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नंबर वन रैंकिंग में रुड़कीवासियों की रायशुमारी होगी अहम
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:45 PM IST
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रुड़की। आपसे पूछे गए छह सवाल स्वच्छता के मामले में रुड़की को प्रदेश में नंबर वन के खिताब के लिए 1400 अंक दिला सकते हैं। ऐसे में अब रुड़की का खिताब जनता के पाले में आ गया है। नगर निगम के अधिकारियों की निगाहें भी अब जनता पर टिक गई है। इसके अलावा शहर में साफ सफाई की स्थिति और निगम कार्यालय में कामकाज की तकनीक के इस्तेमाल के भी खास मायने होंगे।
देश के शहरों की स्वच्छता रैकिंग तय करने के लिए बृहस्पतिवार को केंद्र की टीम रुड़की पहुंच चुकी है। एक सप्ताह तक टीम यहां रहकर निर्धारित बिंदुओं पर नगर निगम को अंक देगी। जिसके बाद रैंकिंग तय होगी। पिछले साल हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में रुड़की नगर निगम प्रदेश में नंबर वन पर था। इस बार भी निगम की ओर से ढेरों तैयारियां की गई लेकिन अब असल परीक्षा की बारी है। इस परीक्षा में न केवल नगर निगम बल्कि स्थानीय जनता भी शामिल होगी। स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों के अनुसार किसी एक शहर को मिलने वाले कुल अंकों के एक तिहाई अंक जनता की रायशुमारी के आधार पर मिलने हैं। जिसके तहत जनता से 1400 अंकों के छह प्रश्र पूछने के बाद अपने अंक देगी। इसके अलावा कुल अंकों के तिहाई अंक शहर में धरातल पर दिखाई देने वाली साफ सफाई व्यवस्था तथा एक तिहाई अंक आफिस में कामकाज के तौर तरीकों का आकलन कर दिए जाएंगे। जनता से पूछे जाने वाले सवालों में सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ेदान की कितनी सफाई होती है, क्या कूड़े श्रेणी के हिसाब से उन्हें अलग-अलग कलेक्ट किया जाता है, क्या आप डोर टू डोर कूड़ा कलेक्ट करने की प्रणाली से संतुष्ट हैं, पिछले साल की तुलना में सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ी है या नहीं, क्या सार्वजनिक शौचालय पहले से ज्यादा साफ रहते हैं या नहीं। इन सवालों के जवाब पर काफी हद तक रुड़की की रैंकिंग तय होगी।
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देश के शहरों की स्वच्छता रैकिंग तय करने के लिए बृहस्पतिवार को केंद्र की टीम रुड़की पहुंच चुकी है। एक सप्ताह तक टीम यहां रहकर निर्धारित बिंदुओं पर नगर निगम को अंक देगी। जिसके बाद रैंकिंग तय होगी। पिछले साल हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में रुड़की नगर निगम प्रदेश में नंबर वन पर था। इस बार भी निगम की ओर से ढेरों तैयारियां की गई लेकिन अब असल परीक्षा की बारी है। इस परीक्षा में न केवल नगर निगम बल्कि स्थानीय जनता भी शामिल होगी। स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों के अनुसार किसी एक शहर को मिलने वाले कुल अंकों के एक तिहाई अंक जनता की रायशुमारी के आधार पर मिलने हैं। जिसके तहत जनता से 1400 अंकों के छह प्रश्र पूछने के बाद अपने अंक देगी। इसके अलावा कुल अंकों के तिहाई अंक शहर में धरातल पर दिखाई देने वाली साफ सफाई व्यवस्था तथा एक तिहाई अंक आफिस में कामकाज के तौर तरीकों का आकलन कर दिए जाएंगे। जनता से पूछे जाने वाले सवालों में सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ेदान की कितनी सफाई होती है, क्या कूड़े श्रेणी के हिसाब से उन्हें अलग-अलग कलेक्ट किया जाता है, क्या आप डोर टू डोर कूड़ा कलेक्ट करने की प्रणाली से संतुष्ट हैं, पिछले साल की तुलना में सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ी है या नहीं, क्या सार्वजनिक शौचालय पहले से ज्यादा साफ रहते हैं या नहीं। इन सवालों के जवाब पर काफी हद तक रुड़की की रैंकिंग तय होगी।
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