{"_id":"5a4bd4b64f1c1bce6d8b7863","slug":"11514919094-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंग लाई मुहिम, तीमारदारों के लिए खाली हुआ रैन बसेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रंग लाई मुहिम, तीमारदारों के लिए खाली हुआ रैन बसेरा
Updated Wed, 03 Jan 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। आखिरकार अमर उजाला की मुहिम रंग लाई। सिविल अस्पताल में रोटरी क्लब रुड़की मिडटाउन की ओर से तीमारदारों के लिए बनाए गए रैन बसेरे को पीएसी ने कब्जामुक्त कर दिया। मंगलवार को खबर प्रकाशित होते ही एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने इसका संज्ञान लिया और चंद घंटे बाद ही रैन बसेरे को खाली कराकर अस्पताल प्रबंधन को इसकी चाबी सौंप दी गई।
गौरतलब है कि समाजसेवी संस्था रोटरी क्लब रुड़की मिडटाउन की ओर से मई 2015 में सिविल अस्पातल में मरीजों के तीमारदारों और जरूरतमंदों के लिए रैन बसेरे का निर्माण कराया गया था। लेकिन पिछले करीब पांच महीने से यहां पीएसी के जवानों ने कब्जा जमा लिया था। स्थिति यह थी कि तीमारदार कड़ाके की ठंड में इधर उधर रात गुजारने को मजबूर थे। इसे लेकर अमर उजाला की ओर से अभियान चलाया जा रहा था। जिसे लेकर करीब एक सप्ताह पहले एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने रैन बसेरे को खाली करने के आदेश पीएसी को दिए थे। लेकिन पीएसी टालमटोल कर रही थी। मंगलौर को फिर से खबर प्रकाशित होने के बाद एसपी देहात का पारा चढ़ गया। उन्होंने तुरंत रैन बसेरे को खाली करने का अल्टीमेटम दिया। जिस पर पीएसी ने मंगलवार दोपहर 11 बजे रैन बसेरे को खाली कर सामान को बोट क्लब स्थित ट्रैफिक पुलिस लाइन में शिफ्ट कर दिया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि रैन बसेरे को खाली करा दिया गया है। अब अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि समाजसेवी संस्था रोटरी क्लब रुड़की मिडटाउन की ओर से मई 2015 में सिविल अस्पातल में मरीजों के तीमारदारों और जरूरतमंदों के लिए रैन बसेरे का निर्माण कराया गया था। लेकिन पिछले करीब पांच महीने से यहां पीएसी के जवानों ने कब्जा जमा लिया था। स्थिति यह थी कि तीमारदार कड़ाके की ठंड में इधर उधर रात गुजारने को मजबूर थे। इसे लेकर अमर उजाला की ओर से अभियान चलाया जा रहा था। जिसे लेकर करीब एक सप्ताह पहले एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने रैन बसेरे को खाली करने के आदेश पीएसी को दिए थे। लेकिन पीएसी टालमटोल कर रही थी। मंगलौर को फिर से खबर प्रकाशित होने के बाद एसपी देहात का पारा चढ़ गया। उन्होंने तुरंत रैन बसेरे को खाली करने का अल्टीमेटम दिया। जिस पर पीएसी ने मंगलवार दोपहर 11 बजे रैन बसेरे को खाली कर सामान को बोट क्लब स्थित ट्रैफिक पुलिस लाइन में शिफ्ट कर दिया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि रैन बसेरे को खाली करा दिया गया है। अब अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
विज्ञापन