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Roorkee News: 36 घंटे तक पानी के लिए तरसी 12 हजार की आबादी
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आजादनगर, राजेंद्रनगर, कृष्णानगर और ब्लॉक कॉलाेनी में नहीं हुई पानी की सप्लाई
सलेमपुर के पास स्थित ट्यूबवेल से जुड़े आजादनगर, राजेंद्रनगर, कृष्णानगर और ब्लाॅक की कॉलाेनी में 36 घंटे से पानी की सप्लाई नहीं हुई है। इसके चलते करीब 12 हजार की आबादी के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है।
आजादनगर, राजेंद्रनगर, कृष्णानगर और ब्लाॅक कॉलाेनी में सलेमपुर स्थित ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई होती है। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते ट्यूबवेल के पीछे बने तालाब में पानी ओवरफ्लो हो गया। इसके बाद ये पानी ट्यूबवेल तक आ पहुंचा और कक्ष में भर गया। इसके चलते ट्यूबवेल की मोटर पानी में पूरी तरह डूब गई। ट्यूबवेल नहीं चलने से इन कॉलोनियों में पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। 36 घंटे से यहां पानी नहीं आया है।
ट्यूबवेल लगाने का विरोध न करते तो मिलता पानी
जलसंस्थान ने ट्यूबवेल की इसी स्थिति को देखते हुए सलेमपुर के पास एक नए ट्यूबवेल का प्रस्ताव भेजा था। शासन से अनुमति भी मिल गई थी। करीब एक महीने पहले जलसंस्थान ने यहां ट्यूबवेल लगाने का काम भी शुरू कर दिया था, लेकिन कुछ राजनीतिक लोगों के बहकावे में आकर लोगों ने इस ट्यूबवेल के काम को रुकवा दिया था। जलसंस्थान के जेई हिमांशु त्यागी का कहना है कि यदि ट्यूबवेल लगाने का काम पूरा हो जाता तो आज किसी भी कॉलोनी में पानी की समस्या न होती। फिलहाल ट्यूबवेल से पानी निकालकर मोटर चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सलेमपुर के पास स्थित ट्यूबवेल से जुड़े आजादनगर, राजेंद्रनगर, कृष्णानगर और ब्लाॅक की कॉलाेनी में 36 घंटे से पानी की सप्लाई नहीं हुई है। इसके चलते करीब 12 हजार की आबादी के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है।
आजादनगर, राजेंद्रनगर, कृष्णानगर और ब्लाॅक कॉलाेनी में सलेमपुर स्थित ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई होती है। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते ट्यूबवेल के पीछे बने तालाब में पानी ओवरफ्लो हो गया। इसके बाद ये पानी ट्यूबवेल तक आ पहुंचा और कक्ष में भर गया। इसके चलते ट्यूबवेल की मोटर पानी में पूरी तरह डूब गई। ट्यूबवेल नहीं चलने से इन कॉलोनियों में पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। 36 घंटे से यहां पानी नहीं आया है।
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ट्यूबवेल लगाने का विरोध न करते तो मिलता पानी
जलसंस्थान ने ट्यूबवेल की इसी स्थिति को देखते हुए सलेमपुर के पास एक नए ट्यूबवेल का प्रस्ताव भेजा था। शासन से अनुमति भी मिल गई थी। करीब एक महीने पहले जलसंस्थान ने यहां ट्यूबवेल लगाने का काम भी शुरू कर दिया था, लेकिन कुछ राजनीतिक लोगों के बहकावे में आकर लोगों ने इस ट्यूबवेल के काम को रुकवा दिया था। जलसंस्थान के जेई हिमांशु त्यागी का कहना है कि यदि ट्यूबवेल लगाने का काम पूरा हो जाता तो आज किसी भी कॉलोनी में पानी की समस्या न होती। फिलहाल ट्यूबवेल से पानी निकालकर मोटर चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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