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गन्ना समितियों के गोदामों पर पहुंची कोराजन दवाई
Updated Sun, 06 May 2018 12:24 AM IST
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रुड़की। गन्ने की फसल को विभिन्न रोगों से बचाने वाली कोराजन दवा गन्ना समितियों के गोदामों में पहुंच गई है। किसान, इस दवा को खरीदकर 25 प्रतिशत सब्सिडी प्राप्त कर सकता है।
गन्ने की खेती के लिए कोराजन मुख्य दवा मानी जाती है। इस दवा से जहां सॉयल (मृदा) ट्रीटमेंट होता है, वहीं गन्ने को बोरर रोगों से बचाने में भी सहायक है। कई सालों से गन्ना विभाग इस दवा को गन्ना समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध करा रहा है। किसान इसका उपयोग मई और जून में गन्ने की फसल को रोगों से बचाने के लिए करता है। इस वर्ष के लिए जिले में 450 लीटर कोराजन दवा पहुंच चुकी है। कम पड़ती है तो दवा फिर मंगाई जाएगी। इस दवा पर गन्ना विकास परिषद किसानों को 25 प्रतिशत सब्सिडी देती है। इसके अलावा जहां किसान, समिति के गोदाम से दवाई को खरीदकर सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं, वहीं गोदाम से खरीदी गई कोराजन गुणवत्ता में भी निजी दुकानों से बेहद अच्छी मानी जाती है।
1960 रुपयों प्रति यूनिट है मूल्य
कोराजन की एक यूनिट में 150 मिलीलीटर दवा होती है। यह दवा समिति को 1850 रुपये में मिलती है। इस पर जीएसटी और समिति का लाभ आदि जोड़ने पर किसानों को यह दवा 1960 रुपये प्रति यूनिट पड़ती है।
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गन्ना समितियों के गोदामों पर कोराजन दवा पहुंच चुकी है। किसान गोदाम से दवाई प्राप्त कर सकते हैं। जो किसान गोदाम से दवाई खरीदता है उसे बाद में गन्ना विकास परिषद की ओर से 25 प्रतिशत की सब्सिडी देता है।
आशीष नेगी, डीसीओ, हरिद्वार
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गन्ने की खेती के लिए कोराजन मुख्य दवा मानी जाती है। इस दवा से जहां सॉयल (मृदा) ट्रीटमेंट होता है, वहीं गन्ने को बोरर रोगों से बचाने में भी सहायक है। कई सालों से गन्ना विभाग इस दवा को गन्ना समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध करा रहा है। किसान इसका उपयोग मई और जून में गन्ने की फसल को रोगों से बचाने के लिए करता है। इस वर्ष के लिए जिले में 450 लीटर कोराजन दवा पहुंच चुकी है। कम पड़ती है तो दवा फिर मंगाई जाएगी। इस दवा पर गन्ना विकास परिषद किसानों को 25 प्रतिशत सब्सिडी देती है। इसके अलावा जहां किसान, समिति के गोदाम से दवाई को खरीदकर सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं, वहीं गोदाम से खरीदी गई कोराजन गुणवत्ता में भी निजी दुकानों से बेहद अच्छी मानी जाती है।
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1960 रुपयों प्रति यूनिट है मूल्य
कोराजन की एक यूनिट में 150 मिलीलीटर दवा होती है। यह दवा समिति को 1850 रुपये में मिलती है। इस पर जीएसटी और समिति का लाभ आदि जोड़ने पर किसानों को यह दवा 1960 रुपये प्रति यूनिट पड़ती है।
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गन्ना समितियों के गोदामों पर कोराजन दवा पहुंच चुकी है। किसान गोदाम से दवाई प्राप्त कर सकते हैं। जो किसान गोदाम से दवाई खरीदता है उसे बाद में गन्ना विकास परिषद की ओर से 25 प्रतिशत की सब्सिडी देता है।
आशीष नेगी, डीसीओ, हरिद्वार