मुद्दे ने तूल पकड़ा। किसानों का आरोप था कि बाहरी गन्ने का भुगतान 40 दिनों में किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय किसानों के भुगतान का कुछ पता नहीं हैं।
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इकबालपुर गन्ना समिति में किसानों और शुगर मिल के अधिकारियों के मध्य हुई वार्ता में बाहरी गन्ने के भुगतान के मुद्दे ने खासा तूल पकड़ा। इस दौरान किसानों का कहना था कि शुगर मिल के अधिकारी बाहरी गन्ने को 40 दिन में भुगतान करने के आश्वासन पर खरीद रहा है, जिसके चलते कुछ बाहरी गन्ने का भुगतान किया भी जा चुका है, लेकिन स्थानीय किसानों को विगत सत्र का भुगतान भी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि शुगर मिलें अपने इस रैवये में सुधार नहीं लाता है, तो वह दिन दूर नहीं जब किसान शुगरमिल से किनारा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि यदि शुगर मिल स्थानीय किसानों के साथ भेदभाव करती रहीं, तो किसान किसी अन्य शुगर मिल का रुख कर लेंगे। जिससे शुगर मिल और किसान दोनों को काफी नुकसान होगा। उन्होंने शुगर मिल के अधिकारियों से मांग की है कि वह चालू पेराई सत्र के भुगतान की स्थिति को स्पष्ट करें। जिस पर शुगरमिल के अधिकारियों ने कहा कि पहले स्थानीय किसानों का भुगतान किया जाएगा। जिसके बाद बाहरी किसानों के गन्ने का भुगतान किया जाएगा।
बाहरी गन्ने का रेट सार्वजनिक करें शुगर मिल
बैठक के दौरान एक किसान ने यह भी मुद्दा रखा कि शुगर मिल बाहरी गन्ने को किस रेट पर खरीद रहा है। उसे सार्वजनिक किया जाए। जिस पर शुगरमिल के अधिकारियों ने यह कहते हुए पीछा छुड़ाया कि बाहरी गन्ने का रेट, स्थानीय किसानों के गन्ने से ज्यादा नहीं दिया जा रहा हैं, लेकिन बाहरी गन्ने के रेट को शुगर मिल के अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं किया हैं।
कोहरे के कारण अनियंत्रित ट्रक पलटा, धू-धू कर जला
सुल्तानपुर(ब्यूरो)। घने कोहरे में शुक्रवार की रात गन्ने से भरा एक ट्रक सड़क किनारे खाई में पलट गया। इस दौरान बिजली के तारों की चपेट में आ जाने के कारण उसमें आग लग गई और पूरा ट्रक गन्ने समेत जल गया। बिजली की लाइन से टकरा जाने से आग लग गई। ट्रक चालक और परिचालक ने किसी तरह कूद कर अपनी जान बचाई। सुबह ट्रक को खाई से निकालने के प्रयास किए जाते रहे।
शुक्रवार की रात करीब नौ बजे गन्नों से लदा एक ट्रक सुल्तानपुर से लक्सर की ओर जा रहा था। ट्रक जैसे ही सुल्तानपुर के पास बेगम नदी पुल के पास पहुंचा तो घने कोहरे के चलते ट्रक चालक को रास्ता नहीं दिखाई दिया। जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया और बिजली की लाइन से टकराकर पलट गया। जिसके बाद ट्रक में करंट आने पर ट्रक में आग लग गई। थोड़ी देर में ही ट्रक और गन्ना जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि ट्रक को पलटता देख समय रहते चालक और परिचालक ने ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।